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Deoria News: वैष्णो धाम मंदिर में मां दुर्गा की हुई प्राण प्रतिष्ठा
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संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री बाजार। सलेमपुर क्षेत्र के पड़री बाजार वैष्णो धाम मंदिर में शुक्रवार को वैदिक मंत्रों के साथ आचार्य अजय पांडेय एवं आचार्य राजेश पांडेय ने मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए। जयकारे से क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रीशतचंडी महायज्ञ में वृंदावन के कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। रामलीला में राजा जनक यह प्रतिज्ञा करते हैं कि शिव का धनुष जो उठाएगा उसी से अपनी पुत्री की शादी करेंगे।
स्वयंवर में दूर-दूर से आए राजा धनुष उठाने का प्रयत्न करते हैं, लेकिन किसी से धनुष नहीं उठता है। इससे राजा जनक निराश हो जाते हैं और कहते हैं कि अगर हम जानते कि इस धनुष को कोई उठा नहीं सकता है, तो हम इस प्रकार की प्रतिज्ञा नहीं करते।
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अंत में विश्वामित्र की आज्ञा से राम जी धनुष को उठाकर तोड़ देते हैं। यह देखकर उपस्थित राजा आश्चर्यचकित रह जाते हैं। सीता राम के गले में जयमाल पहनाती हैं। तभी वहां क्रोध में परशुराम भगवान आते हैं। लक्ष्मण परशुराम संवाद होता है। इस दौरान वैष्णो धाम के संयोजक विमलचंद्र पांडेय, ओमप्रकाश उपाध्याय, महातम पांडेय, डॉ. विरेंद्र पांडेय, कवींद्र नाथ पांडेय, गुलाब मदेशिया, जयप्रकाश मदेशिया, द्वारिका शर्मा, अरविंद सिंह, गुड्डू दूबे, अभय मिश्रा, रामध्यान पाल, विशाल यादव, अनशन पांडेय, जयशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।
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पड़री बाजार। सलेमपुर क्षेत्र के पड़री बाजार वैष्णो धाम मंदिर में शुक्रवार को वैदिक मंत्रों के साथ आचार्य अजय पांडेय एवं आचार्य राजेश पांडेय ने मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई।
इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए। जयकारे से क्षेत्र भक्तिमय हो गया। श्रीशतचंडी महायज्ञ में वृंदावन के कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। रामलीला में राजा जनक यह प्रतिज्ञा करते हैं कि शिव का धनुष जो उठाएगा उसी से अपनी पुत्री की शादी करेंगे।
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स्वयंवर में दूर-दूर से आए राजा धनुष उठाने का प्रयत्न करते हैं, लेकिन किसी से धनुष नहीं उठता है। इससे राजा जनक निराश हो जाते हैं और कहते हैं कि अगर हम जानते कि इस धनुष को कोई उठा नहीं सकता है, तो हम इस प्रकार की प्रतिज्ञा नहीं करते।
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अंत में विश्वामित्र की आज्ञा से राम जी धनुष को उठाकर तोड़ देते हैं। यह देखकर उपस्थित राजा आश्चर्यचकित रह जाते हैं। सीता राम के गले में जयमाल पहनाती हैं। तभी वहां क्रोध में परशुराम भगवान आते हैं। लक्ष्मण परशुराम संवाद होता है। इस दौरान वैष्णो धाम के संयोजक विमलचंद्र पांडेय, ओमप्रकाश उपाध्याय, महातम पांडेय, डॉ. विरेंद्र पांडेय, कवींद्र नाथ पांडेय, गुलाब मदेशिया, जयप्रकाश मदेशिया, द्वारिका शर्मा, अरविंद सिंह, गुड्डू दूबे, अभय मिश्रा, रामध्यान पाल, विशाल यादव, अनशन पांडेय, जयशंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।