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मिट्टी की धाय गिरने से युवती की मौत, दो महिलाएं घायल
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एटा। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव हिम्मत नगर बझेड़ा में मंगलवार सुबह करीब सात बजे मिट्टी की ढाय गिरने से उसमें दबीं किशोरी व युवती को एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने निकाल पाया। तब तक उन्हें कोई प्रशासनिक मदद भी नहीं मिली। इसी के चलते विनीता की मौत हो गई और काता देवी गंभीर रुप से घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए अलीगढ़ रेफर किया गया है।
हादसे के समय मौजूद वीरेश कुमार ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी काजल रिश्ते की भतीजी विनीता (22) और गांव की सावित्री देवी पत्नी पुष्पेंद्र और पड़ोसी गांव गढ़िया परसादपुर निवासी कांता देवी पत्नी चरन सिंह उर्फ पप्पू नहर किनारे पीली मिट्टी लेने गईं थीं। काजल मिट्टी निकाल रही थी तभी ढाय गिर गई। मेरी आंखों के सामने तीनों लोग दब गए। चीख पुकार सुनकर गांव से काफी लोग पहुंच गए।
पुलिस, प्रशासन, एंबुलेंस, विधायक आदि को फोन किए। काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली तो खुद ही तीनों की जान बचाने के लिए फावड़े लेकर मिट्टी हटाना शुरू कर दी। सबसे पहले सावित्री देवी, फिर कांतादेवी और अंत में विनीता को करीब एक घंटे में निकाल पाए। जब विनीता निकाली गई तब सांसें चल रही थी लेकिन कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। तीनों को बाइक और निजी वाहनों से ही अस्पतालों में पहुंचाया। वहां से कांता देवी को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
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समय से पहुंच जाती एंबुलेंस तो बच जाती विनीता
विनीता के चचेरे भाई सुनील कुमार ने बताया कि सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। तब तक तीनों को निजी वाहनों से भेजा जा चुका था। अगर एंबुलेंस समय से आ जाती तो विनीता की चलती हुई सांसें शायद नहीं थमतीं और उसकी जान बच जाती।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद गांव में पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी के प्रति ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अंबरपुर के रहने वाले विधायक को अपने पड़ोसी गांव पहुंचने और सहायता उपलब्ध कराने में इतनी देर लग गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से समय से सुविधा मुहैया न कराई जाने को लेकर भी रोष जताया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और एंबुलेंस को सूचना देकर बुला लिया गया। कांता देवी को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर किया गया है।
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हादसे के समय मौजूद वीरेश कुमार ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी काजल रिश्ते की भतीजी विनीता (22) और गांव की सावित्री देवी पत्नी पुष्पेंद्र और पड़ोसी गांव गढ़िया परसादपुर निवासी कांता देवी पत्नी चरन सिंह उर्फ पप्पू नहर किनारे पीली मिट्टी लेने गईं थीं। काजल मिट्टी निकाल रही थी तभी ढाय गिर गई। मेरी आंखों के सामने तीनों लोग दब गए। चीख पुकार सुनकर गांव से काफी लोग पहुंच गए।
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पुलिस, प्रशासन, एंबुलेंस, विधायक आदि को फोन किए। काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली तो खुद ही तीनों की जान बचाने के लिए फावड़े लेकर मिट्टी हटाना शुरू कर दी। सबसे पहले सावित्री देवी, फिर कांतादेवी और अंत में विनीता को करीब एक घंटे में निकाल पाए। जब विनीता निकाली गई तब सांसें चल रही थी लेकिन कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। तीनों को बाइक और निजी वाहनों से ही अस्पतालों में पहुंचाया। वहां से कांता देवी को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर कर दिया गया।
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समय से पहुंच जाती एंबुलेंस तो बच जाती विनीता
विनीता के चचेरे भाई सुनील कुमार ने बताया कि सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची। तब तक तीनों को निजी वाहनों से भेजा जा चुका था। अगर एंबुलेंस समय से आ जाती तो विनीता की चलती हुई सांसें शायद नहीं थमतीं और उसकी जान बच जाती।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
घटना के बाद गांव में पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी के प्रति ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अंबरपुर के रहने वाले विधायक को अपने पड़ोसी गांव पहुंचने और सहायता उपलब्ध कराने में इतनी देर लग गई। पुलिस और प्रशासन की ओर से समय से सुविधा मुहैया न कराई जाने को लेकर भी रोष जताया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और एंबुलेंस को सूचना देकर बुला लिया गया। कांता देवी को गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर किया गया है।