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Deoria News: पूरी हुई मुराद, असंभव सा दिखने वाला सपना हुआ साकार...
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- पंजाबी, सिंधी, मारवाड़ी समाज और धर्मगुरुओं ने की पीएम एवं सीएम की सराहना
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अयोध्या में राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से हर कोई उत्साहित है। कहीं दिए जलाए गए तो कहीं लोगों ने घरों और चौराहों को भगवाध्वज से पाट दिया। दोपहर बाद से ही आतिशबाजी होती रही। हर वर्ग के लोगों के लिए 22 जनवरी का दिन खास रहा। उनका कहना था कि जिसके लिए हिंदू समाज ने गोलियां खाईं, पुलिस की यातनाएं सहीं, दशकों पुरानी मुराद आज जाकर पूरी हुई है। पंजाबी, सिंधी, मारवाड़ी समाज और धर्मगुरुओं ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण एवं एतिहासिक तरीके से प्राण प्रतिष्ठा कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्तकंठ से सराहना की।
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अयोध्या में राममंदिर के लिए असंख्य लोगों ने आंदोलन किया। पुलिस की लाठियां खाईं और जेल तक गए। असंभव सा दिखने वाला कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रयास से साकार हो रहा है। यह देखकर अपार खुशी हो रही है।
-सरदार अवतार सिंह, वरिष्ठ व्यवसायी, देवरिया शहर
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यह हमारे लिए परम सौभाग्य की बात है। 500 साल बाद ऐसा मौका आया, जब अयोध्या में नया राममंदिर अस्तित्व में आया। न केवल भगवान राम का भव्य मंदिर बना, बल्कि आज प्राण प्रतिष्ठा भी हो रही है। यह रामभक्तों की कठिन तपस्या और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की देन है।
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-सुदामा मृगवानी उर्फ भगत जी
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श्रीराम जन्मभूमि के लिए विश्व हिंदू परिषद ने वर्ष 1984 में ही संघर्ष हाथ में ले लिया था। देश भर में जनजागरण किया गया। छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा धाराशायी हुआ। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 3500 करोड़ रुपये इकट्ठा किया, जिसके बाद राममंदिर बनना शुरू हुआ और सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा हुई।
-भरत अग्रवाल, विभागाध्यक्ष देवरिया एवं कुशीनगर, विश्व हिंदू परिषद
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देश के साथ ही नगरवासियों के लिए यह खुशी का पल है। न्यायालय के आदेश के बाद अयोध्या में राममंदिर का निर्माण हुआ। कानून सबके लिए बराबर है। इस पल में समाज के सभी वर्ग के लोग देशवासियों के साथ हैं।
-शकील अहमद सिद्दीकी, पूर्व सदर, अंजुमन इस्लामिया
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अयोध्या में कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। इससे देश में चारों तरफ उत्साह का वातावरण है। पूरा सिख समाज इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह मंदिर देश को एक नई पहचान दिलाएगा।
-दामोदर सिंह, न्यू कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे के ग्रंथी
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राम स्वयं विश्व हैं। लंबे इंतजार के बाद यह पल आया। राम का जीवन चरित्र ही सभी मनुष्यों के लिए प्रेरणादायी है। श्रीराम सनातन धर्म के मूल हैं। उनका मर्यादित आचरण हम सबको सदा से प्रेरणा देता आया है। सभी लोगों को सोमवार को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक उत्सव में भाग लेकर इसे आनंदमयी बनाना चाहिए।
-स्वामी राजनारायणाचार्य, पीठाधीश्वर, बालाजी मंदिर
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अयोध्या में राममंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से हर कोई उत्साहित है। कहीं दिए जलाए गए तो कहीं लोगों ने घरों और चौराहों को भगवाध्वज से पाट दिया। दोपहर बाद से ही आतिशबाजी होती रही। हर वर्ग के लोगों के लिए 22 जनवरी का दिन खास रहा। उनका कहना था कि जिसके लिए हिंदू समाज ने गोलियां खाईं, पुलिस की यातनाएं सहीं, दशकों पुरानी मुराद आज जाकर पूरी हुई है। पंजाबी, सिंधी, मारवाड़ी समाज और धर्मगुरुओं ने अयोध्या में राममंदिर निर्माण एवं एतिहासिक तरीके से प्राण प्रतिष्ठा कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्तकंठ से सराहना की।
अयोध्या में राममंदिर के लिए असंख्य लोगों ने आंदोलन किया। पुलिस की लाठियां खाईं और जेल तक गए। असंभव सा दिखने वाला कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रयास से साकार हो रहा है। यह देखकर अपार खुशी हो रही है।
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-सरदार अवतार सिंह, वरिष्ठ व्यवसायी, देवरिया शहर
यह हमारे लिए परम सौभाग्य की बात है। 500 साल बाद ऐसा मौका आया, जब अयोध्या में नया राममंदिर अस्तित्व में आया। न केवल भगवान राम का भव्य मंदिर बना, बल्कि आज प्राण प्रतिष्ठा भी हो रही है। यह रामभक्तों की कठिन तपस्या और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की देन है।
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-सुदामा मृगवानी उर्फ भगत जी
श्रीराम जन्मभूमि के लिए विश्व हिंदू परिषद ने वर्ष 1984 में ही संघर्ष हाथ में ले लिया था। देश भर में जनजागरण किया गया। छह दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा धाराशायी हुआ। विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 3500 करोड़ रुपये इकट्ठा किया, जिसके बाद राममंदिर बनना शुरू हुआ और सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा हुई।
-भरत अग्रवाल, विभागाध्यक्ष देवरिया एवं कुशीनगर, विश्व हिंदू परिषद
देश के साथ ही नगरवासियों के लिए यह खुशी का पल है। न्यायालय के आदेश के बाद अयोध्या में राममंदिर का निर्माण हुआ। कानून सबके लिए बराबर है। इस पल में समाज के सभी वर्ग के लोग देशवासियों के साथ हैं।
-शकील अहमद सिद्दीकी, पूर्व सदर, अंजुमन इस्लामिया
अयोध्या में कई वर्षों के लंबे इंतजार के बाद श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। इससे देश में चारों तरफ उत्साह का वातावरण है। पूरा सिख समाज इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह मंदिर देश को एक नई पहचान दिलाएगा।
-दामोदर सिंह, न्यू कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे के ग्रंथी
राम स्वयं विश्व हैं। लंबे इंतजार के बाद यह पल आया। राम का जीवन चरित्र ही सभी मनुष्यों के लिए प्रेरणादायी है। श्रीराम सनातन धर्म के मूल हैं। उनका मर्यादित आचरण हम सबको सदा से प्रेरणा देता आया है। सभी लोगों को सोमवार को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक उत्सव में भाग लेकर इसे आनंदमयी बनाना चाहिए।
-स्वामी राजनारायणाचार्य, पीठाधीश्वर, बालाजी मंदिर