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कायाकल्प से नहीं बदली शहर के स्कूलों की काया, जल निकासी का इंतजाम नहीं
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उच्च प्राथमिक विद्यालय महाराणा प्रताप रामगुलाम टोला परिसर में भरा पानी।
- फोटो : DEORIA
कायाकल्प से नहीं बदली शहर के स्कूलों की काया, जल निकासी का इंतजाम नहीं
- शहर के कई स्कूलों के परिसर में बिना बारिश के ही इकटृइा रहता है पानी
देवरिया। कायाकल्प योजना से जिला मुख्यालय से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की सेहत में कागजों में सुधार का दावा किया जा रहा है पर सच तो यह है कि शहर में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनका कायाकल्प नहीं हो पाया है। स्कूल परिसर में बिना बारिश के पानी भरा रहता है तो कहीं मेवशी घूमते नजर आते हैं, जबकि विभाग का दावा है कि अधिकांश स्कूल चमक रहे हैं।
शहर में 21 परिषदीय विद्यालय हैं। कायाकल्प योजना के तहत सभी की दशा को सुधारना बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो शहर के सभी विद्यालय सुविधाओं से लैस हैं। पर धरातल पर कहीं बाउंड्री नहीं है तो कहीं शौचालय खराब है। परिसर में जलभराव होने के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
शहर के रामगुलाम टोला मोहल्ले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बिना बारिश के ही पानी भरा रहता है। मोहल्ले के लोग भी आसपास कूड़े फेंक देते हैं। इस कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। पशु अक्सर परिसर में घूमते नजर आते हैं।
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प्राथमिक स्कूल देवरिया खास का हाल यह है कि मोहल्ले के नाबदन का पानी भवन के पास भरा रहता है। पूरे परिसर में कीचड़ होने के छात्र इसमें गिर जाते हैं। इस समस्या पर किसी का ध्यान न होने के कारण परिसर से दुर्गंध भी आती है। गेट न होने के कारण कुत्ते भी घुस जाते हैं।
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बीआरसी परिसर के स्कूल में भी पानी
देवरिया। जिला पंचायत परिसर स्थित बीआरसी के पास प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल है। यहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण हल्की बारिश में पानी भर जाता है। पानी लगने से छात्रों की संख्या भी कम हो जा रही है। परिसर में जगह-जगह घास उग आई है, जिसकी सफाई नहीं कराई गई है।
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बाउंड्रीवाल नहीं
देवरिया। शहर के सटे खरजरवा स्कूल का पुराना भवन धवस्त हो चुका है। बाउंड्रीवाल न होने से सुरक्षा को लेकर अध्यापक काफी चिंतित रहते हैं। हालत यह है कि एक ही कमरे में साठ से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यहां भी कायाकल्प योजना की किरण नहीं पहुंच पाई है।
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प्राथमिक विद्यालय परसौनी
देवरिया। विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय परसौनी में परिसर में बारिश के कारण जलभराव होने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को बारिश के दौर कुछ छात्रों को जुगाड़ से बोरे को सिर पर रख पानी के बीच जाते हुए देखा गया। यहां भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है।
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कोट
जिन स्कूलों में पानी लगा है, वहां पानी निकलवाने की व्यवस्था की जा रही है। कायाकल्प योजना से कई स्कूल की दशा में सुधार हुआ है। आगे चलकर स्कूलों को संवारा जाना है।
विजय पाल त्रिपाठी, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर
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- शहर के कई स्कूलों के परिसर में बिना बारिश के ही इकटृइा रहता है पानी
देवरिया। कायाकल्प योजना से जिला मुख्यालय से लगायत ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की सेहत में कागजों में सुधार का दावा किया जा रहा है पर सच तो यह है कि शहर में कई ऐसे स्कूल हैं, जिनका कायाकल्प नहीं हो पाया है। स्कूल परिसर में बिना बारिश के पानी भरा रहता है तो कहीं मेवशी घूमते नजर आते हैं, जबकि विभाग का दावा है कि अधिकांश स्कूल चमक रहे हैं।
शहर में 21 परिषदीय विद्यालय हैं। कायाकल्प योजना के तहत सभी की दशा को सुधारना बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। विभागीय सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो शहर के सभी विद्यालय सुविधाओं से लैस हैं। पर धरातल पर कहीं बाउंड्री नहीं है तो कहीं शौचालय खराब है। परिसर में जलभराव होने के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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शहर के रामगुलाम टोला मोहल्ले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बिना बारिश के ही पानी भरा रहता है। मोहल्ले के लोग भी आसपास कूड़े फेंक देते हैं। इस कारण गंदगी का अंबार लगा रहता है। पशु अक्सर परिसर में घूमते नजर आते हैं।
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प्राथमिक स्कूल देवरिया खास का हाल यह है कि मोहल्ले के नाबदन का पानी भवन के पास भरा रहता है। पूरे परिसर में कीचड़ होने के छात्र इसमें गिर जाते हैं। इस समस्या पर किसी का ध्यान न होने के कारण परिसर से दुर्गंध भी आती है। गेट न होने के कारण कुत्ते भी घुस जाते हैं।
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बीआरसी परिसर के स्कूल में भी पानी
देवरिया। जिला पंचायत परिसर स्थित बीआरसी के पास प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल है। यहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण हल्की बारिश में पानी भर जाता है। पानी लगने से छात्रों की संख्या भी कम हो जा रही है। परिसर में जगह-जगह घास उग आई है, जिसकी सफाई नहीं कराई गई है।
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बाउंड्रीवाल नहीं
देवरिया। शहर के सटे खरजरवा स्कूल का पुराना भवन धवस्त हो चुका है। बाउंड्रीवाल न होने से सुरक्षा को लेकर अध्यापक काफी चिंतित रहते हैं। हालत यह है कि एक ही कमरे में साठ से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। यहां भी कायाकल्प योजना की किरण नहीं पहुंच पाई है।
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प्राथमिक विद्यालय परसौनी
देवरिया। विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय परसौनी में परिसर में बारिश के कारण जलभराव होने से छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को बारिश के दौर कुछ छात्रों को जुगाड़ से बोरे को सिर पर रख पानी के बीच जाते हुए देखा गया। यहां भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है।
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कोट
जिन स्कूलों में पानी लगा है, वहां पानी निकलवाने की व्यवस्था की जा रही है। कायाकल्प योजना से कई स्कूल की दशा में सुधार हुआ है। आगे चलकर स्कूलों को संवारा जाना है।
विजय पाल त्रिपाठी, खंड शिक्षा अधिकारी, नगर