फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Police investigating Rajan Tiwari network

Deoria News: राजन तिवारी का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस, संबंध रखने वाले सकते में, तैयार हो रही सूची

Tue, 23 Aug 2022 10:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 23 Aug 2022 10:49 AM IST
सार

श्रीप्रकाश शुक्ला के साथी राजन तिवारी ने बिहार विधानसभा सदस्य बनने के बाद कई बार जनपद की राजनीति में दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया था। इसमें यहां के कुछ बड़े लोगों ने सहयोग करने की हामी भी भर दी थी। 2017 में राजन तिवारी ने जब बसपा की सदस्यता ग्रहण की तो ब्राह्मण महासभा का प्रभारी बनाया गया था।

विज्ञापन
Police investigating Rajan Tiwari network
बिहार के पूर्व विधायक व माफिया राजन तिवारी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर के माफिया राजन तिवारी का जनपद से गहरा नाता है। कारण यह कि पूर्वांचल दौरे पर आने के दौरान माफिया जनपद में रुकता था। कुछ ऐसे लोग हैं, जो राजन तिवारी के सहयोगी माने जाते हैं। इसको लेकर पुलिस गंभीर है। माफिया से संबंध रखने वालों की पुलिस कुंडली खंगाल रही है।

विज्ञापन


पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो फतेहगढ़ जेल में शिफ्ट होने के बाद पूर्व विधायक राजन तिवारी के बारे में यहां की भी पुलिस गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस को भनक लगी है कि राजन तिवारी से जिले के कुछ बड़े लोगों से अच्छे ताल्लुकात हैं। ये माफिया का सहयोग भी करते रहे हैं। जिले में आने के दौरान माफिया की उनसे बात भी होती थी।
विज्ञापन


इसमें कुछ ऐसे चर्चित नाम हैं, जो राजन की आर्थिक मदद भी करते थे। पुलिस को आशंका है कि राजन इनके साथ मिलकर प्रापर्टी डीलिंग व अन्य धंधे में रुपये लगाता था। केवल नाम का व्यवसाय होता था, लेकिन मुनाफा राजन के पास पहुंच जाता था। इतना ही नहीं जिले के कुछ लोगों की मदद से लखनऊ, नोएडा में प्रापर्टी का काम करने की आशंका जताई जा रही है। माफिया पर शिकंजा कसने के बाद अब जनपद में उससे जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

जनपद से राजनीतिक पारी खेलने की फिराक में जुटा रहा राजन

श्रीप्रकाश शुक्ला के साथी राजन तिवारी ने बिहार विधानसभा सदस्य बनने के बाद कई बार जनपद की राजनीति में दमखम के साथ उतरने का प्लान बनाया था। इसमें यहां के कुछ बड़े लोगों ने सहयोग करने की हामी भी भर दी थी। 2017 में राजन तिवारी ने जब बसपा की सदस्यता ग्रहण की तो ब्राह्मण महासभा का प्रभारी बनाया गया था।

उसने विधान सभा चुनाव के दौरान बसपा से टिकट पर देवरिया सदर से चुनाव लड़ने की मंशा भी पाल रखी थी। उस समय सोनूघाट के पास हुई एक बड़ी जनसभा में राजन का काफिला देख कर लोग चकित हो गए। लोग कयास लगाने लगे थे कि बसपा से प्रत्याशी राजन को बनाया जा सकता है। सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो बसपा के बड़े नेताओं ने राजन को चुनाव लड़ने से मना कर दिया। इसलिए उसने कदम पीछे खींच लिया।

इस कारण दूसरे को टिकट मिल गया। इसके बाद माफिया ने बिहार की तरफ रुख कर लिया। एक बार उसने भाजपा की सदस्यता लखनऊ में ग्रहण की थी। इसमें जनपद से काफी संख्या में लोग लखनऊ गए थे। 2022 के चुनाव में एक बार फिर से उसके लोगों ने बरहज विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कहा। इसको लेकर राजन का देवरिया में चुनाव के समय आगमन भी हुआ था। लेकिन इस बार भी उसकी मंशा पर पानी फिर गया था।

एसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि गोरखपुर की पुलिस जांच कर रही है। दोनों जिले की पुलिस समन्वय स्थापित कर काम कर रही है। जनपद से इनपुट जुटाया जा रहा है। जो लोग जुड़कर उसके साथ काम करते होंगे। अगर यह प्रकाश में आया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई पुलिस करेगी। माफिया के नेटवर्क पर पुलिस की निगाह है।
 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed