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एमडीआर टीबी : तीन साल में मिले 422 मरीज
Mon, 19 Oct 2026 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:13 AM IST
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देवरिया। जिले में दवा प्रतिरोधी टीबी यानी एमडीआर टीबी के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। तीन वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों में कुल 422 मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 162 और 2025 में 158 नए मरीज मिले थे। वर्ष 2026 में अब तक 102 नए मरीजों की पहचान हुई है। इस तरह ऐसे में संक्रमण रोकना क्षय रोग विभाग के लिए अभी भी चुनौती बनी है।
वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में चार मरीज कम मिले मगर इस मामूली अंतर को बीमारी पर नियंत्रण का ठोस संकेत नहीं माना जा सकता। एमडीआर टीबी का इलाज सामान्य टीबी की तुलना में अधिक जटिल माना जाता है।
ऐसे में क्षय रोग विभाग का प्रयास होता है कि कोई भी व्यक्ति क्षय रोग का शिकार न हो। इसके बाद भी इस पर पूर्ण लगाम नहीं लग पा रही है।
ऑनलाइन पड़ताल में सामने आया है कि जिले में सामान्य टीबी के मरीजों की संख्या भी बढ़ा रही है। वर्ष 2024 में जिले में टीबी के 6314 मरीज मिले थे।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में अप्रैल 2024 में चार बेड का डीआरटीबी वार्ड स्थापित किया गया है। यहां एमडीआर टीबी मरीजों की उपचार से पहले आवश्यक जांच और दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 162 और 2025 में 158 नए मरीज मिले थे। वर्ष 2026 में अब तक 102 नए मरीजों की पहचान हुई है। इस तरह ऐसे में संक्रमण रोकना क्षय रोग विभाग के लिए अभी भी चुनौती बनी है।
वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में चार मरीज कम मिले मगर इस मामूली अंतर को बीमारी पर नियंत्रण का ठोस संकेत नहीं माना जा सकता। एमडीआर टीबी का इलाज सामान्य टीबी की तुलना में अधिक जटिल माना जाता है।
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ऐसे में क्षय रोग विभाग का प्रयास होता है कि कोई भी व्यक्ति क्षय रोग का शिकार न हो। इसके बाद भी इस पर पूर्ण लगाम नहीं लग पा रही है।
ऑनलाइन पड़ताल में सामने आया है कि जिले में सामान्य टीबी के मरीजों की संख्या भी बढ़ा रही है। वर्ष 2024 में जिले में टीबी के 6314 मरीज मिले थे।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में अप्रैल 2024 में चार बेड का डीआरटीबी वार्ड स्थापित किया गया है। यहां एमडीआर टीबी मरीजों की उपचार से पहले आवश्यक जांच और दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
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