{"_id":"6a19dd8a5d0a419eae0b0174","slug":"the-dm-reached-the-phc-amidst-rain-and-found-all-the-health-workers-absent-deoria-news-c-208-1-deo1015-183089-2026-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: बारिश के बीच पीएचसी पहुंचे डीएम सभी स्वास्थ्य कर्मी मिले अनुपस्थित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: बारिश के बीच पीएचसी पहुंचे डीएम सभी स्वास्थ्य कर्मी मिले अनुपस्थित
Sat, 30 May 2026 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 30 May 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
पीएचसी भाटपाररानी के निरीक्षण के दौरान हाथ में छाता लेकर मरिजों से बात करते डीएम।
भाटपार रानी। डीएम मधुसूदन हुल्गी शुक्रवार को बारिश के बीच सुबह आठ बजे भाटपार रानी पीएचसी एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकतर स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित रहे। डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवा वितरण का जायजा लिया।
डीएम गाड़ी सड़क पर छोड़कर वहां से छाता लगाए सीधे अस्पताल के प्रसव कक्ष पहुंचे। वहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी से पूछा कि एक औरत प्रसव के लिए आई है। महिला कर्मी डीएम को पहचान नहीं पाई और उन्हें ओपीडी में जाकर पता करने को कहा। डीएम ओपीडी में पहुंचे। वहां इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. जेपी शर्मा बैठे थे। वह अचानक डीएम को देखकर चौंक गए। डीएम ने डॉ. जेपी शर्मा से प्रभारी एवं फार्मासिस्ट सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में पूछा।
पीएचसी में निरीक्षण के समय एक गर्भवती प्रसव के लिए अस्पताल आई हुई थी। उसके साथ आशा कार्यकर्ता भी मौजूद थी। आशा द्वारा प्रस्तुत मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड अधूरा पाया गया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आशा कार्यकर्ताओं को एमसीपी कार्ड के संबंध में पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
आरबीएसके टीम भी मौके पर उपस्थित नहीं मिली। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगली बार निरीक्षण में सुधार नहीं दिखने पर कठोर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।
विज्ञापन
डीएम गाड़ी सड़क पर छोड़कर वहां से छाता लगाए सीधे अस्पताल के प्रसव कक्ष पहुंचे। वहां तैनात महिला स्वास्थ्य कर्मी से पूछा कि एक औरत प्रसव के लिए आई है। महिला कर्मी डीएम को पहचान नहीं पाई और उन्हें ओपीडी में जाकर पता करने को कहा। डीएम ओपीडी में पहुंचे। वहां इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. जेपी शर्मा बैठे थे। वह अचानक डीएम को देखकर चौंक गए। डीएम ने डॉ. जेपी शर्मा से प्रभारी एवं फार्मासिस्ट सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के बारे में पूछा।
विज्ञापन
पीएचसी में निरीक्षण के समय एक गर्भवती प्रसव के लिए अस्पताल आई हुई थी। उसके साथ आशा कार्यकर्ता भी मौजूद थी। आशा द्वारा प्रस्तुत मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड अधूरा पाया गया। डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि आशा कार्यकर्ताओं को एमसीपी कार्ड के संबंध में पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
आरबीएसके टीम भी मौके पर उपस्थित नहीं मिली। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अगली बार निरीक्षण में सुधार नहीं दिखने पर कठोर कार्रवाई की बात कही। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए।