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अधीक्षण अभियंता दफ्तर में जड़ा ताला
देवरिया
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:23 PM IST
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संविदा मजदूर संगठन के लोगों ने तालाबंदी कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने गुरुवार को अधीक्षण अभियंता दफ्तर में ताला जड़ दिया। कर्मचारी पांच घंटे तक दफ्तर में बंद रहे। अधीक्षण अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल से तीन दिन की मोहलत मांगी। इसके बाद मजदूरों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। बवाल की आशंका पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
कुशीनगर के पडरौना और कुशीनगर वितरण खंड के सब स्टेशन में 75 संविदा मजदूर कार्यरत थे। संबंधित फर्म ने 11 महीने का मानदेय रोक दिया है। इसके विरोध में संविदा मजदूरों ने दूसरी बार आंदोलन शुरू कर दिया। एक महीने तक शांतिपूर्वक आंदोलन चलता रहा। अधिकारियों ने मानदेय भुगतान में रुचि नहीं दिखाई।
इसके बाद मजदूरों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी। इसी क्रम में गुरुवार को अधीक्षण अभियंता दफ्तर में 11 बजे ताला जड़ दिया। तालाबंदी की सूचना पर महकमे में खलबली मच गई। सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। अधीक्षण अभियंता जेके शर्मा शाम चार बजे कार्यालय पहुंचे। मान मनौव्वल के बाद मजदूर माने और ताला खोल दिया।
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दयाशंकर सिंह, अशोक राय, मुकेश सिंह और उमेश चौधरी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षण अभियंता से मुलाकात की। नौ अक्टूबर को भुगतान का भरोसा दिया। इस दौरान स्वर्गीय गोविंद मिश्र की पत्नी बच्चों के साथ पहुंची थीं। उसका कहना है कि पति की मौत के बाद मिलने वाली सहायता राशि अब तक दी गई। तरया-तमकुही रोड के रहने वाले गोविंद कुछ महीने पहले बिजली हादसे का शिकार हो गए थे।
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कुशीनगर के पडरौना और कुशीनगर वितरण खंड के सब स्टेशन में 75 संविदा मजदूर कार्यरत थे। संबंधित फर्म ने 11 महीने का मानदेय रोक दिया है। इसके विरोध में संविदा मजदूरों ने दूसरी बार आंदोलन शुरू कर दिया। एक महीने तक शांतिपूर्वक आंदोलन चलता रहा। अधिकारियों ने मानदेय भुगतान में रुचि नहीं दिखाई।
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इसके बाद मजदूरों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी। इसी क्रम में गुरुवार को अधीक्षण अभियंता दफ्तर में 11 बजे ताला जड़ दिया। तालाबंदी की सूचना पर महकमे में खलबली मच गई। सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। अधीक्षण अभियंता जेके शर्मा शाम चार बजे कार्यालय पहुंचे। मान मनौव्वल के बाद मजदूर माने और ताला खोल दिया।
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दयाशंकर सिंह, अशोक राय, मुकेश सिंह और उमेश चौधरी की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने अधीक्षण अभियंता से मुलाकात की। नौ अक्टूबर को भुगतान का भरोसा दिया। इस दौरान स्वर्गीय गोविंद मिश्र की पत्नी बच्चों के साथ पहुंची थीं। उसका कहना है कि पति की मौत के बाद मिलने वाली सहायता राशि अब तक दी गई। तरया-तमकुही रोड के रहने वाले गोविंद कुछ महीने पहले बिजली हादसे का शिकार हो गए थे।