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Deoria News: चालकों-परिचालकों के इंतजार में हर रोज थम जा रहे 13 बसों के पहिए

Sun, 03 Mar 2024 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 03 Mar 2024 12:24 AM IST
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lack of driver cunductor in roadways
वर्कशाॅप में बसों के खड़े होने से विभिन्न रूटों पर यात्रियों को हो रही परेशानी
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राजस्व को नुकसान के साथ ही यात्रियों को हो रही असुविधा

संवाद न्यूज एजेंसी

देवरिया। रोडवेज में चालकों-परिचालकों की कमी सहित अन्य संसाधनों का अभाव यात्रियों पर भारी पड़ रहा है। इससे बसों के पहिए थम जा रहे हैं। कार्यशाला में हर दिन 13 बसें खड़ी हो रही हैं। इससे निगम को भी राजस्व की क्षति हो रही है।
देवरिया डिपो में वर्तमान में परिवहन निगम की 69 एवं 128 अनुबंधित बसों का संचालन किया जा रहा है। निगम की 69 बसों के लिए निगम के नियमों के अनुसार 149 चालक चाहिए, जबकि अभी 107 चालकों से ही काम चलाया जा रहा है, जबकि 42 की कमी है। इसके अलावा यहां 428 परिचालकों का पद सृजित है जबकि वर्तमान में 296 परिचालक ही तैनात हैं। 132 की कमी का सीधा असर संचालन व्यवस्था पर पड़ रहा है।
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इसका परिणाम यह है कि हर दिन डिपो में औसतन 13 निगम की बसें खड़ी रह रही हैं। संसाधन कैसे बढ़े और संचालन कैसे सुधरे, इसके लिए जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
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जूनियर फोरमैन अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला में जो भी बसें आती हैं, उनकी मरम्मत कराई जाती है। पूरी जांच के बाद ही उसे बाहर निकाला जाता है। जिन पर ज्यादा काम होता है, उसके बनने में समय लगता है। लंबी दूरी वाली बसों को जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही फिट घोषित किया जाता है।

इन रूटों के यात्री झेल रहे परेशानी
देवरिया से भरथुआ-भटनी मार्ग, सलेमपुर-भाटपाररानी, भाटपाररानी-भिंगारी बाजार-भवानीछापर, भाटपाररानी-बनकटा-प्रतापपुर मार्ग पर बसों की संख्या इधर बेहद कम हो गई है। यात्री गंतव्य तक जाने के लिए प्राइवेट वाहनों का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा खड़ी होने वाली बसों में दोहरीघाट, बरहज, आजमगढ़, कसया, पडरौना आदि जगहों पर जाने वाली हैं। इनके पहिए थमे होने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

स्पीकअप

रोडवेज हर वर्ष किराया तो बढ़ा देता है लेकिन यात्रियों को सुविधाएं देने में पिछड़ जाता है। यहां परिसर में बैठने तक के लिए कोई बेहतर जगह तक नहीं हैं, ऐसे में बसों का इंतजार करना भारी मालूम पड़ता है।
-संजय कुमार, यात्री


समय से बसें नहीं मिलने से घर पहुंचने में देर होती है। दोहरीघाट जाना है, लेकिन दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। बस कब तक आएगी, पूछताछ पर भी सही जानकारी नहीं देते।

-दीपक विश्वकर्मा, यात्री
कोट
अभी डिपो में कुल 197 बसों का संचालन किया जा रहा है। निगम के नियमों के अनुसार जो संसाधन है उसके अनुसार 42 चालक और 132 परिचालकों की और आवश्यकता है। इनकी संख्या में वृद्धि हो, इसके लिए हर माह उच्चाधिकारियों को पत्र जारी किया जाता है। अभी जो भी संसाधन उपलब्ध हैं, उसी से संचालन व्यवस्था की जा रही है।

-राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, देवरिया डिपो
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