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नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन किया
देवरिया
Updated Sat, 07 Jan 2017 10:57 PM IST
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेसियों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। कहा, 50 दिन का समय गुजर चुका है। फिर गाड़ी पटरी पर नहीं लौटी है। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में कैश क्राइसिस बना हुआ है। लोगों बैंकों में कतार में लगे हैं लेकिन रुपया नहीं मिल रहा है। राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया।
जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश के नेतृत्व में कार्यकर्ता टाउनहाल स्थित पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पीएन नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की गई। कलेक्ट्रेट में हुई सभा में राघवेंद्र ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बने ढाई साल से अधिक वक्त गुजर चुके हैं। लेकिन न तो महंगाई कम हुई और न ही बेरोजगारों को रोजगार मिला।
केंद्र की जनविरोधी नीतियों से जनता परेशान है। कुटीर और मध्यम उद्योग-धंधे दम तोड़ रहे हैं। सुयश मणि त्रिपाठी, विस्मिल्लाह लारी, वरुण राय, नौशाद खां ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों से सभी वर्गों के लोग परेशान हैं।
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ज्ञापन के जरिए बैंकों से रुपये निकाले की समय सीमा हटाने, कैशलेस लेनदेन पर कमीशन बंद करने की मांग की। भोजन के अधिकार के तहत दिए जाने वाले राशन की कीमत एक साल के लिए आधी की जाए। इस दौरान सुुभाष राय, नागेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप अंबेडकर, धर्मेन्द्र पांडेय, जवाहर बरनवाल, रामविलास तिवारी आदि मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश के नेतृत्व में कार्यकर्ता टाउनहाल स्थित पार्टी कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पीएन नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की गई। कलेक्ट्रेट में हुई सभा में राघवेंद्र ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार बने ढाई साल से अधिक वक्त गुजर चुके हैं। लेकिन न तो महंगाई कम हुई और न ही बेरोजगारों को रोजगार मिला।
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केंद्र की जनविरोधी नीतियों से जनता परेशान है। कुटीर और मध्यम उद्योग-धंधे दम तोड़ रहे हैं। सुयश मणि त्रिपाठी, विस्मिल्लाह लारी, वरुण राय, नौशाद खां ने कहा कि केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों से सभी वर्गों के लोग परेशान हैं।
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ज्ञापन के जरिए बैंकों से रुपये निकाले की समय सीमा हटाने, कैशलेस लेनदेन पर कमीशन बंद करने की मांग की। भोजन के अधिकार के तहत दिए जाने वाले राशन की कीमत एक साल के लिए आधी की जाए। इस दौरान सुुभाष राय, नागेंद्र शुक्ला, महेंद्र प्रताप अंबेडकर, धर्मेन्द्र पांडेय, जवाहर बरनवाल, रामविलास तिवारी आदि मौजूद थे।