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Deoria News: प्रभारी चिकित्साधिकारी और गैरहाजिर डॉक्टर के निलंबन के लिए भेजा पत्र

Sun, 11 Dec 2022 04:30 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2022 04:30 AM IST
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letter send for doctors suspention
प्रभारी चिकित्साधिकारी और गैरहाजिर डॉक्टर के निलंबन के लिए भेजा पत्र
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सीएमओ ने अस्पताल से गायब होने पर भेजा नोटिस, एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने अस्पताल पहुंचकर की जांच-पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने भटनी पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष कुमार सिंह और ड्यूटी से गैरहाजिर मिले डॉ. अमित जायसवाल पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दोनों को बिना सूचना अस्पताल से गायब रहने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा सीएमओ ने लापरवाह डॉक्टरों के निलंबन की संस्तुति के लिए शासन को पत्र भेजा है।
भटनी पीएचसी में इलाज के अभाव में शिक्षक और शिक्षिका की मौत के मामले में शिकायत पर जांच के लिए एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह अस्पताल पहुंचे थे। जांच में छठीयांव न्यू पीएचसी के डॉ. अमित जायसवाल की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाई गई थी। लेकिन वह मौके से गायब मिले। वहीं, जब लोगों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से शिकायत की तो उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
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एसीएमओ की रिपोर्ट पर सीएमओ ने शनिवार शाम दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि प्रभारी चिकित्साधिकारी और ड्यूटी से गायब मिले चिकित्सक का स्थानांतरण करने के साथ निलंबन की संस्तुति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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फोटो समाचार
चार बेटियों के सिर से उठ गया पिता का साया
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे शिक्षक प्राणनाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। नगर के सुभाष इंटरमीडिएट कॉलेज में तैनात खेल शिक्षक व कंपोजिट विद्यालय पिपरा देवराज की शिक्षिका के निधन से शिक्षकों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने जिम्मेदार डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिक्षक प्राणनाथ मिश्र की चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ जाने से वे बदहवास हैं। मां से लिपट कर रो रहीं बच्चियों को देखकर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं थीं। प्राणनाथ की चार संतानों में दो बेटियां अनुराधा और अनामिका वाराणसी में पढ़ती हैं। आराधना और अंजल मां के साथ रहकर पढ़ाई करती हैं। शिक्षक बेटियों को आत्मनिर्भर बनाकर शादी करना चाहते थे। इसलिए वह बेटियों की पढ़ाई के लिए मोटी रकम खर्च करते थे।
वहीं, आजमगढ़ की रहने वाली शिक्षिका अर्चना भारती 2021 से पिपरा देवराज कंपोजिट विद्यालय पर तैनात थीं। शनिवार सुबह पेट में दर्द हुआ लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। चर्चा है कि अगर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद होते तो शिक्षक और शिक्षिका की जान बच गई होती।

पांच घंटे ठप रहा अस्पताल में काम
भटनी। इलाज के अभाव में शिक्षक और शिक्षिका की मौत के बाद लोगों की भीड़ जुटने पर स्वास्थ्य कर्मी अस्पताल छोड़कर भाग निकले। इस दौरान करीब पांच घंटे तक अस्पताल का कार्य जहां प्रभावित रहा, वहीं, मरीज इधर-उधर घूमते नजर आए। एसडीएम और एसीएमओ के पहुंचने पर स्वास्थ्य कर्मी कार्य पर लौटे।
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