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Deoria News: पॉलिटेक्निक से युवाओं का हो रहा मोह भंग, अब माध्यमिक के विद्यार्थियों को करेंगे जागरूक
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हर वर्ष लगातार सीटें खाली होने की स्थिति को देखते हुए लिया गया निर्णय
- 20 से 30 जून तक निर्धारित केंद्र पर आयोजित होगी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पॉलिटेक्निक के परंपरागत कोर्स अब विद्यार्थियों को कम भा रहे हैं। कारण डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद भी अब सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं। निजी क्षेत्रों में जहां रोजगार हैं भी तो कम वेतन से शुरुआत एवं कई वर्ष तक नौकरी करने के बाद भी संतुष्टि का भाव नहीं आना है। इससे इन तकनीकी कॉलेजों में हर साल सीटें खाली रह जा रही हैं और अब इसे लेकर जिम्मेदार भी सोचने को विवश हुए हैं और विद्यार्थियों को पुन: इनसे जोड़ने की पहल शुरू की गई है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से पॉलिटेक्निक कोर्स में विद्यार्थियों का रुझान बढ़े, इसके लिए लगातार प्रयत्न किए जा रहे हैं। इस बार 20 से 30 जून तक ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाना है। पंजीकरण के लिए पहले 31 मई तक अंतिम तिथि थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच जून किए जाने की योजना है। इसमें अधिक से अधिक विद्यार्थी भाग लें, इसके लिए अब माध्यमिक स्कूलों के हाईस्कूल व इंटर के विद्यार्थियों को सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चरल असिस्टेंशिप जैसे डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए जागरूक करने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारी भी मान रहे हैं कि तकनीकी शिक्षा के प्रति हाल के वर्षों में छात्र-छात्राओं का झुकाव कम हुआ है
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जिले में हैं दो राजकीय एवं सात निजी पॉलिटेक्निक
जनपद में वर्तमान में औरा चौरी के पास राजकीय पालीटेक्निक जहां आर्किटेक्चर असिस्टेंशिप, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग में 75-75 सीटें हैं। वहीं राजकीय पालीटेक्निक चरियांग बुजुर्ग में सिविल इंजीनियरिंग इंवायरमेंटल एंड पोल्यूशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोडक्शन में 75-75 सीटें हैं। सात निजी पॉलिटेक्निक में फार्मेसी का डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जाता है।
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....स्पीकअप
पिछले दो साल से ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा ही हो रही है। जॉब के अवसर कम होने से इधर इन पाठ्यक्रमों की ओर से युवाओं का झुकाव घटा है। हालांकि सिविल में प्रवेश लेने वालों की संख्या हर वर्ष अधिक रहती है।
...आदर्श कुमार शर्मा, सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष
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निजी क्षेत्र में भी अब रोजगार के अवसर कम उपलब्ध हो रहे हैं। 10 से 15 हजार रुपये से शुरुआत हो रही है। जो सीनियर व सुपर सीनियर छात्र बाहर रहकर नौकरी कर रहे हैं, वह खुद भी कम पैसे मिलने का रोना रोते हैं।
....सुुधांशु कुमार, सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष
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20 से 30 जून तक प्रदेश के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। पिछले वर्ष जनपद के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा केंद्र लखनऊ दे दिया गया था। इस बार जनपद में ही यह ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा होगी। इसके लिए 120 कंप्यूटर व नेट की सुविधा वाले केंद्र को ढूंढा जा रहा है। शीघ्र ही इसे फाइनल कर लिया जाएगा। सरकारी नौकरियों में कम अवसर व प्राइवेट सेक्टर में कम वेतन मिलने से ही इधर इन तकनीकी कोर्स में विद्यार्थी कम प्रवेश ले रहे हैं।
....डीके गौतम प्रभारी प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक देवरिया
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पॉलिटेक्निक चलो अभियान के तहत माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को यहां के तकनीकी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। इधर देखने में आ रहा है कि इन कॉलेेजों में अपेक्षा के अनुरूप प्रवेश नहीं हो रहा है। शहरी की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी इस ओर कम दिख रहे हैं। हाईस्कूल व इंटर के छात्र अधिक से अधिक इनमें प्रवेश लें, इसके लिए इन्हें प्रधानाचार्य स्तर से जागरूक भी किया जा रहा है।
