{"_id":"6907a8778e57463bfe059734","slug":"the-audience-was-delighted-with-the-performance-of-narada-moh-deoria-news-c-208-1-sgkp1013-166993-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: नारद मोह का मंचन देखकर हर्षित हुए दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: नारद मोह का मंचन देखकर हर्षित हुए दर्शक
Mon, 03 Nov 2025 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के बरांव गांव में रामलीला नाट्य समिति और गांव के कलाकारों ने शनिवार को पहले दिन नारद मोह का मंचन कका।
नारद मोह की लीला में सर्वप्रथम श्रीहरि की झांकी का राम मैनेजर पांडेय ने आरती उतारी। मंचन में ब्रह्मा ने देवर्षि नारद को सदैव विचरणशील रहने का शाॅप दिया। अचानक एक सुरम्य स्थली पर वह रुक जाते हैं, जहां वह प्रभु श्रीराम के ध्यान में लीन हो जाते हैं।
देवर्षि को घनघोर तपस्या करते देख देवराज इंद्र भयभीत हो जाते हैं। अपनी कुर्सी जाती देख वह कामदेव और अप्सराओं को देवर्षि की तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं, मगर सभी विफल हो जाते हैं।
इसकी जानकारी होने पर नारद के मन में अहंकार हो जाता है। वह इसकी जानकारी पिता ब्रह्मा, भगवान शिव और नारायण को सुनाते हैं। देवर्षि के मन में अभिमान देख भगवान विष्णु मायानगरी का सृजनन करते हैं।
विज्ञापन
प्रभु, महामाया से विवाह करते हुए देवर्षि नारद के अहंकार को भंग करते हैं। जबकि देवर्षि नारद, प्रभु को शॉप देने के बाद उन्हें पछतावा होता है।
मौके पर ज्ञानेंद्र पांडेय, प्रदीप पांडेय, विवेकानंद पांडेय, सन्नी पांडेय, राजेश पांडेय, कल्यान पांडेय, दुखंती, श्रीराम, भगवान, राहुल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बरहज। क्षेत्र के बरांव गांव में रामलीला नाट्य समिति और गांव के कलाकारों ने शनिवार को पहले दिन नारद मोह का मंचन कका।
नारद मोह की लीला में सर्वप्रथम श्रीहरि की झांकी का राम मैनेजर पांडेय ने आरती उतारी। मंचन में ब्रह्मा ने देवर्षि नारद को सदैव विचरणशील रहने का शाॅप दिया। अचानक एक सुरम्य स्थली पर वह रुक जाते हैं, जहां वह प्रभु श्रीराम के ध्यान में लीन हो जाते हैं।
देवर्षि को घनघोर तपस्या करते देख देवराज इंद्र भयभीत हो जाते हैं। अपनी कुर्सी जाती देख वह कामदेव और अप्सराओं को देवर्षि की तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं, मगर सभी विफल हो जाते हैं।
विज्ञापन
इसकी जानकारी होने पर नारद के मन में अहंकार हो जाता है। वह इसकी जानकारी पिता ब्रह्मा, भगवान शिव और नारायण को सुनाते हैं। देवर्षि के मन में अभिमान देख भगवान विष्णु मायानगरी का सृजनन करते हैं।
विज्ञापन
प्रभु, महामाया से विवाह करते हुए देवर्षि नारद के अहंकार को भंग करते हैं। जबकि देवर्षि नारद, प्रभु को शॉप देने के बाद उन्हें पछतावा होता है।
मौके पर ज्ञानेंद्र पांडेय, प्रदीप पांडेय, विवेकानंद पांडेय, सन्नी पांडेय, राजेश पांडेय, कल्यान पांडेय, दुखंती, श्रीराम, भगवान, राहुल आदि मौजूद रहे।