सपा को चुनाव आयोग का नोटिस: वर्चुअल रैली के नाम जुटाई थी भीड़, समाजवादी पार्टी कार्यालय पर लगी फोर्स
नोटिस में कहा गया है कि इस मामले में उपलब्ध सामग्री और मौजूदा निर्देशों पर विचार करने के बाद चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया है।
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समाजवादी पार्टी को कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करना भारी पड़ गया है। शनिवार को चुनाव आयोग ने सपा को लखनऊ कार्यालय में वर्चुअल(आभासी) रैली के नाम पर जनसभा आयोजित करने के लिए नोटिस जारी किया है। शुक्रवार की घटना का जिक्र करते हुए नोटिस में कहा गया है कि इस मामले में उपलब्ध सामग्री और मौजूदा निर्देशों पर विचार करने के बाद चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया है।
सपा महासचिव को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि इस नोटिस की प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर आपका स्पष्टीकरण आयोग के पास पहुंचे। ऐसा न होने पर आयोग इस मामले में उचित निर्णय लेगा। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच होंगे। फिलहाल महामारी को देखते हुए जनसभा और रैलियों पर रोक है।
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शनिवार को फोर्स लगा दी गई। यहां जुटने वाली भीड़ को हटाया गया और आसपास की दुकानें भी कुछ समय के लिए बंद कराई गईं। गौरतलब है कि सपा कार्यालय पर शुक्रवार को जुटी भीड़ की वजह से गौतमपल्ली थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था। ऐसे में शनिवार को इस क्षेत्र में पुलिस पूरी तरह से सक्रिय दिखी। सुबह से ही पुलिस टीम कार्यालय पर डट गई और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील करती रही। इस बीच सपा कार्यालय के गेट पर कोविड का पालन नहीं करने के संबंध में नोटिस भी चस्पा की गई। गेट पर जुटने वाले नेताओं को एक जगह खड़े नहीं होने की अपील की गई। दोपहर करीब एक बजे भीड़ बढ़ी तो आसपास की दुकानें भी बंद कराई गईं। पर, तमाम सतर्कता और अपील के बाद भी गेट पर रुक-रुक कर भीड़ एकजुट होती रही।