...डॉ.विनोद कुमार राय, डीआईओएस
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- 20 से 30 जून तक निर्धारित केंद्र पर आयोजित होगी ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। पॉलिटेक्निक के परंपरागत कोर्स अब विद्यार्थियों को कम भा रहे हैं। कारण डिप्लोमा कोर्स पूरा करने के बाद भी अब सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं। निजी क्षेत्रों में जहां रोजगार हैं भी तो कम वेतन से शुरुआत एवं कई वर्ष तक नौकरी करने के बाद भी संतुष्टि का भाव नहीं आना है। इससे इन तकनीकी कॉलेजों में हर साल सीटें खाली रह जा रही हैं और अब इसे लेकर जिम्मेदार भी सोचने को विवश हुए हैं और विद्यार्थियों को पुन: इनसे जोड़ने की पहल शुरू की गई है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग की ओर से पॉलिटेक्निक कोर्स में विद्यार्थियों का रुझान बढ़े, इसके लिए लगातार प्रयत्न किए जा रहे हैं। इस बार 20 से 30 जून तक ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाना है। पंजीकरण के लिए पहले 31 मई तक अंतिम तिथि थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच जून किए जाने की योजना है। इसमें अधिक से अधिक विद्यार्थी भाग लें, इसके लिए अब माध्यमिक स्कूलों के हाईस्कूल व इंटर के विद्यार्थियों को सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चरल असिस्टेंशिप जैसे डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए जागरूक करने की तैयारी की जा रही है। विभागीय अधिकारी भी मान रहे हैं कि तकनीकी शिक्षा के प्रति हाल के वर्षों में छात्र-छात्राओं का झुकाव कम हुआ है
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जिले में हैं दो राजकीय एवं सात निजी पॉलिटेक्निक
जनपद में वर्तमान में औरा चौरी के पास राजकीय पालीटेक्निक जहां आर्किटेक्चर असिस्टेंशिप, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग में 75-75 सीटें हैं। वहीं राजकीय पालीटेक्निक चरियांग बुजुर्ग में सिविल इंजीनियरिंग इंवायरमेंटल एंड पोल्यूशन, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग प्रोडक्शन में 75-75 सीटें हैं। सात निजी पॉलिटेक्निक में फार्मेसी का डिप्लोमा कोर्स संचालित किया जाता है।
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पिछले दो साल से ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा ही हो रही है। जॉब के अवसर कम होने से इधर इन पाठ्यक्रमों की ओर से युवाओं का झुकाव घटा है। हालांकि सिविल में प्रवेश लेने वालों की संख्या हर वर्ष अधिक रहती है।
...आदर्श कुमार शर्मा, सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष
निजी क्षेत्र में भी अब रोजगार के अवसर कम उपलब्ध हो रहे हैं। 10 से 15 हजार रुपये से शुरुआत हो रही है। जो सीनियर व सुपर सीनियर छात्र बाहर रहकर नौकरी कर रहे हैं, वह खुद भी कम पैसे मिलने का रोना रोते हैं।
....सुुधांशु कुमार, सिविल इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष
20 से 30 जून तक प्रदेश के विभिन्न पॉलिटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। पिछले वर्ष जनपद के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश परीक्षा केंद्र लखनऊ दे दिया गया था। इस बार जनपद में ही यह ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा होगी। इसके लिए 120 कंप्यूटर व नेट की सुविधा वाले केंद्र को ढूंढा जा रहा है। शीघ्र ही इसे फाइनल कर लिया जाएगा। सरकारी नौकरियों में कम अवसर व प्राइवेट सेक्टर में कम वेतन मिलने से ही इधर इन तकनीकी कोर्स में विद्यार्थी कम प्रवेश ले रहे हैं।
....डीके गौतम प्रभारी प्रधानाचार्य राजकीय पॉलीटेक्निक देवरिया
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पॉलिटेक्निक चलो अभियान के तहत माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को यहां के तकनीकी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। इधर देखने में आ रहा है कि इन कॉलेेजों में अपेक्षा के अनुरूप प्रवेश नहीं हो रहा है। शहरी की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी इस ओर कम दिख रहे हैं। हाईस्कूल व इंटर के छात्र अधिक से अधिक इनमें प्रवेश लें, इसके लिए इन्हें प्रधानाचार्य स्तर से जागरूक भी किया जा रहा है।
...डॉ.विनोद कुमार राय, डीआईओएस