फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   etah news cyber thug two arrested

Etah News: साइबर ठगी का गिरोह बेनकाब, ''म्यूल बैंक खाते'' उपलब्ध कराने वाले दो गिरफ्तार

Mon, 20 Jul 2026 02:29 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
etah news cyber thug two arrested
पुलिस गिरफ्त में साइबर ठगी के आरोपी। स्रोत पुलिस
एटा। देशभर में लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन ''''सीवाई-वज्र'''' के तहत जैथरा पुलिस, जनपदीय साइबर सेल और एसओजी की संयुक्त टीम ने इस गिरोह के दो ऐसे सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी के लिए ''''म्यूल बैंक खाते'''' उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये नकद, एक एटीएम कार्ड, बैंक की इंस्टा किट स्लिप और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की ओर से दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन

अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर मुख्यालय से प्राप्त ''''डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस पैक'''' के आधार पर संदिग्ध म्यूल बैंक खातों की जांच की जा रही थी। इसी क्रम में जैथरा क्षेत्र के एक खाते में साइबर ठगी की रकम पहुंचने की जानकारी मिली। जांच में यह भी पता चला कि हैदराबाद निवासी एक व्यक्ति को खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर ''''डिजिटल अरेस्ट'''' का डर दिखाया गया और उससे आठ लाख रुपये ठग लिए गए। यह पूरी रकम आरोपी नितेश बाबू के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई थी।
विज्ञापन

इस सूचना के बाद एसएसपी ने एक टीम का गठन किया। टीम ने बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी रिकॉर्ड, चेक, सीडीआर, तकनीकी विश्लेषण और एसबीआई जैथरा व अलीगंज शाखाओं की सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि खाते में आई पूरी राशि उसी दिन दो चेकों के माध्यम से, 4.80 लाख और 3.20 लाख रुपये के रूप में निकाल ली गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर, पुलिस ने शनिवार को राजकीय महाविद्यालय तरगवां के पास से नितेश बाबू निवासी नेहरू नगर और सोभित चौहान उर्फ कल्लू निवासी सड़क मोर्चा को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य अपने बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाते थे। इसके बाद, वे चेक या एटीएम के जरिए नकदी निकालकर गिरोह के अन्य सदस्यों में बांट देते थे। एएसपी क्राइम ने बताया कि विवेचना के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है। उनके खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसके अलावा, आरोपियों के अन्य बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है।


साइबर ठगी से बचाव के उपाय
सीओ साइबर क्राइम नितीश गर्ग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग किट इस्तेमाल के लिए न दें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि यदि कोई व्यक्ति ''''डिजिटल अरेस्ट'''' के नाम पर वीडियो कॉल कर पैसे ट्रांसफर कराने का दबाव बनाए, तो तत्काल इसकी सूचना 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें। यह कदम साइबर ठगी का शिकार होने से बचाने में सहायक होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed