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Etah News: गर्मी का सितम, डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
Wed, 14 May 2025 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 14 May 2025 11:25 PM IST
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों को देखतीं डॉ. कावेरी उपाध्याय व अन्य चिकित्सक
- फोटो : मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के मेडिसिन विभाग में मरीजों को देखतीं डॉ. कावेरी उपाध्याय व अन्य चिकित्सक।
एटा। तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 2000 पर्चे बन रहे हैं। बुधवार को ओपीडी के मेडिसिन विभाग में 700 मरीज पहुंचे, इनमें से लगभग 250 लोग बुखार और खांसी से पीड़ित निकले। बच्चा वार्ड में 15 मरीज डायरिया से पीड़ित भर्ती थे।
मौसम में बदलाव की वजह से लोग संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। दिन के समय तेज धूप और बढ़ा हुआ तापमान लोगों को परेशान कर रहा है। जिसकी वजह से बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के मेडिसिन विभाग में बुधवार को लगभग 700 मरीज पहुंचे। इनमें से अधिकांश बुखार और खांसी से पीड़ित निकले। इसके अलावा कुछ लोगों को पेट में दर्द संक्रमण की भी शिकायत थी। मेडिसिन विभाग में चिकित्सक कावेरी उपाध्याय ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। तेज धूप में से आकर ठंडा पानी पीने से गले में खराश और खांसी की शिकायत हो रही है।
बताया कि जो लोग एसी में रहते हैं और अचानक कार्य के लिए निकलकर बाहर धूप में चल देते हैं, वह वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग चिकित्सक राहुल यादव ने बताया कि गर्मी, दूषित खाने और प्लास्टिक की बोतल में दूध पीने की वजह से बच्चे उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को बच्चा वार्ड में 15 मरीज डायरिया से पीड़ित भर्ती थे।
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ऐसे करें बचाव
डॉ. कावेरी ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए बाहर निकलते समय शरीर को ढककर निकलें। पैदल जाते समय धूप से बचने के लिए छाता का प्रयोग करें। भरपूर पानी पीएं, मगर ताजा होना चाहिए। बर्फ पड़ा हुआ कोई भी पेय पदार्थ न पीएं। बासी और दूषित भोजन न करें। बच्चों को गिलास या कटोरी से ही दूध पिलाएं, प्लास्टिक बोतल का प्रयोग न करें। ज्यादा जरूरी हो तो स्टील की बोतल से दूध पिलाएं और हर बार गर्म खौलते हुए पानी से उसको साफ करें। कटे रखे या गले हुए फल खाने से परहेज करें।
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मौसम में बदलाव की वजह से लोग संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। दिन के समय तेज धूप और बढ़ा हुआ तापमान लोगों को परेशान कर रहा है। जिसकी वजह से बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के मेडिसिन विभाग में बुधवार को लगभग 700 मरीज पहुंचे। इनमें से अधिकांश बुखार और खांसी से पीड़ित निकले। इसके अलावा कुछ लोगों को पेट में दर्द संक्रमण की भी शिकायत थी। मेडिसिन विभाग में चिकित्सक कावेरी उपाध्याय ने बताया कि मौसम में बदलाव की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। तेज धूप में से आकर ठंडा पानी पीने से गले में खराश और खांसी की शिकायत हो रही है।
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बताया कि जो लोग एसी में रहते हैं और अचानक कार्य के लिए निकलकर बाहर धूप में चल देते हैं, वह वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बाल रोग चिकित्सक राहुल यादव ने बताया कि गर्मी, दूषित खाने और प्लास्टिक की बोतल में दूध पीने की वजह से बच्चे उल्टी-दस्त की चपेट में आ रहे हैं। बुधवार को बच्चा वार्ड में 15 मरीज डायरिया से पीड़ित भर्ती थे।
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ऐसे करें बचाव
डॉ. कावेरी ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए बाहर निकलते समय शरीर को ढककर निकलें। पैदल जाते समय धूप से बचने के लिए छाता का प्रयोग करें। भरपूर पानी पीएं, मगर ताजा होना चाहिए। बर्फ पड़ा हुआ कोई भी पेय पदार्थ न पीएं। बासी और दूषित भोजन न करें। बच्चों को गिलास या कटोरी से ही दूध पिलाएं, प्लास्टिक बोतल का प्रयोग न करें। ज्यादा जरूरी हो तो स्टील की बोतल से दूध पिलाएं और हर बार गर्म खौलते हुए पानी से उसको साफ करें। कटे रखे या गले हुए फल खाने से परहेज करें।