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Deoria News: आंधी-बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, खेतों में बिछी धान की फसल
Tue, 06 Oct 2026 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:18 AM IST
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आंधी बारिश के बाद जमीन पर बिछी धान की फसल
पैकौली। सोमवार दोपहर अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने की आशंका बढ़ा दी। पककर तैयार अगेती धान की फसल तेज हवा के झोंकों से खेतों में गिर गई। वहीं बारिश के साथ हवा चलने से धान की बालियों से फूल झड़ गए।
इससे उत्पादन प्रभावित होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण पेड़ भी उखड़कर गिर गए।
सदर विकास खंड के अगया, सुरौली, बैंदा, पैकौली, सरौरा, उसरा, बिशुनपुरा, भटजमुआं, सिसवा पांडे, मझगांव, सिंगही, हरैया और बहोरवा समेत आसपास के गांवों में दोपहर बाद मौसम अचानक बिगड़ गया।
तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई। पक चुकी फसल के पानी में गिरने से किसानों को कटाई और मड़ाई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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किसानों के अनुसार, जमीन पर गिरी फसल की कटाई में अधिक मजदूरी लगेगा। बारिश के पानी में फसल के लंबे समय तक पड़े रहने से दानों में नमी बढ़ सकती है। इससे गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ सड़ने का खतरा भी रहेगा।
वहीं बालियों से फूल झड़ने के कारण दाने कम पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम आगे भी ऐसा ही रहा तो धान की पैदावार कम होगी।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों और खेतों में गिर गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ।
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इससे उत्पादन प्रभावित होने की चिंता किसानों को सताने लगी है। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण पेड़ भी उखड़कर गिर गए।
सदर विकास खंड के अगया, सुरौली, बैंदा, पैकौली, सरौरा, उसरा, बिशुनपुरा, भटजमुआं, सिसवा पांडे, मझगांव, सिंगही, हरैया और बहोरवा समेत आसपास के गांवों में दोपहर बाद मौसम अचानक बिगड़ गया।
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तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई। पक चुकी फसल के पानी में गिरने से किसानों को कटाई और मड़ाई को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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किसानों के अनुसार, जमीन पर गिरी फसल की कटाई में अधिक मजदूरी लगेगा। बारिश के पानी में फसल के लंबे समय तक पड़े रहने से दानों में नमी बढ़ सकती है। इससे गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ सड़ने का खतरा भी रहेगा।
वहीं बालियों से फूल झड़ने के कारण दाने कम पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम आगे भी ऐसा ही रहा तो धान की पैदावार कम होगी।
आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगह पेड़ उखड़कर सड़कों और खेतों में गिर गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित हुआ।