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Deoria News: ...तो मुकेश ने खुद रची अपने अपहरण की कहानी
Tue, 08 Aug 2023 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 08 Aug 2023 11:21 PM IST
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गरूडपार मुहल्ले में दिखा अपहृत मुकेश
देवरिया। बरियारपुर थाना क्षेत्र के देवरिया मीर के पास अपहृत मुकेश का पता लगाने में जुटी पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। मुकेश के दो साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अबतक मिले साक्ष्यों के मुताबिक मुकेश ने खुद ही अपने अपहरण की कहानी रची है। मुकेश 11 साल पहले फिरौती के लिए मौसेरे भाई के अपहरण और हत्या का मुख्य आरोपी है। उसे डर है कि सजा हो जाएगी। इससे बचने के लिए ही उसने अपहरण की कहानी रची है। पुलिस मामले में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस राउतपार गांव निवासी मुकेश सिंह के अपहरण की घटना के खुलासे करीब पुलिस पहुंच चुकी है। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और मुकेश जिनके साथ भागा था वे पुलिस के हाथ लग चुके हैं। जांच पड़ताल में पता चला है कि 2012 में शहर के महाराणा प्रताप कालोनी निवासी कार्तिकेय मल्ल (13) पुत्र महेश मल्ल 17 मार्च 2012 को घर से लौट रहा था। इसी दौरान उसका अपहरण हो गया था। इसके बाद कार्तिकेय के परिवार से दस लाख रुपये के फिरौती की मांग की गई थी, लेकिन परिजन फिरौती देने में असमर्थ थे। 23 मार्च को महराजगंज जिले के पनियरा जंगल से कार्तिकेय का शव बरामद हुआ। इस मामले में स्वतंत्र मल्ल की तहरीर पर मुकेश सिंह और रंजीत के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस मामले में मुकेश और रंजीत दोनों जेल गए। मुकेश 2017 में जमानत पर छूट कर आया। इस केस की सुनवाई अंतिम दौर में है। 19 अगस्त को अगली तारीख है। पुलिस के अनुसार जेल में बंद रहने के दौरान मुकेश की मित्रता अमाव निवासी अखंड प्रताप और मई थाना क्षेत्र के तेलिया कला गांव निवासी रामश्रृंगार से हो गई। सोमवार के दोपहर में तीनों परमार्थी पोखरे पर मिले और मुकेश ने पूरी योजना बताई कि उसे सजा हो सकती है। वह अपने आपको गायब करना चाहता है। प्लान बनाने के बाद मुकेश देवरही टोला से अपने जीजा की मोटरसाइकिल लिया और घर के लिए निकल पड़ा। इसी दौरान पहले से देवरिया मीर के पास बैठे अखंड प्रताप और रामश्रृंगार ने दिखावे का थप्पड़ जड़कर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और भाग निकले। फिर तीनों शहर के गरूलपार मोहल्ले में बाइक को रखने के बाद रोडवेज की बस से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। गोरखपुर बस स्टेशन पर पहुंचने के बाद तीनों के रास्ते अलग-अलग हो गए। पूछताछ के दौरान हिरासत में आए दोनों आरोपियों ने यह राज उगले हैं। पुलिस टीम मुकेश की तलाश में जुटी हुई है।
सीसीटीवी कैमरे से खुलता गया राज
देवरिया। पुलिस की चार टीमों ने मुकेश के अपहरण की घटना में सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया तो राज खुलता गया। पड़री-देवरिया मार्ग और खरजरवा-साकेत नगर में लगे कैमरों की तलाश की तो अहम सुराग हाथ लगे हैं। इतना ही नहीं गरूलपार मोहल्ले से तीनों एक साथ निकलते दिख रहे हैं।
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पुलिस का गहराता गया शक
मुकेश के परिजनों को शक है कि उसका अपहरण शहर के महाराणा प्रताप कालोनी निवासी महेश मल्ल के परिजनों ने किया है। यहीं से पुलिस को शक होने लगा। जब पुलिस ने मुकेश की कुंडली खंगाली तो वह हत्यारोपी निकला और जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं उसी के घर से पुरानी अदावत चली आ रही है।
