{"_id":"68b33a27316a144b2609051c","slug":"crowd-gathered-to-pay-last-respects-to-crpf-sub-inspector-etah-news-c-163-1-eta1003-138285-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: सीआरपीएफ के उपनिरीक्षक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: सीआरपीएफ के उपनिरीक्षक के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
Sat, 30 Aug 2025 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:21 PM IST
विज्ञापन
रामौतार का फाइल फोटो
सकीट। क्षेत्र के गांव करीमपुर निवासी रामौतार यादव सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक थे जिनकी प्रयागराज में तैनाती थी। तबीयत बिगड़ने पर उपचार के दौरान लखनऊ में उनकी मृत्यु हो गई। शनिवार को पार्थिव शरीर यहां लाए जाने पर अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। वह पांच दिन पहले ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर गए थे।
पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल कामेश कुमार ने बताया कि 25 अगस्त को यहां से पहुंचने पर ही रात को रामौतार की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें विभाग के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुधार न होने पर लखनऊ भेजा गया जहां शुक्रवार को उनकी मृत्यु हो गई। तिरंगा में लिपटा उनका पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह गांव में पहुंचने पर परिजन बिलख-बिलखकर रोने लगे।
अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने उनको सलामी दी। पुत्र रवि को तिरंगा देकर उसे राष्ट्रीय पर्व पर फहराने को कहा। सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर शिलानाथ सिंह की बात सुन सभी लोग फफक-फफक कर रोने लगे। रवि ने बताया कि वर्ष 1991 में पिता रामौतार सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। हम लोग दो भाई और एक बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल कामेश कुमार ने बताया कि 25 अगस्त को यहां से पहुंचने पर ही रात को रामौतार की हालत बिगड़ गई थी। उन्हें विभाग के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुधार न होने पर लखनऊ भेजा गया जहां शुक्रवार को उनकी मृत्यु हो गई। तिरंगा में लिपटा उनका पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह गांव में पहुंचने पर परिजन बिलख-बिलखकर रोने लगे।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार से पहले सीआरपीएफ के जवानों ने उनको सलामी दी। पुत्र रवि को तिरंगा देकर उसे राष्ट्रीय पर्व पर फहराने को कहा। सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर शिलानाथ सिंह की बात सुन सभी लोग फफक-फफक कर रोने लगे। रवि ने बताया कि वर्ष 1991 में पिता रामौतार सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। हम लोग दो भाई और एक बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है।

रामौतार का फाइल फोटो
विज्ञापन