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भाकियू के कब्जे में रहे कर्मचारी
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Wed, 25 May 2016 11:55 PM IST
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भारतीय किसान यूनियन ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।
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भारतीय किसान यूनियन ने बकाया भुगतान समेत बैतालपुर में चीनी मिल की स्थापना की मांग को लेकर कर्मचारियो को बंधक बना लिया। करीब साढ़े चार घंटे तक गन्ना अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन चलता रहा। जिला गन्ना अधिकारी की ओर से 15 दिन में भुगतान कराने के आश्वासन पर भाकियू नेताओं का विरोध समाप्त हो सका।
मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह, मंडल प्रवक्ता राघवेंद्र प्रताप शाही, जिला संयोजक शहीद ख्वाजा मंसूरी, जिलाध्यक्ष विनोद गुप्त और जिला पंचायत सदस्य प्रेमलता सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ता बुधवार को गन्ना अधिकारी कार्यालय में पहुंचें। दिन में 11 बजे तक यह संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। इसी बीच गन्ना अधिकारी जिलाधिकारी से मुलाकात की बात कह कर कार्यालय से चले गए। भाकियू नेताओं ने कार्यालय के गैलरी में किसान पंचायत शुरू कर दी। किसान नेताओं का कहना था कि प्रतापपुर चीनी मिल बकाया भुगतान में लापरवाही बरत रही है। इससे किसानों का 19 करोड़ से अधिक रकम का भुगतान लटक गया है। बैतालपुर में चीनी मिल की स्थापना की जाए, ताकि किसानों को बेवजह अधिक दूरी तय करने में राहत मिल सके।
सूखा राहत की मुआवजा राशि जल्द से जल्द अकाउंट में ट्रांसफर किया जाए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हो सके। प्रतापपुर चीनी मिल को इस सत्र में चालू कराया जाए, ताकि सीमावर्ती इलाके के किसानों को गन्ना की पेराई में सहूलियत मिल सके। जिला गन्ना अधिकारी के दोपहर दो बजे तक कार्यालय नहीं आने पर किसान नेताओं का धैर्य जवाब दे दिया। उन्होंने कर्मचारियों को दफ्तर में बंद कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक कर्मचारी कार्यालय में बंद रहे।
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भाकियू नेताओं ने साढ़े तीन बजे से डीएम आवास के घेराव का एलान किया। कुछ देर बाद एसडीएम सदर राकेश सिंह के साथ जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम पहुंचें। भाकियू नेताओं से 15 दिन में गन्ना भुगतान का आश्वासन दिया। किसान पंचायत में सदानंद, धर्मेंद्र , राणा प्रताप , दिग्विजय, जयनारायण, रामवृक्ष, रामभवन, सुनील, रामअशीष, रामायण, सुरेंद्र, गोविंद आदि मौजूद रहे।
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मंडल उपाध्यक्ष विनय सिंह, मंडल प्रवक्ता राघवेंद्र प्रताप शाही, जिला संयोजक शहीद ख्वाजा मंसूरी, जिलाध्यक्ष विनोद गुप्त और जिला पंचायत सदस्य प्रेमलता सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ता बुधवार को गन्ना अधिकारी कार्यालय में पहुंचें। दिन में 11 बजे तक यह संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। इसी बीच गन्ना अधिकारी जिलाधिकारी से मुलाकात की बात कह कर कार्यालय से चले गए। भाकियू नेताओं ने कार्यालय के गैलरी में किसान पंचायत शुरू कर दी। किसान नेताओं का कहना था कि प्रतापपुर चीनी मिल बकाया भुगतान में लापरवाही बरत रही है। इससे किसानों का 19 करोड़ से अधिक रकम का भुगतान लटक गया है। बैतालपुर में चीनी मिल की स्थापना की जाए, ताकि किसानों को बेवजह अधिक दूरी तय करने में राहत मिल सके।
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सूखा राहत की मुआवजा राशि जल्द से जल्द अकाउंट में ट्रांसफर किया जाए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति कुछ बेहतर हो सके। प्रतापपुर चीनी मिल को इस सत्र में चालू कराया जाए, ताकि सीमावर्ती इलाके के किसानों को गन्ना की पेराई में सहूलियत मिल सके। जिला गन्ना अधिकारी के दोपहर दो बजे तक कार्यालय नहीं आने पर किसान नेताओं का धैर्य जवाब दे दिया। उन्होंने कर्मचारियों को दफ्तर में बंद कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक कर्मचारी कार्यालय में बंद रहे।
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भाकियू नेताओं ने साढ़े तीन बजे से डीएम आवास के घेराव का एलान किया। कुछ देर बाद एसडीएम सदर राकेश सिंह के साथ जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम पहुंचें। भाकियू नेताओं से 15 दिन में गन्ना भुगतान का आश्वासन दिया। किसान पंचायत में सदानंद, धर्मेंद्र , राणा प्रताप , दिग्विजय, जयनारायण, रामवृक्ष, रामभवन, सुनील, रामअशीष, रामायण, सुरेंद्र, गोविंद आदि मौजूद रहे।