{"_id":"60fefd728ebc3e586f19a959","slug":"murder-deoria-news-gkp4033293156","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को एसपी से मिलने से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को एसपी से मिलने से रोका
विज्ञापन
पिता की हत्या के बाद मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी से मिलने पहुंचा परिवार। संवाद
- फोटो : DEORIA
हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की गुहार लगाने के लिए पहुंचे थे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मईल थाना क्षेत्र का एक युवक अपने पिता की मौत के बाद ब्रह्मभोज से पहले ही अपने परिवार के साथ सोमवार को एसपी आफिस पहुंच गया। वह मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी से मिलना चाहता था। बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। ऐसे में वह अपना प्रार्थना पत्र बाक्स में डालकर चला गया। चर्चा है कि पुलिसकर्मियों ने ऐसा अंध विश्वास के चलते किया।
मईल थाना क्षेत्र के बरठा लाला गांव निवासी भोला कुशवाहा की बंटवारे के विवाद शनिवार को पीट कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में रविवार की शाम को आठ लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से परिजन खुश नहीं है क्योंकि उनको कहना है कि जानबूझकर हत्या की गई। हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। सोमवार को इसी मांग को लेकर उनके पुत्र अनिल कुशवाहा, सीमा, लक्ष्मी, निशा आदि प्रार्थन पत्र लेकर एसपी आफिस पहुंच गई। अनिल बार मुड़वाए और हाथ बांस का तीर लेकर जब पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। जब उन्होंने अपनी बात एसपी से कहने की कई तो पुलिसकर्मियों ने कहा ब्रह्मभोज के बाद आकर मिलना। इस समय तीर लेकर नहीं जा सकते है। इस पर पीड़ित ने प्रार्थना पत्र बाक्स में डाल दिया और मिला घर चला गया। उधर, एसपी डा.श्रीपति मिश्र ने कहा कि मेरे संज्ञान में यह बात नहीं हैं। हर पीड़ित की कार्यालय में सुनवाई की जाती हैं। ऐसा आरोप गलत हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मईल थाना क्षेत्र का एक युवक अपने पिता की मौत के बाद ब्रह्मभोज से पहले ही अपने परिवार के साथ सोमवार को एसपी आफिस पहुंच गया। वह मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी से मिलना चाहता था। बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने उसे भीतर नहीं जाने दिया। ऐसे में वह अपना प्रार्थना पत्र बाक्स में डालकर चला गया। चर्चा है कि पुलिसकर्मियों ने ऐसा अंध विश्वास के चलते किया।
मईल थाना क्षेत्र के बरठा लाला गांव निवासी भोला कुशवाहा की बंटवारे के विवाद शनिवार को पीट कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में रविवार की शाम को आठ लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की कार्रवाई से परिजन खुश नहीं है क्योंकि उनको कहना है कि जानबूझकर हत्या की गई। हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। सोमवार को इसी मांग को लेकर उनके पुत्र अनिल कुशवाहा, सीमा, लक्ष्मी, निशा आदि प्रार्थन पत्र लेकर एसपी आफिस पहुंच गई। अनिल बार मुड़वाए और हाथ बांस का तीर लेकर जब पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। जब उन्होंने अपनी बात एसपी से कहने की कई तो पुलिसकर्मियों ने कहा ब्रह्मभोज के बाद आकर मिलना। इस समय तीर लेकर नहीं जा सकते है। इस पर पीड़ित ने प्रार्थना पत्र बाक्स में डाल दिया और मिला घर चला गया। उधर, एसपी डा.श्रीपति मिश्र ने कहा कि मेरे संज्ञान में यह बात नहीं हैं। हर पीड़ित की कार्यालय में सुनवाई की जाती हैं। ऐसा आरोप गलत हैं।
विज्ञापन