अपहरण की कहानी के खुलासे के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। अहम सुराग मिले हैं। दो को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा हो जाएगा। मुकेश भी एक अपहरण कर हत्या करने के मामले में आरोपी है।
- संकल्प शर्मा, एसपी
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सूत्रों के अनुसार पुलिस राउतपार गांव निवासी मुकेश सिंह के अपहरण की घटना के खुलासे करीब पुलिस पहुंच चुकी है। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और मुकेश जिनके साथ भागा था वे पुलिस के हाथ लग चुके हैं। जांच पड़ताल में पता चला है कि 2012 में शहर के महाराणा प्रताप कालोनी निवासी कार्तिकेय मल्ल (13) पुत्र महेश मल्ल 17 मार्च 2012 को घर से लौट रहा था। इसी दौरान उसका अपहरण हो गया था। इसके बाद कार्तिकेय के परिवार से दस लाख रुपये के फिरौती की मांग की गई थी, लेकिन परिजन फिरौती देने में असमर्थ थे। 23 मार्च को महराजगंज जिले के पनियरा जंगल से कार्तिकेय का शव बरामद हुआ। इस मामले में स्वतंत्र मल्ल की तहरीर पर मुकेश सिंह और रंजीत के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इस मामले में मुकेश और रंजीत दोनों जेल गए। मुकेश 2017 में जमानत पर छूट कर आया। इस केस की सुनवाई अंतिम दौर में है। 19 अगस्त को अगली तारीख है। पुलिस के अनुसार जेल में बंद रहने के दौरान मुकेश की मित्रता अमाव निवासी अखंड प्रताप और मई थाना क्षेत्र के तेलिया कला गांव निवासी रामश्रृंगार से हो गई। सोमवार के दोपहर में तीनों परमार्थी पोखरे पर मिले और मुकेश ने पूरी योजना बताई कि उसे सजा हो सकती है। वह अपने आपको गायब करना चाहता है। प्लान बनाने के बाद मुकेश देवरही टोला से अपने जीजा की मोटरसाइकिल लिया और घर के लिए निकल पड़ा। इसी दौरान पहले से देवरिया मीर के पास बैठे अखंड प्रताप और रामश्रृंगार ने दिखावे का थप्पड़ जड़कर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और भाग निकले। फिर तीनों शहर के गरूलपार मोहल्ले में बाइक को रखने के बाद रोडवेज की बस से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए। गोरखपुर बस स्टेशन पर पहुंचने के बाद तीनों के रास्ते अलग-अलग हो गए। पूछताछ के दौरान हिरासत में आए दोनों आरोपियों ने यह राज उगले हैं। पुलिस टीम मुकेश की तलाश में जुटी हुई है।
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सीसीटीवी कैमरे से खुलता गया राज
देवरिया। पुलिस की चार टीमों ने मुकेश के अपहरण की घटना में सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया तो राज खुलता गया। पड़री-देवरिया मार्ग और खरजरवा-साकेत नगर में लगे कैमरों की तलाश की तो अहम सुराग हाथ लगे हैं। इतना ही नहीं गरूलपार मोहल्ले से तीनों एक साथ निकलते दिख रहे हैं।
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पुलिस का गहराता गया शक
मुकेश के परिजनों को शक है कि उसका अपहरण शहर के महाराणा प्रताप कालोनी निवासी महेश मल्ल के परिजनों ने किया है। यहीं से पुलिस को शक होने लगा। जब पुलिस ने मुकेश की कुंडली खंगाली तो वह हत्यारोपी निकला और जिस पर आरोप लगाए जा रहे हैं उसी के घर से पुरानी अदावत चली आ रही है।
अपहरण की कहानी के खुलासे के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। अहम सुराग मिले हैं। दो को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा हो जाएगा। मुकेश भी एक अपहरण कर हत्या करने के मामले में आरोपी है।
- संकल्प शर्मा, एसपी