फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   stubble burning started from patherdewa area

पथरदेवा इलाके से हुई पराली जलाने की शुरुआत, अब तक आए 38 मामले

Mon, 16 Nov 2020 06:05 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Nov 2020 06:05 PM IST
विज्ञापन
stubble burning started from patherdewa area
पथरदेवा इलाके से हुई पराली जलाने की शुरुआत, अब तक आए 38 मामले
विज्ञापन

देवरिया। पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट की पैनी नजर है। जिले के अलग-अलग जगहों से पराली जलने की 38 तस्वीरें सेटेलाइट ने कैद की है। मौजूदा सीजन का पहला मामला पथरदेवा ब्लॉक के इलाके से आया। 27 अक्तूबर को पथरदेवा ब्लॉक के रामपुर महुआबारी में पराली जलने की सूचना सेटेलाइट के माध्यम से कृषि विभाग को मिली थी। इसके बाद अन्य जगहों पर पराली जलाने की घटना आम हो गई।
सेटेलाइट से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जिले के 13 ब्लॉकों में फसल अवशेष जले हैं। बरहज ब्लॉक में सर्वाधिक 11 जगहों पर किसानों ने पराली जलाई है। दूसरे नंबर पर पथरदेवा ब्लाक में छह जगहों पर फसल अवशेष जले हैं। रामपुर कारखाना, तरकुलवा, भाटपाररानी ब्लॉक में एक भी मामले सेटेलाइट की नजर में नहीं आए। तहसील व कृषि विभाग की टीम मौके का सत्यापन कर संबंधित लोगों के खिलाफ जुर्माना व मुकदमे की कार्रवाई में जुटी है।
विज्ञापन

इनसेट
यह हुई है कार्रवाई
- 22 किसानों पर कार्रवाई हुई है।
- 2,80,000 रुपये जुर्माना वसूला गया।
- दो कंबाइन मशीन सीज हुए हैं।
ब्लॉकवार पराली जलने के मामले
पराली जलाने के मामलों पर गौर किया जाए तो बरहज में 11, पथरदेवा में छह, देसही देवरिया में चार, भागलपुर में तीन, बैतालपुर में दो, गौरीबाजार में दो, देवरिया सदर में दो, भलुअनी में दो, भटनी में दो, रुद्रपुर, सलेमपुर, बनकटा और लार में एक-एक मामले सामने आए हैं। (यह आंकड़े 13 नवंबर तक सेटेलाइट से मिली सूचना पर आधारित है।)
विज्ञापन
विज्ञापन

दो सौ से अधिक जगहों पर जली है पराली
जिले में 38 जगहों पर पराली जलने की यह सूचना कृषि विभाग को सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा दो सौ से अधिक जगहों पर किसानों ने फसल अवशेष जलाए हैं। जिनकी तस्वीर सेटेलाइट ने अभी नहीं भेजी है। ऐसे मामलों पर नजर रखने की जिम्मेदारी तहसील व कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को दी गई है। कार्य में लापरवाही बरतने पर उप कृषि निदेशक ने 12 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

पराली जलाने पर इतना है जुर्माना
क्षेत्रफल - जुर्माना
दो एकड़ तक - 2.5
पांच एकड़ तक - 05
15 एकड़ तक - 15
-- ( जुर्माने की धनराशि हजार में)
किसान पराली नहीं जलाएं, इसके लिए सख्ती बरतने के साथ उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। कृषि विभाग पांच की पांच टीम अलग-अलग तहसील क्षेत्र में किसानों को जागरूक कर रही है। बायो डिकंपोजर के जरिए फसल अवशेष को सड़ाकर खाद बनाने की सलाह दी जा रही है।
- एके मिश्रा, उप कृषि निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed