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कई मदरसा शिक्षकों को विषयों की जानकारी ही नहीं : डॉ. शुचिता

Wed, 14 Jul 2021 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 11:42 PM IST
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Many madrassa teachers are not aware of the subjects: Dr. Suchita
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि कई मदरसा शिक्षकों को विषयों की जानकारी ही नहीं है। यह बात उन्होंने एक मदरसे के निरीक्षण के अनुभव पर कही।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 से माता-पिता व उनमें से एक को खोने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री की ओर से चलाई जा रही बाल सेवा योजना से लाभान्वित किया जाएगा। जनपद में ऐसे पांच बच्चे चिह्नित किए गए हैं।
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101 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिन्होंने माता-पिता में से एक को खोया है, इन्हें भी योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। ऐसे पांच बच्चे मिले हैं जिनके माता-पिता की मौत का कोविड का प्रमाण पत्र नहीं है। इन बच्चों के परिवार के पुरुष या महिला सदस्य को श्रम विभाग की बाल श्रम विद्या योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
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डॉ. चतुर्वेदी बुधवार को सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि विकास खंड रुद्रपुर क्षेत्र के मदनपुर स्थित मदरसा अरबिया अंजुुमन इस्लामिया का निरीक्षण किया गया। बताया गया कि 25 शिक्षक हैं, जिसमें 22 स्थाई तथा संविदा की तीन शिक्षिकाएं शामिल हैं। यहां कक्षा एक से पांच तक 115, छह से आठ तक 272, नौ में 78, दस में 105, ग्यारह में 45, बारह में 18 छात्र हैं। बीए की कक्षाएं भी संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्य हुआ कि अधिकांश शिक्षक मदरसा से आलिम (इंटर) पास कर, वहीं पढ़ा रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि मदरसा में उर्दू, अरबी, फारसी पढ़ाई जाती है, अन्य विषय की पढ़ाई नहीं होती है। एनसीआरटी की पुस्तकें रखी थीं। कुछ शिक्षकों को विषय का ज्ञान ही नहीं था। पहाड़ा व गणित के सामान्य सवाल का जवाब भी नहीं दिया गया। ऑनलाइन कक्षा संचालित करने की बात कही गई, लेकिन कुल 615 बच्चों में एक ग्रुप में 12 व दूसरे में 29 छात्र जुड़े थे। ऐसे में बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास फलीभूत नहीं हो रहा है। 553 बच्चों को कन्वर्जन कास्ट देने की बात कही गई, लेकिन इतने बच्चे पंजीकृत हैं कि नहीं और पैसा सही खाते में जा रहा है कि नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को दी जाएगी, जांच कराकर कार्रवाई की जा सके। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मदरसों की स्थिति सुधारने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग तैयारी कर रहा है। जिला महिला अस्पताल में 17, पुरुष में 15, एमसीएच विंग में 20 बेड के अलावा सीएचसी में पीकू वार्ड तैयार किए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। पाइन लाइन लग गई है। सीआरएस की ओर से और ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
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