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‘कारगिल विजय दिवस’ ने जगाया बच्चों में देश भक्ति का भाव
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अमर उजाला के तरफ से श्री रामवृक्ष कृषक इंटर कालेज अजयपुरा पकड़ी बाजार में छात्रो ने देखा बाल फिल्
- फोटो : DEORIA
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‘कारगिल विजय दिवस’ ने जगाया बच्चों में देश भक्ति का भाव
अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति की तरफ से दो स्कूलों में हुआ बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ी बाजार। अमर उजाला फाउंडेशन और बाल समिति भारत की ओर से बुधवार को पकड़ी बाजार के दो स्कूलों में बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। इन जगहों पर पकड़ा गया, छोटा सिपाही, कारगिल विजय दिवस फिल्म बच्चों ने देखी। फिल्म के बाद सही जवाब देने वाले कुछ बच्चों को इनाम के रूप में किताबें भी दी गईं।
सुबह आठ बजे श्री रामवृक्ष इंटर कॉलेज अजयपुरा में करीब 250 बच्चों ने पहले अखबार के प्रकाशन पर आधारित लघु फिल्म देखी। इसके बाद छोटा सिपाही बाल फिल्म देखकर गोवा की आजादी के बारे में परिचित हुए। छात्र रूबी शर्मा, करन चौरसिया, काजल कुशवाहा, स्वाति विश्वकर्मा, श्वेता, बप्पी सिंह ने कहा कि फिल्म में छोटे बालक के साहसिक काम को देखकर बच्चों ने खूब तालियां बजाईं। छात्र अमरेंद्र विश्वकर्मा, रेखा यादव, नीलेश शर्मा, सत्यम राय, अनुराग यादव, विष्णु यादव, सिपु राजभर ने कहा कि फिल्म बहुत अच्छी थी। संस्थापक सुरेश चौरसिया, प्रधानाचार्य दुर्गेश चौरसिया, जयंती चौरसिया, सोमनाथ विश्वकर्मा, रामश्रय प्रसाद, रामछबीला, सुभाष चंद्र चौरसिया, रजनीश पांडेय, दिनेश यादव, अजय गिरि, सबिता राय, रजनी राय, राधा मल्ल, काजल सिंह ने कहा कि ऐसी फिल्मों से बच्चों का मानसिक विकास होता है। इसी तरह बाबा परमहंस उच्च माध्यमिक विद्यालय परसिया हिरामन में करीब 1200 बच्चों ने पकड़ा गया और कारगिल विजय दिवस बाल फिल्में देखीं। छात्र समृद्धि राव, शिवप्रिया, नैषी सिंह, सत्यम तिवारी, महिमा यादव, उजाला कुशवाहा, हेमंत पांडेय, श्रुति चौरसिया ने इस फिल्म की प्रशंसा की। प्रतिभा, अक्षय सिंह, सलोनी गिरि, सत्यम प्रजापति, सलमा खातून, पल्लवी, आयांश, साहिद अंसारी, जिगर कुशवाहा, सौभ्या, राहुल खरवार, सूरज सिंह, अर्चना प्रजापति, श्रीकृष्णा ने कहा कि फिल्म में बंदर की कहानी खूब पसंद आई। प्रधानाचार्य विनय प्रताप सिंह, प्रबंधक सच्चिदा नंद राव, गुड्डू राव, अध्यापक कुश कुशवाहा, पीके सिंह, कमल गोंड, विनय सिंह, संजय सिंह, चांदनी राव, निशा यादव, रिंकी तिवारी, राम दयाल गुप्ता, रघुवर यादव, अरुण शर्मा, राकेश राव, अवधेश यादव, संध्या तिवारी, अनिता मिश्र, शिल्पी सिंह और रंजना राय ने कहा कि पहली बार इतनी संख्या में बच्चों के साथ बाल फिल्म देखने का अवसर मिला है। यह मुहिम काफी सराहनीय है।
