Deoria News: राजन तिवारी का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस, संबंध रखने वाले सकते में, तैयार हो रही सूची
श्रीप्रकाश शुक्ला के साथी राजन तिवारी ने बिहार विधानसभा सदस्य बनने के बाद कई बार जनपद की राजनीति में दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया था। इसमें यहां के कुछ बड़े लोगों ने सहयोग करने की हामी भी भर दी थी। 2017 में राजन तिवारी ने जब बसपा की सदस्यता ग्रहण की तो ब्राह्मण महासभा का प्रभारी बनाया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर के माफिया राजन तिवारी का जनपद से गहरा नाता है। कारण यह कि पूर्वांचल दौरे पर आने के दौरान माफिया जनपद में रुकता था। कुछ ऐसे लोग हैं, जो राजन तिवारी के सहयोगी माने जाते हैं। इसको लेकर पुलिस गंभीर है। माफिया से संबंध रखने वालों की पुलिस कुंडली खंगाल रही है।
पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट होने के बाद पूर्व विधायक राजन तिवारी के बारे में यहां की भी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस को भनक लगी है कि राजन तिवारी से जिले के कुछ बड़े लोगों से अच्छे ताल्लुकात हैं। ये माफिया का सहयोग भी करते रहे हैं। जिले में आने के दौरान माफिया की उनसे बात भी होती थी।
इसमें कुछ ऐसे चर्चित नाम हैं, जो राजन की आर्थिक मदद भी करते थे। पुलिस को आशंका है कि राजन इनके साथ मिलकर प्रापर्टी डीलिंग व अन्य धंधे में रुपये लगाता था। केवल नाम का व्यवसाय होता था, लेकिन मुनाफा राजन के पास पहुंच जाता था। इतना ही नहीं जिले के कुछ लोगों की मदद से लखनऊ, नोएडा में प्रापर्टी का काम करने की आशंका जताई जा रही है। माफिया पर शिकंजा कसने के बाद अब जनपद में उससे जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
जनपद से राजनीतिक पारी खेलने की फिराक में जुटा रहा राजन
श्रीप्रकाश शुक्ला के साथी राजन तिवारी ने बिहार विधानसभा सदस्य बनने के बाद कई बार जनपद की राजनीति में दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया था। इसमें यहां के कुछ बड़े लोगों ने सहयोग करने की हामी भी भर दी थी। 2017 में राजन तिवारी ने जब बसपा की सदस्यता ग्रहण की तो ब्राह्मण महासभा का प्रभारी बनाया गया था।
उसने विधान सभा चुनाव के दौरान बसपा से टिकट पर देवरिया सदर से चुनाव लड़ने की मंशा भी पाल रखी थी। उस समय सोनूघाट के पास हुई एक बड़ी जनसभा में राजन का काफिला देख कर लोग चकित हो गए। लोग कयास लगाने लगे थे कि बसपा से प्रत्याशी राजन को बनाया जा सकता है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो बसपा के बड़े नेताओं ने राजन को चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसलिए उसने कदम पीछे खींच लिया।
इस कारण दूसरे को टिकट मिल गया। इसके बाद माफिया ने बिहार की तरफ रुख कर लिया। एक बार उसने भाजपा की सदस्यता लखनऊ में ग्रहण की थी। इसमें जनपद से काफी संख्या में लोग लखनऊ गए थे। 2022 के चुनाव में एक बार फिर से उसके लोगों ने बरहज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कहा। इसको लेकर राजन का देवरिया में चुनाव के समय आगमन भी हुआ था। लेकिन इस बार भी उसकी मंशा पर पानी फिर गया था।
एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि गोरखपुर की पुलिस जांच कर रही है। दोनों जिले की पुलिस समन्वय स्थापित कर काम कर रही है। जनपद से इनपुट जुटाया जा रहा है। जो लोग जुड़कर उसके साथ काम करते होंगे। अगर यह प्रकाश में आया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई पुलिस करेगी। माफिया के नेटवर्क पर पुलिस की निगाह है।