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Etah News: गांव जारथल में 15 दिन में 21 भैंसें मरीं
Sun, 04 Jan 2026 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:32 PM IST
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मिरहची। क्षेत्र के गांव जारथल में भैंसों के मरने का सिलसिला जारी है। 15 दिन में 21 भैंस मरने से पशुपालकों के घरों में शोक है। पशुपालक और उनके परिजन रात-रात भर जागकर भैंसों की देखभाल कर रहे हैं।
शनिवार को पशु चिकित्सकों की टीम आने के बाद भी भैंसों में फैला संक्रमण कम नहीं हुआ है। टीम के दवा वितरण करने के बाद भी शनिवार की शाम को ओमप्रकाश की बीमार भैंस मर गई। गांव के विजय सिंह, हरवंश साहू ने बताया कि कुछ समझ नहीं आ रहा कि भैंसों को कौन सी बीमारी हो रही है जो देखते ही देखते दम तोड़ रही हैं। आंखों के सामने चंद मिनटों में भैंस की मौत होने पर पशुपालक के परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
उन्होंने बताया कि भैंसें सामान्य रूप से चारा खा रही होती हैं। अचानक चारा खाने के बाद तबीयत बिगड़ती है। कुछ मिनटों में सुस्त्त पड़कर दम तोड़ देती हैं। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ती है कि इलाज कराने का मौका भी नहीं मिलता। जानकारी होने पर शनिवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर पशुओं का परीक्षण कर दवा का वितरण किया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कौशल ने बताया कि अधिकांश भैंसों में निमोनिया की शिकायत है। सोमवार को गांव में कैंप लगाकर सभी भैंसों की जांच कर दवा का वितरण किया जाएगा। संवाद
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शनिवार को पशु चिकित्सकों की टीम आने के बाद भी भैंसों में फैला संक्रमण कम नहीं हुआ है। टीम के दवा वितरण करने के बाद भी शनिवार की शाम को ओमप्रकाश की बीमार भैंस मर गई। गांव के विजय सिंह, हरवंश साहू ने बताया कि कुछ समझ नहीं आ रहा कि भैंसों को कौन सी बीमारी हो रही है जो देखते ही देखते दम तोड़ रही हैं। आंखों के सामने चंद मिनटों में भैंस की मौत होने पर पशुपालक के परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
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उन्होंने बताया कि भैंसें सामान्य रूप से चारा खा रही होती हैं। अचानक चारा खाने के बाद तबीयत बिगड़ती है। कुछ मिनटों में सुस्त्त पड़कर दम तोड़ देती हैं। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ती है कि इलाज कराने का मौका भी नहीं मिलता। जानकारी होने पर शनिवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर पशुओं का परीक्षण कर दवा का वितरण किया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
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पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कौशल ने बताया कि अधिकांश भैंसों में निमोनिया की शिकायत है। सोमवार को गांव में कैंप लगाकर सभी भैंसों की जांच कर दवा का वितरण किया जाएगा। संवाद