फोटो
कारगिल विजय दिवस फिल्म देखने से ऐसा लगा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सेना के जवान हर कुर्बानी देने को तैयार रहते हैं। फिल्म से देशभक्ति का भाव जगा है।
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- रानी यादव
जानवरों के प्रति प्रेम का भाव जगाने वाली फिल्म पकड़ा गया है। किसी भी जानवर को कैद नहीं रखना चाहिए। जानवरों के प्रति सहज भाव दिखाना चाहिए। फिल्म में मानवता दिखी।
- जानकी सिंह
स्कूल में बाल फिल्म देखकर बड़ा मजा आया है। कई ऐसे दृश्य थे, जिसमें हंसी, ठहाके के बीच बहुत कुछ सीखने को मिला है। हम सभी को जिंदगी में कुछ बड़ा बनना है तो अखबार जरूर पड़ना चाहिए।
- निधि कुशवाहा
-अभी तक हमने प्रोजेक्टर पर फिल्म नहीं देखी थी। स्कूल में फिल्म देखने से कई बातों की सीख मिली है। जीवन में आगे चलकर काम आएगी। फिल्म देखकर खूब हंसी आई।
- प्रीति
छोटा सिपाही देखकर तो बहुत बड़ी सीख मिली है। आज तक गोवा की आजादी के बारे में जानकारी नहीं थी कि कैसे आजाद हुआ। इसमें छोटे बालक की वीरता को देखकर आत्मविश्वास जगा है।
- शशि विश्वकर्मा
कारगिल विजय दिवस देखने के बाद पता चला कि जवान किस तरह दुश्मनों के दांत खट्टे कर देते हैं। दुर्गम पहाड़ियों से होकर सेना के जवान सीमा को सुरक्षित रखने का काम करते हैं।
- खुशबू राय
अखबार का प्रकाशन कैसे होता है। इसके बारे में कभी जानकारी नहीं मिल पाई थी। पर लघु फिल्म देखने से पता चला कि हम लोगों के पास सुबह पहुंचने वाले अखबार के लिए कैसे काम होता है।
- आकांक्षा शर्मा
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अमर उजाला फाउंडेशन और बाल चित्र समिति की तरफ से दो स्कूलों में हुआ बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ी बाजार। अमर उजाला फाउंडेशन और बाल समिति भारत की ओर से बुधवार को पकड़ी बाजार के दो स्कूलों में बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया। इन जगहों पर पकड़ा गया, छोटा सिपाही, कारगिल विजय दिवस फिल्म बच्चों ने देखी। फिल्म के बाद सही जवाब देने वाले कुछ बच्चों को इनाम के रूप में किताबें भी दी गईं।
सुबह आठ बजे श्री रामवृक्ष इंटर कॉलेज अजयपुरा में करीब 250 बच्चों ने पहले अखबार के प्रकाशन पर आधारित लघु फिल्म देखी। इसके बाद छोटा सिपाही बाल फिल्म देखकर गोवा की आजादी के बारे में परिचित हुए। छात्र रूबी शर्मा, करन चौरसिया, काजल कुशवाहा, स्वाति विश्वकर्मा, श्वेता, बप्पी सिंह ने कहा कि फिल्म में छोटे बालक के साहसिक काम को देखकर बच्चों ने खूब तालियां बजाईं। छात्र अमरेंद्र विश्वकर्मा, रेखा यादव, नीलेश शर्मा, सत्यम राय, अनुराग यादव, विष्णु यादव, सिपु राजभर ने कहा कि फिल्म बहुत अच्छी थी। संस्थापक सुरेश चौरसिया, प्रधानाचार्य दुर्गेश चौरसिया, जयंती चौरसिया, सोमनाथ विश्वकर्मा, रामश्रय