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Etah News: अपनों के जाने के दर्द से उपजा संकल्प, जिले के रक्तवीर बचा रहे हजारों जिंदगी

Sat, 13 Jun 2026 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sat, 13 Jun 2026 11:50 PM IST
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A resolve born from the pain of losing loved ones: the district's blood heroes are saving thousands of lives.
विवेक वर्मा
एटा। विश्व रक्तदाता दिवस पर जिले के रक्तवीरों की सेवा भावना लोगों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। ये ऐसे रक्तवीर हैं जिन्होंने अपनों को खोने के बाद उस दर्द को जाना और दूसरों को इस पीड़ा से बचाने के लिए अनवरत प्रयास कर रहे हैं। रक्तदान कर ये महादानी जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जिले में कई ऐसे रक्तदाता हैं, जो 20 से 30 बार रक्तदान कर चुके हैं और लगातार दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।
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युवा अश्विनी पाठक, अनुज चौहान, विवेक वर्मा, नवदीप यादव समेत अनेक रक्तवीर नियमित रूप से रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। ये युवा समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक भी करते हैं। रक्तदाताओं का कहना है कि रक्तदान से किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी नहीं आती बल्कि यह एक सुरक्षित और नेक कार्य है जिससे जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है। विश्व रक्तदाता दिवस पर स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों ने भी रक्तदाताओं के योगदान की सराहना करते हुए लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि एक यूनिट रक्त कई लोगों की जिंदगी बचाने में सहायक हो सकता है इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।
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मां की किडनियां खराब हो गई थीं। डायलिसिस होती थी हर बार दो यूनिट रक्त की आवश्यकता पड़ती थी और केवल एक यूनिट ही रक्त मिल पाता था। छह वर्ष पूर्व मां का देहांत हो गया तभी संकल्प लिया और पहले खुद रक्तदान किया अब तक मैंने 34 बार रक्तदान किया है मार्च और अगस्त में रक्तदान शिविर का आयोजन कराता हूं, जिसमें 200 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित होता है। - विवेक वर्मा, रक्तवीर
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कोरोना काल में चाचा सतेंद्र पाठक के इलाज के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ी। इसी दौरान अस्पताल में मैंने देखा कि किडनी रोगी, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे और अन्य मरीज नियमित रूप से रक्त के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह दृश्य देखकर मैंने संकल्प लिया कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए रक्तदान के क्षेत्र में कार्य करूंगा। अब तक मैंने 20 बार रक्तदान किया है और शिविरों के माध्यम से लोगों को रक्तदान कराकर जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करा रहा हूं। - रक्तवीर अश्विनी पाठक



मैंने रक्त की कमी से किसी की मौत न हो इस बात का संकल्प वर्ष 2018 में लिया था। वर्ष 2018 में मामा सतीश सिंह तोमर जो कि अलीगढ़ हरदुआगंज थाने में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे, एटा से अलीगढ़ ड्यूटी पर जाते समय एटा-कासगंज मोड़ पर हादसे में घायल हो गए। उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां रक्त नहीं मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद मैंने रक्तदान करना शुरू कर दिया। तभी में लगातार रक्तदान शिविरों का आयोजन करता आ रहा हूं और खुद भी 20 से अधिक बार रक्तदान कर चुका हूं। - रक्तवीर अनुज चौहान





कोविड के समय में दोस्तों ने लोगों की मदद के लिए रक्तदान करना शुरू किया तभी से मैंने भी पहली बार रक्तदान करना शुरू कर दिया। अब छह वर्ष पूर्ण हो चुके हैं लगातार हर बार मार्च-अगस्त में बड़े स्तर शिविरों के आयोजन कर रक्तदान कराकर लोगों की मदद कराई जाती है। मैं पीएसी में तैनात हूं हर बार रक्तदान के लिए जरूर शिविर में आता हूं। अब तक 20 यूनिट रक्तदान कर चुका हूं। - रक्तवीर नवदीप यादव

विवेक वर्मा

विवेक वर्मा

विवेक वर्मा

विवेक वर्मा

विवेक वर्मा

विवेक वर्मा

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