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परिषद के आदेश का नहीं हो रहा अमल
ब्यूूूराो/अमर उजाला देवरिया
Updated Thu, 09 Jun 2016 11:59 PM IST
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- फोटो : demo
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रुद्रपुर। राजस्व परिषद की ओर से तहसील के अदालतों में चल रहे मुकदमों की फाइलों में वादी प्रतिवादी और उनके अधिवक्ताओं का मोबाइल नंबर दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है। अधिवक्ताओं के सहयोग नहीं करने से इस आदेश पर अमल नहीं हो पा रहा है।
वकीलों ने राजस्व परिषद के आदेश को वापस लेने की मांग की है। नए नियम को लेकर न्यायिक अधिकारियों और वकीलों में आम सहमति नहीं बन पा रही। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि राजस्व परिषद की ओर से मुकदमों की फाइल में वादी, प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता का मोबाइल नंबर दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है।
इसकी हर माह प्रगति जानी जा रही है। तहसील न्यायालयों में चल रहे सभी मुकदमों को ऑन लाइन कर दिया गया है। मुकदमे की फाइल में प्रत्येक तारीख पर होने वाली कार्रवाई भी ऑन लाइन होती है। राजस्व परिषद की ओर से यह कदमवादी प्रतिवादी की सहूलियत के लिए उठाया गया है। इसका उदेश्य काफी पवित्र है।
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मुकदमों की फाइल में दर्ज मोबाइल नंबर भी ऑनलाइन किया जाएगा। मोबाइल पर अगली तारीख और फाइल किस कार्रवाई में चल रही है। इसकी सूचना एसएमएस से भेजी जा सकती है। ऐसे में यह तरीका पैरवी में खारिज होने वाले मुकदमों में कमी लाएगा। मोबाइल नंबर पर सूचना अपडेट होने से नैसर्गिक न्याय मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
जबकि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजबिहारी पांडेय ने कहा कि वादी -प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता को मोबाइल नंबर देने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका दुरुपयोग भी हो सकता है। तमाम अधिवक्ताओं और वादकारियों के पास मोबाइल नहीं होने से यह व्यवस्था शत प्रतिशत लागू नहीं हो सकती।
उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर नियम में ढील देने की मांग की। इस बाबत एसडीएम ने कहा कि चूकि यह आदेश राजस्व परिषद के सचिव की ओर से है। इसलिए उनके स्तर से ढील नहीं दी जा सकती। न्यायिक अधिकारियों को नियम का पालन कराने का स्पष्ट निर्देश है।
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वकीलों ने राजस्व परिषद के आदेश को वापस लेने की मांग की है। नए नियम को लेकर न्यायिक अधिकारियों और वकीलों में आम सहमति नहीं बन पा रही। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि राजस्व परिषद की ओर से मुकदमों की फाइल में वादी, प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता का मोबाइल नंबर दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है।
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इसकी हर माह प्रगति जानी जा रही है। तहसील न्यायालयों में चल रहे सभी मुकदमों को ऑन लाइन कर दिया गया है। मुकदमे की फाइल में प्रत्येक तारीख पर होने वाली कार्रवाई भी ऑन लाइन होती है। राजस्व परिषद की ओर से यह कदमवादी प्रतिवादी की सहूलियत के लिए उठाया गया है। इसका उदेश्य काफी पवित्र है।
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मुकदमों की फाइल में दर्ज मोबाइल नंबर भी ऑनलाइन किया जाएगा। मोबाइल पर अगली तारीख और फाइल किस कार्रवाई में चल रही है। इसकी सूचना एसएमएस से भेजी जा सकती है। ऐसे में यह तरीका पैरवी में खारिज होने वाले मुकदमों में कमी लाएगा। मोबाइल नंबर पर सूचना अपडेट होने से नैसर्गिक न्याय मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
जबकि अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष ब्रजबिहारी पांडेय ने कहा कि वादी -प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता को मोबाइल नंबर देने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका दुरुपयोग भी हो सकता है। तमाम अधिवक्ताओं और वादकारियों के पास मोबाइल नहीं होने से यह व्यवस्था शत प्रतिशत लागू नहीं हो सकती।
उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन देकर नियम में ढील देने की मांग की। इस बाबत एसडीएम ने कहा कि चूकि यह आदेश राजस्व परिषद के सचिव की ओर से है। इसलिए उनके स्तर से ढील नहीं दी जा सकती। न्यायिक अधिकारियों को नियम का पालन कराने का स्पष्ट निर्देश है।