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हॉर्ट अटैक से सैनिक की मौत
देवरिया
Updated Thu, 13 Apr 2017 10:36 PM IST
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रमेश फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। क्षेत्र के परसियां देवार के बरमहवां टोला निवासी आर्मी के जवान रमेश की ड्यूटी में रुटीन परेड के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। जवान का शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
लखनऊ एयरफोर्स में ईएमई पोस्ट पर कार्यरत सतीराम यादव के बड़े बेटे रमेश जो पंजाब के भटिंडा बॉर्डर पर आर्मी में जवान पद पर तैनात थे। लोगों का कहना है कि 10 अप्रैल को वह ड्यूटी के समय रुटीन परेड में शामिल थे। इसी बीच परेड स्थल पर ही मूर्छित होकर गिर पड़ा। साथी जवान आनन-फानन में आर्मी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
जवान रमेश का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से गुरुवार को गोरखपुर लाया गया। जहां से करीब तीन बजे शव गांव पहुंचाया गया। जवान का शव देख गांव में कोहराम मच गया। नगर के सरयू तट पर जीआरडी गोरखपुर के जवान सूबेदार रामबहादुर, नायक अरुण राई, संजय गुरुंग, कृष्णा शाही और अर्जुन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान तहसीलदार वंशराज राम, सोनू भारती, अमरनाथ, कमला निरंकारी आदि उपस्थित रहे।
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गौरतलब है कि रमेश की पढ़ाई लखनऊ के राजकीय विद्यालय से हुई थी। मां कौशल्या देवी का सपना था कि बेटा भी पिता की तरह सरहद की रखवाली करे। नौकरी के बाद माता-पिता ने रमेश की शादी आजमगढ़ के रेलवे स्टेशन के सरफुद्दीनपुर गांव में रीतू यादव से किया। जिससे चार वर्ष का मासूम आरव है। रमेश पठानकोट, मामून कैंट, भोपाल में इंस्ट्रक्टर पद पर तैनात रहा। जबकि तीन साल हिसार में ड्यूटी करने के बाद पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में थी। वह भटिंडा में ज्वाइन करने से पहले वह गांव आए थे। सरयू तट पर चार वर्षीय बेटे आरव ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो लोग फफक पड़े।
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लखनऊ एयरफोर्स में ईएमई पोस्ट पर कार्यरत सतीराम यादव के बड़े बेटे रमेश जो पंजाब के भटिंडा बॉर्डर पर आर्मी में जवान पद पर तैनात थे। लोगों का कहना है कि 10 अप्रैल को वह ड्यूटी के समय रुटीन परेड में शामिल थे। इसी बीच परेड स्थल पर ही मूर्छित होकर गिर पड़ा। साथी जवान आनन-फानन में आर्मी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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जवान रमेश का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से गुरुवार को गोरखपुर लाया गया। जहां से करीब तीन बजे शव गांव पहुंचाया गया। जवान का शव देख गांव में कोहराम मच गया। नगर के सरयू तट पर जीआरडी गोरखपुर के जवान सूबेदार रामबहादुर, नायक अरुण राई, संजय गुरुंग, कृष्णा शाही और अर्जुन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान तहसीलदार वंशराज राम, सोनू भारती, अमरनाथ, कमला निरंकारी आदि उपस्थित रहे।
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गौरतलब है कि रमेश की पढ़ाई लखनऊ के राजकीय विद्यालय से हुई थी। मां कौशल्या देवी का सपना था कि बेटा भी पिता की तरह सरहद की रखवाली करे। नौकरी के बाद माता-पिता ने रमेश की शादी आजमगढ़ के रेलवे स्टेशन के सरफुद्दीनपुर गांव में रीतू यादव से किया। जिससे चार वर्ष का मासूम आरव है। रमेश पठानकोट, मामून कैंट, भोपाल में इंस्ट्रक्टर पद पर तैनात रहा। जबकि तीन साल हिसार में ड्यूटी करने के बाद पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में थी। वह भटिंडा में ज्वाइन करने से पहले वह गांव आए थे। सरयू तट पर चार वर्षीय बेटे आरव ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो लोग फफक पड़े।