प्रसाद, रामछबीला, सुभाष चंद्र चौरसिया, रजनीश पांडेय, दिनेश यादव, अजय गिरि, सबिता राय, रजनी राय, राधा मल्ल, काजल सिंह ने कहा कि ऐसी फिल्मों से बच्चों का मानसिक विकास होता है। इसी तरह बाबा परमहंस उच्च माध्यमिक विद्यालय परसिया हिरामन में करीब 1200 बच्चों ने पकड़ा गया और कारगिल विजय दिवस बाल फिल्में देखीं। छात्र समृद्धि राव, शिवप्रिया, नैषी सिंह, सत्यम तिवारी, महिमा यादव, उजाला कुशवाहा, हेमंत पांडेय, श्रुति चौरसिया ने इस फिल्म की प्रशंसा की। प्रतिभा, अक्षय सिंह, सलोनी गिरि, सत्यम प्रजापति, सलमा खातून, पल्लवी, आयांश, साहिद अंसारी, जिगर कुशवाहा, सौभ्या, राहुल खरवार, सूरज सिंह, अर्चना प्रजापति, श्रीकृष्णा ने कहा कि फिल्म में बंदर की कहानी खूब पसंद आई। प्रधानाचार्य विनय प्रताप सिंह, प्रबंधक सच्चिदा नंद राव, गुड्डू राव, अध्यापक कुश कुशवाहा, पीके सिंह, कमल गोंड, विनय सिंह, संजय सिंह, चांदनी राव, निशा यादव, रिंकी तिवारी, राम दयाल गुप्ता, रघुवर यादव, अरुण शर्मा, राकेश राव, अवधेश यादव, संध्या तिवारी, अनिता मिश्र, शिल्पी सिंह और रंजना राय ने कहा कि पहली बार इतनी संख्या में बच्चों के साथ बाल फिल्म देखने का अवसर मिला है। यह मुहिम काफी सराहनीय है।
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कारगिल विजय दिवस फिल्म देखने से ऐसा लगा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे सेना के जवान हर कुर्बानी देने को तैयार रहते हैं। फिल्म से देशभक्ति का भाव जगा है।
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- रानी यादव
जानवरों के प्रति प्रेम का भाव जगाने वाली फिल्म पकड़ा गया है। किसी भी जानवर को कैद नहीं रखना चाहिए। जानवरों के प्रति सहज भाव दिखाना चाहिए। फिल्म में मानवता दिखी।
- जानकी सिंह
स्कूल में बाल फिल्म देखकर बड़ा मजा आया है। कई ऐसे दृश्य थे, जिसमें हंसी, ठहाके के बीच बहुत कुछ सीखने को मिला है। हम सभी को जिंदगी में कुछ बड़ा बनना है तो अखबार जरूर पड़ना चाहिए।
- निधि कुशवाहा
-अभी तक हमने प्रोजेक्टर पर फिल्म नहीं देखी थी। स्कूल में फिल्म देखने से कई बातों की सीख मिली है। जीवन में आगे चलकर काम आएगी। फिल्म देखकर खूब हंसी आई।
- प्रीति
छोटा सिपाही देखकर तो बहुत बड़ी सीख मिली है। आज तक गोवा की आजादी के बारे में जानकारी नहीं थी कि कैसे आजाद हुआ। इसमें छोटे बालक की वीरता को देखकर आत्मविश्वास जगा है।
- शशि विश्वकर्मा
कारगिल विजय दिवस देखने के बाद पता चला कि जवान किस तरह दुश्मनों के दांत खट्टे कर देते हैं। दुर्गम पहाड़ियों से होकर सेना के जवान सीमा को सुरक्षित रखने का काम करते हैं।
- खुशबू राय
अखबार का प्रकाशन कैसे होता है। इसके बारे में कभी जानकारी नहीं मिल पाई थी। पर लघु फिल्म देखने से पता चला कि हम लोगों के पास सुबह पहुंचने वाले अखबार के लिए कैसे काम होता है।
- आकांक्षा शर्मा