{"_id":"5fbe96cb8ebc3e9b7638c0cf","slug":"the-post-of-gram-pradhan-of-vishnupura-restored-salempur-news-gkp374535352","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशुनपुरा के ग्राम प्रधान का पद बहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशुनपुरा के ग्राम प्रधान का पद बहाल
विज्ञापन
विशुनपुरा के ग्राम प्रधान का पद बहाल
सलेमपुर (देवरिया)। ब्लॉक के विशुनपुरा गांव के प्रधान का पद फिर से बहाल कर दिया है। प्रधान रामआधार को दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी रकम संबंधित निधि में जमा करनी होगी। ग्राम प्रधान के पॉवर को दो साल पहले धन दुरुपयोग के मामले में जांच के बाद सीज कर दिया गया था।
ब्लॉक के विशुनपुरा गांव के ग्राम प्रधान रामआधार को अनियमितता की शिकायत पर 3 नवंबर 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं पाए जाने पर 8 फरवरी 2018 को प्रधान का पॉवर सीज कर दिया गया था। अंतिम जांच के लिए आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता देवरिया को नामित किया गया था। 30 मार्च 2019 को जांच में प्रधान व सचिव द्वारा तीन हजार दो सौ पचास रुपये का दुरुपयोग किया जाना पाया गया।
इस मामले में 20 सितंबर 2020 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 30 मार्च 2019 के अनुसार निर्णय लेने का आदेश किया। डीएम अमित किशोर ने ग्राम प्रधान रामआधार के पॉवर को बहाल कर दिया है। साथ ही दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी रकम एक हजार छह सौ पच्चीस रुपये संबंधित निधि में जमा कर उसकी रसीद डीपीआरओ के कार्यालय में जमा करने को कहा है। इस संबंध में बीडीओ ओम प्रकाश प्रजापति ने बताया कि विशुनपुरा गांव के प्रधान के पॉवर को बहाल कर दिया गया है। उन्हें दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी जमा करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सलेमपुर (देवरिया)। ब्लॉक के विशुनपुरा गांव के प्रधान का पद फिर से बहाल कर दिया है। प्रधान रामआधार को दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी रकम संबंधित निधि में जमा करनी होगी। ग्राम प्रधान के पॉवर को दो साल पहले धन दुरुपयोग के मामले में जांच के बाद सीज कर दिया गया था।
ब्लॉक के विशुनपुरा गांव के ग्राम प्रधान रामआधार को अनियमितता की शिकायत पर 3 नवंबर 2017 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसमें ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत किया गया स्पष्टीकरण संतोष जनक नहीं पाए जाने पर 8 फरवरी 2018 को प्रधान का पॉवर सीज कर दिया गया था। अंतिम जांच के लिए आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता देवरिया को नामित किया गया था। 30 मार्च 2019 को जांच में प्रधान व सचिव द्वारा तीन हजार दो सौ पचास रुपये का दुरुपयोग किया जाना पाया गया।
विज्ञापन
इस मामले में 20 सितंबर 2020 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 30 मार्च 2019 के अनुसार निर्णय लेने का आदेश किया। डीएम अमित किशोर ने ग्राम प्रधान रामआधार के पॉवर को बहाल कर दिया है। साथ ही दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी रकम एक हजार छह सौ पच्चीस रुपये संबंधित निधि में जमा कर उसकी रसीद डीपीआरओ के कार्यालय में जमा करने को कहा है। इस संबंध में बीडीओ ओम प्रकाश प्रजापति ने बताया कि विशुनपुरा गांव के प्रधान के पॉवर को बहाल कर दिया गया है। उन्हें दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी जमा करनी होगी।
विज्ञापन