{"_id":"6805445cfd9b6f126e0b1d24","slug":"urban-on-paperfacilities-are-like-villages-deoria-news-c-208-1-sgkp1007-151931-2025-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: कागजात में शहरी...सुविधाएं गांव जैसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: कागजात में शहरी...सुविधाएं गांव जैसी
Mon, 21 Apr 2025 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 21 Apr 2025 12:30 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। नगर पालिका सीमा विस्तार में शामिल हुए 32 गांवों के लोगों को लगा कि शहर में शामिल होने के बाद शहर की सारी सुविधाएं मिलेंगी। वह काफी खुश थे, लेकिन तीन वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं। सड़क नाली, पथ प्रकाश सहित अन्य सुविधाओं से लोग आज भी वंचित हैं। नाली न होने से घर का पानी पास के गड्ढे या खाली प्लाट में जा रहा है। सड़कें अभी भी कच्ची हैं। आवाजाही में परेशानी होती है। बरसात के दिनों में तो घर से निकलने से पहले 10 बार सोचते हैं। यही हाल बिजली का है।
कई गांव जो सीमा विस्तार में शामिल हो गए हैं। उनको आज भी ग्रामीण इलाके से उनके कनेक्शन को एक केबल से जोड़ा गया है। तेज हवा चलने से हमेशा बिजली कट जाती है। साथ ही लो वोल्टेज की परेशानी आए दिन बनी रहती है।
नगर पालिका में गांव शामिल होने के बाद विकास को लेकर लोगों को काफी उम्मीद थी, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी गांव में एक भी रुपये का कार्य नहीं हुआ। सीमा विस्तार कि खबर मिलने के बाद सबसे अधिक खुशी शहर से सटे गांव के लोगों को हुई।
विज्ञापन
उनका मानना था कि अब टूटी नाली, जर्जर सड़क तथा बांस-बल्लियों के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति, जल निकासी सहित अन्य दुश्वारियों से मोहल्लेवासियों को निजात मिल जाएगी, लेकिन तीन साल बीतने के बाद इन गांवों की स्थिति जस की तस है। सीमा विस्तार में शामिल हुए गांव अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। ा
विज्ञापन
कई गांव जो सीमा विस्तार में शामिल हो गए हैं। उनको आज भी ग्रामीण इलाके से उनके कनेक्शन को एक केबल से जोड़ा गया है। तेज हवा चलने से हमेशा बिजली कट जाती है। साथ ही लो वोल्टेज की परेशानी आए दिन बनी रहती है।
विज्ञापन
नगर पालिका में गांव शामिल होने के बाद विकास को लेकर लोगों को काफी उम्मीद थी, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी गांव में एक भी रुपये का कार्य नहीं हुआ। सीमा विस्तार कि खबर मिलने के बाद सबसे अधिक खुशी शहर से सटे गांव के लोगों को हुई।
विज्ञापन
उनका मानना था कि अब टूटी नाली, जर्जर सड़क तथा बांस-बल्लियों के सहारे हो रही बिजली आपूर्ति, जल निकासी सहित अन्य दुश्वारियों से मोहल्लेवासियों को निजात मिल जाएगी, लेकिन तीन साल बीतने के बाद इन गांवों की स्थिति जस की तस है। सीमा विस्तार में शामिल हुए गांव अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। ा