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मुलाकात का समय 30 मिनट तो, तीन घंटे जेल में कैसे था मोहित, सवालों के घेरे में जेल प्रशासन
Tue, 01 Jan 2019 07:25 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 01 Jan 2019 07:25 AM IST
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देवरिया में माफिया अतीक अहमद के आगे जेल प्रशासन पूरी तरह नतमस्तक रहा है। जेल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खुद इसकी गवाही दे रहे हैं। आम मुलाकातियों को महज आधे घंटे में ही जेल के बाहर कर देने वाले अफसर अतीक के मामले में चुप्पी साध लेते थे। जेल में इंट्री होने के बाद मुलाकाती तभी बाहर जाते थे, जब अतीक की मर्जी होती थी।
फिर चाहे घंटों ही क्यों न बीत जाएं। 26 दिसंबर को मोहित भी तीन घंटे तक जेल के अंदर रहा। मुलाकात की अधिकतम समय सीमा बीतने के बाद भी जेल प्रशासन ने न उसे बाहर करने की जरूरत समझी और न ही इतने समय तक अंदर रहने पर कोई पूछताछ या जानकारी ली।
प्रभारी डीआईजी और गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामधनी की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। मामला सुर्खियों में आने के बाद अफसर मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।
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जेल प्रशासन भी मोहित के जेल में दाखिल होने की पुष्टि कर चुका है। सूत्रों के अनुसार बंदी या कैदी से मिलने वाले को विशेष परिस्थिति में कुछ अतिरिक्त समय के लिए छूट दी जा सकती है, पर अतीक के मामले में सारे नियम ताक पर रख दिए गए थे।
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फिर चाहे घंटों ही क्यों न बीत जाएं। 26 दिसंबर को मोहित भी तीन घंटे तक जेल के अंदर रहा। मुलाकात की अधिकतम समय सीमा बीतने के बाद भी जेल प्रशासन ने न उसे बाहर करने की जरूरत समझी और न ही इतने समय तक अंदर रहने पर कोई पूछताछ या जानकारी ली।
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प्रभारी डीआईजी और गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक रामधनी की जांच में भी यह बात सामने आ चुकी है। मामला सुर्खियों में आने के बाद अफसर मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।
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जेल प्रशासन भी मोहित के जेल में दाखिल होने की पुष्टि कर चुका है। सूत्रों के अनुसार बंदी या कैदी से मिलने वाले को विशेष परिस्थिति में कुछ अतिरिक्त समय के लिए छूट दी जा सकती है, पर अतीक के मामले में सारे नियम ताक पर रख दिए गए थे।
अव्वल तो कई मुलाकातियों की जेल के रजिस्टर में इंट्री भी नहीं की जाती थी और अगर इंट्री हुई भी तो उसके बाहर निकलने की कोई तय सीमा नहीं होती थी। भेंट पूरी होने और पूर्व सांसद की सहमति के बाद ही वह जेल से बाहर आता था।
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय भी नहीं बता सके कि मोहित के मामले में ऐसी कौन सी परिस्थिति थी, जो उसे तीन घंटे तक अतीक से मिलने की अनुमति दे दी गई।
जिले में थे सीएम, फिर भी हो गई घटना
26 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने जिले में आए थे। इस दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर पूरे जिले में अलर्ट था। चप्पे-चप्पे पर फोर्स मुस्तैद थी। पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान सीएम की सुरक्षा में था। इसके बावजूद जिला जेल में ऐसी घटना हो गई।
जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय भी नहीं बता सके कि मोहित के मामले में ऐसी कौन सी परिस्थिति थी, जो उसे तीन घंटे तक अतीक से मिलने की अनुमति दे दी गई।
जिले में थे सीएम, फिर भी हो गई घटना
26 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने जिले में आए थे। इस दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर पूरे जिले में अलर्ट था। चप्पे-चप्पे पर फोर्स मुस्तैद थी। पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान सीएम की सुरक्षा में था। इसके बावजूद जिला जेल में ऐसी घटना हो गई।