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Etah News: पुलिस साबित नहीं कर सकी बाइक चोर गैंग की कहानी

Fri, 23 Aug 2024 10:13 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Fri, 23 Aug 2024 10:13 PM IST
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Police could not prove the story of bike thief gang
एटा। कोतवाली देहात थाना पुलिस ने करीब 13 साल पहले पांच लोगों को पकड़ा। इन्हें बाइक चोर गैंग बताया। 20 बाइकें बरामद की गईं, लेकिन यह कहानी अदालत में नहीं चल सकी, पुलिस ही इसे साबित नहीं कर सकी। कागजी कार्रवाई में तमाम झोल मिले। अदालत ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। जबकि दो की फाइल अलग चल रही है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली देहात के तत्कालीन प्रभारी राकेश कुमार अवस्थी ने सूचना मिलने पर टीम सहित आगरा रोड स्थित जावड़ा चौकी के पास चेकिंग शुरू की। अलग-अलग बाइकों पर आ रहे 5 लोगों को रोकने की कोशिश की तो वह बाइक भगाने लगे। पीछा कर उन्हें घेरा तो बाइक छोड़कर भागने लगे। पुलिस टीम ने इनको पकड़ा तो धक्का-मुक्की, गालीगलौज करते हुए भागने की कोशिश की। इनकी पहचान अमर सिंह निवासी गोकुलपुर थाना निधौली कलां, सर्वेश कुमार निवासी भदुआ थाना पिलुआ, योगेंद्र सिंह उर्फ मोनू निवासी सुंदर का नगला जिला इटावा, ओमप्रकाश निवासी भुर्रगा जिला हाथरस और सुभाष निवासी गठुर्रा थाना पिलुआ के रूप में हुई।
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इन लोगों से चोरी की 5 मोटरसाइकिल बरामद की गईं। जबकि चोरी की 15 मोटसाइकिलें निधौली कलां में अमर सिंह मिस्त्री की दुकान के पीछे प्लाॅट में छिपाकर रखा जाना बताया। पुलिस ने इन सभी को बरामद कर लिया। पूछताछ में यह भी बताया कि मोटरसाइकिलों को चोरी कर आगरा ले जाकर बेचते हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान योगेंद्र और ओमप्रकाश के हाजिर न होने पर इनकी फाइल अलग कर दी गई।
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अदालत में गवाही के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी बचाव पक्ष के सवालों में फंसते नजर आए। उन्होंने चोरों की सूचना मिलने का समय रात 8:30 और पकड़े जाने का समय रात 9:45 दिखाया था। सूचना मिलने के समय वह जेडएच कॉलेज पर थे। इससे घटनास्थल की दूरी लगभग 4 किमी बताई। इस दूरी को तय करने में सवाल घंटे का समय लगना असंभव माना गया। इसके अलावा बाइकें बरामद करने के लिए जाने की जीडी दर्ज नहीं मिली। निधौली कलां थाने को भी यह सूचना नहीं दी गई। अन्य पुलिस कर्मियों से जिरह के दौरान भी इन सवालों के जवाब नहीं मिल सके। अपर सत्र न्यायाधीश सुधा ने माना कि अभियोजन की कहानी संदिग्ध है। तीनों आरोपों से दोषमुक्त किए जाने योग्य हैं।
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