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राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने कटान स्थलों का किया निरीक्षण
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राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने कटान स्थलों का किया निरीक्षण
रुद्रपुर। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने राप्ती और गोर्रा नदी पर बने तटबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान बांध पर बने रेनकट्स और रैट्स होल पाटने का निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने तिघरा मराछी बांध पर भेड़ी, माझा नारायण और तिघरा के कटान स्थलों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि कटान स्थलों पर निरोधात्मक कार्य कराकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया गया है। अब रुद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ के पानी से कोई गांव डूबने वाला नहीं है। क्षेत्र में राप्ती और गोर्रा नदियों पर 100 करोड़ की निरोधात्मक परियोजना प्रगति पर है। पहली बार गोर्रा नदीं पर जियो बैग से पिचिंग कर गांव पर मंडराने वाले संकट को रोक दिया गया है। पांडेयमाझा राजधर, सिलहटा और शीतलमाझा में प्रदेश का पहला और देश का तीसरा पायलट प्रोजेक्ट लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया को गायघाट सोनबह और सचौली पटवनिया में सैंपवेल पंप लगाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कहा कि बहोरा दलपतपुर गांव को बचाने के लिए शासन में विशेष प्रयास किया जा रहा है। इस गांव को भी पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, एसडीओ दीनदयाल दूबे, कृष्ण प्रकाश जेई सचिन कुमार, रामसंतोष शुक्ल, संगमधर दूबे, देवेंद्र सिंह, जितेंद्र गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहें।
सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार का जाना हाल
बरहज। अधिकारियों ने सरयू नदी पार नाव से परसियां-विशुनपुर देवार का दौरा किया। जहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। दसरसरिया टोले में कहीं-कहीं पानी लगा है। हालांकि स्थिति सामान्य है।
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शुक्रवार को एसडीएम संजीव कुमार यादव, तहसीलदार सतीश कुमार के साथ नाव से परसियां-विशुनपुर देवार पहुंचे। जहां सभी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। अधिकारियों को देख गांव के लोग भी जुट गए। सरयू के उफनाने से आई मुसीबत से सभी ने अवगत कराया। एसडीएम का कहना है कि बाढ़ में पूर्व में आधा दर्जन से अधिक मजरे पानी से घिरे थे। लेकिन इस समय हालात सामान्य है। दसरसरिया में कहीं-कहीं पानी लगा हुआ है। इस दौरान एसआई सुमित राय, वीरेंद्र मौर्य, रामराज यादव, ऋषिमुनि, मुन्ना खरवार आदि मौजूद रहे।
खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही नदी
बरहज। पिछले दो दिनों से स्थिर सरयू नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 10 सेमी का इजाफा हुआ है। नदी खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही है। लोगों में दहशत बरकरार है।
शुक्रवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 10 सेमी ऊपर 67.10 मीटर पर बह रही थी। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। बाढ़ का पानी गांव के करीब तक पहुंच गया है। पूर्व में भदिला प्रथम के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के सात मजरे पानी से घिर हुए थे। फिलहाल भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। जहां के लोगों की आवाजाही नाव से हो रही है। आई बाढ़ और रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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रुद्रपुर। राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने राप्ती और गोर्रा नदी पर बने तटबंधों का निरीक्षण किया। इस दौरान बांध पर बने रेनकट्स और रैट्स होल पाटने का निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने तिघरा मराछी बांध पर भेड़ी, माझा नारायण और तिघरा के कटान स्थलों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि कटान स्थलों पर निरोधात्मक कार्य कराकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया गया है। अब रुद्रपुर क्षेत्र में बाढ़ के पानी से कोई गांव डूबने वाला नहीं है। क्षेत्र में राप्ती और गोर्रा नदियों पर 100 करोड़ की निरोधात्मक परियोजना प्रगति पर है। पहली बार गोर्रा नदीं पर जियो बैग से पिचिंग कर गांव पर मंडराने वाले संकट को रोक दिया गया है। पांडेयमाझा राजधर, सिलहटा और शीतलमाझा में प्रदेश का पहला और देश का तीसरा पायलट प्रोजेक्ट लगभग पूरा होने वाला है। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन नरेंद्र जाड़िया को गायघाट सोनबह और सचौली पटवनिया में सैंपवेल पंप लगाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर शासन में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। कहा कि बहोरा दलपतपुर गांव को बचाने के लिए शासन में विशेष प्रयास किया जा रहा है। इस गांव को भी पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से सुरक्षित किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय, एसडीओ दीनदयाल दूबे, कृष्ण प्रकाश जेई सचिन कुमार, रामसंतोष शुक्ल, संगमधर दूबे, देवेंद्र सिंह, जितेंद्र गुप्ता, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहें।
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सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार का जाना हाल
बरहज। अधिकारियों ने सरयू नदी पार नाव से परसियां-विशुनपुर देवार का दौरा किया। जहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। दसरसरिया टोले में कहीं-कहीं पानी लगा है। हालांकि स्थिति सामान्य है।
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शुक्रवार को एसडीएम संजीव कुमार यादव, तहसीलदार सतीश कुमार के साथ नाव से परसियां-विशुनपुर देवार पहुंचे। जहां सभी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हाल जाना। अधिकारियों को देख गांव के लोग भी जुट गए। सरयू के उफनाने से आई मुसीबत से सभी ने अवगत कराया। एसडीएम का कहना है कि बाढ़ में पूर्व में आधा दर्जन से अधिक मजरे पानी से घिरे थे। लेकिन इस समय हालात सामान्य है। दसरसरिया में कहीं-कहीं पानी लगा हुआ है। इस दौरान एसआई सुमित राय, वीरेंद्र मौर्य, रामराज यादव, ऋषिमुनि, मुन्ना खरवार आदि मौजूद रहे।
खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही नदी
बरहज। पिछले दो दिनों से स्थिर सरयू नदी के जलस्तर में 24 घंटे में 10 सेमी का इजाफा हुआ है। नदी खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर बह रही है। लोगों में दहशत बरकरार है।
शुक्रवार को सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 10 सेमी ऊपर 67.10 मीटर पर बह रही थी। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। बाढ़ का पानी गांव के करीब तक पहुंच गया है। पूर्व में भदिला प्रथम के अलावा परसियां-विशुनपुर देवार के सात मजरे पानी से घिर हुए थे। फिलहाल भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। जहां के लोगों की आवाजाही नाव से हो रही है। आई बाढ़ और रुक-रुक कर हो रही बारिश से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।