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Etah News: बुजुर्ग को नशीली दवाएं देकर जमीन-मकान का बैनामा कराया
Sun, 17 Aug 2025 06:02 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 17 Aug 2025 06:02 PM IST
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जलेसर। एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं देकर जमीन-मकान का बैनामा करा लिया गया। क्षेत्र के गांव सरायनीम निवासी भतीजे समीर पचौरी की शिकायत को जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने गंभीरता से लिया। उनके आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
समीर पचौरी ने बताया वह परिवार संग गुजरात के शहर अहमदाबाद में रहते हैं। गांव में उनके बुजुर्ग चाचा गजेंद्र मोहन पचौरी वर्ष 2015 से अकेले रह रहे हैं। पड़ोसी रविदत्त कौशिक, भोली शर्मा और धर्मेंद्र कुमार ने साजिश के तहत चाचा से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया दोनों समय का भोजन कराने लगे। भोजन में नशीली दवाएं देने से चाचा मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ्य रहने लगे।
बीमार रहने पर चाचा इन लोगों पर पूरी तरह निर्भर हो गए। देखभाल के बहाने रविदत्त चाचा को अपने घर पर रखने लगे। 30 जुलाई 2025 को आरोपियों ने उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए बिना किसी भुगतान के पैतृक कृषि भूमि के आधे हिस्से और पैतृक मकान को प्लॉट दर्शाकर बैनामा करा लिया। जानकारी पर समीर 12 अगस्त को अहमदाबाद से गांव पहुंचे।
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समीर ने बताया बहुत अनुरोध करने पर रविदत्त दो घंटे बाद चाचा का व्हील चेयर पर लेकर बाहर लाए। बेहोशी की हालत में चाचा को देख उन्हें घर ले आए। अकेले में बात करने पर चाचा ने उनको गांव से बाहर ले जाने की बात कही। चाचा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। चाचा ने बताया कि उन्होंने कोई जमीन नहीं बेची है और न किसी कागज पर हस्ताक्षर किए हैं।
कोतवाली प्रभारी डॉ. सुधीर राघव ने बताया कि समीर की तहरीर पर रविदत्त कौशिक, धर्मेंद्र कुमार, विक्रम पचौरी, नवीन गौड और भोली शर्मा पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जिलाधिकारी के आदेश पर तहसील में नामांतरण प्रक्रिया पर रोक लगाने को कहा गया है।
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समीर पचौरी ने बताया वह परिवार संग गुजरात के शहर अहमदाबाद में रहते हैं। गांव में उनके बुजुर्ग चाचा गजेंद्र मोहन पचौरी वर्ष 2015 से अकेले रह रहे हैं। पड़ोसी रविदत्त कौशिक, भोली शर्मा और धर्मेंद्र कुमार ने साजिश के तहत चाचा से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया दोनों समय का भोजन कराने लगे। भोजन में नशीली दवाएं देने से चाचा मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ्य रहने लगे।
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बीमार रहने पर चाचा इन लोगों पर पूरी तरह निर्भर हो गए। देखभाल के बहाने रविदत्त चाचा को अपने घर पर रखने लगे। 30 जुलाई 2025 को आरोपियों ने उनकी मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए बिना किसी भुगतान के पैतृक कृषि भूमि के आधे हिस्से और पैतृक मकान को प्लॉट दर्शाकर बैनामा करा लिया। जानकारी पर समीर 12 अगस्त को अहमदाबाद से गांव पहुंचे।
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समीर ने बताया बहुत अनुरोध करने पर रविदत्त दो घंटे बाद चाचा का व्हील चेयर पर लेकर बाहर लाए। बेहोशी की हालत में चाचा को देख उन्हें घर ले आए। अकेले में बात करने पर चाचा ने उनको गांव से बाहर ले जाने की बात कही। चाचा को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। चाचा ने बताया कि उन्होंने कोई जमीन नहीं बेची है और न किसी कागज पर हस्ताक्षर किए हैं।
कोतवाली प्रभारी डॉ. सुधीर राघव ने बताया कि समीर की तहरीर पर रविदत्त कौशिक, धर्मेंद्र कुमार, विक्रम पचौरी, नवीन गौड और भोली शर्मा पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही जिलाधिकारी के आदेश पर तहसील में नामांतरण प्रक्रिया पर रोक लगाने को कहा गया है।