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Deoria News: सुविखर में 37 लोगों का शौचालय निर्माण दिखा 4.50 लाख का किया गबन
Thu, 16 May 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 16 May 2024 02:38 AM IST
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पूर्व ग्राम प्रधान पर तत्कालीन सचिव के साथ मिलकर वर्ष 2017-19 में गबन करने का आरोप
ग्रामीणों ने डीपीआरओ को आवेदन देकर जांच कराने की थी मांग
जांच में मामला पाया सही, एक व्यक्ति को ही शौचालय की एक किस्त मिली
37 लोगों का नहीं बना था शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर ब्लाॅक के सुविखर में वर्ष 2017-19 में शौचालय निर्माण के नाम पर करीब चार लाख 50 हजार रुपये का गबन करने का मामला उजागर हुआ। पीड़ित ग्रामीण रामस्नेही चौहान ने डीएम को आवेदन देते हुए जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी मिली। डीपीआरओ ने जब इस प्रकरण की जांच कराई तो आरोप सत्य पाए गए। इसके बाद डीपीआरओ ने 17 दिसंबर 2023 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच आख्या में सुविखर ग्राम पंचायत में 37 व्यक्तियों का निर्माण कराए बिना ही प्रति शौचालय 12 हजार रुपये का गबन कर लिया गया है। शौचालय निर्माण के नाम पर लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये का गबन हुआ मिला। मात्र एक एक लाभार्थी के नाम पर 12 हजार रुपये लिए थे, जबकि उस व्यक्ति को मात्र छह हजार रुपये मिले थे। उसका शौचालय निर्माण भी नहीं हुआ था। चार सदस्यीय जांच अधिकारी सहायक डीपीआरओ, ग्रामीण स्वच्छ भारत देवरिया के प्रेरक, रामपुर कारखाना व गौरीबाजार प्रेरक ने अपनी जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने एक जनवरी 2024 को पूर्व ग्राम प्रधान सुविखर व तत्कालीन सचिव के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 15 दिन के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पत्र जारी करने के बाद भी पूर्व ग्राम प्रधान नर्वदेश्वर चौहान व तत्कालीन सचिव विनय सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिए कि पूर्व ग्राम प्रधान व तत्कालीन सचिव से 2,50,000-2,50,000 रुपये की वसूली भू-राजस्व बकाये की भांति करते हुए ग्राम पंचायत सुविखर विकास खंड देवरिया के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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ग्रामीणों ने डीपीआरओ को आवेदन देकर जांच कराने की थी मांग
जांच में मामला पाया सही, एक व्यक्ति को ही शौचालय की एक किस्त मिली
37 लोगों का नहीं बना था शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सदर ब्लाॅक के सुविखर में वर्ष 2017-19 में शौचालय निर्माण के नाम पर करीब चार लाख 50 हजार रुपये का गबन करने का मामला उजागर हुआ। पीड़ित ग्रामीण रामस्नेही चौहान ने डीएम को आवेदन देते हुए जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी मिली। डीपीआरओ ने जब इस प्रकरण की जांच कराई तो आरोप सत्य पाए गए। इसके बाद डीपीआरओ ने 17 दिसंबर 2023 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच आख्या में सुविखर ग्राम पंचायत में 37 व्यक्तियों का निर्माण कराए बिना ही प्रति शौचालय 12 हजार रुपये का गबन कर लिया गया है। शौचालय निर्माण के नाम पर लगभग 4 लाख 44 हजार रुपये का गबन हुआ मिला। मात्र एक एक लाभार्थी के नाम पर 12 हजार रुपये लिए थे, जबकि उस व्यक्ति को मात्र छह हजार रुपये मिले थे। उसका शौचालय निर्माण भी नहीं हुआ था। चार सदस्यीय जांच अधिकारी सहायक डीपीआरओ, ग्रामीण स्वच्छ भारत देवरिया के प्रेरक, रामपुर कारखाना व गौरीबाजार प्रेरक ने अपनी जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी।
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जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने एक जनवरी 2024 को पूर्व ग्राम प्रधान सुविखर व तत्कालीन सचिव के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 15 दिन के अंदर साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। पत्र जारी करने के बाद भी पूर्व ग्राम प्रधान नर्वदेश्वर चौहान व तत्कालीन सचिव विनय सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिए कि पूर्व ग्राम प्रधान व तत्कालीन सचिव से 2,50,000-2,50,000 रुपये की वसूली भू-राजस्व बकाये की भांति करते हुए ग्राम पंचायत सुविखर विकास खंड देवरिया के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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