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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में ए व एबी निगेटिव ग्रुप के खून का अभाव
Mon, 25 Nov 2024 06:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 25 Nov 2024 06:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ए और एबी निगेटिव ग्रुप की कमी हो गई है। इसकी वजह से जरूरतमंदों को भटकना पड़ रहा है। उन्हें बाहर से इंतजाम करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें रुपये भी खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलवा दो पाॅजिटिव और दो निगेटिव ग्रुप के ब्लड काफी कम हैं। डिमांड अधिक होने पर इसके लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक स्थापित किया गया है, यहां कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट है। इसकी वजह से पीआरबीसी, होल ब्लड, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा की सुविधा है। अस्पताल के विभिन्न विभागों से मरीजों वार्डों में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड चढ़ाने की सलाह देते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को डोनर देने पर मुफ्त में ब्लड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जबकि दूसरे अस्पताल में मरीज को चढ़ाने के लिए ब्लड लेने पर शुल्क लिया जाता है।
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इन दिनाें ब्लड बैंक में दो ग्रुप का निगेटिव ब्लड समाप्त हो गया है। इसमें ए और एबी निगेटिव ग्रुप शामिल है। इसके लिए तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें करीब पंद्रह सौ रुपये खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में ए और एबी निगेटिव ग्रुप की कमी हो गई है। इसकी वजह से जरूरतमंदों को भटकना पड़ रहा है। उन्हें बाहर से इंतजाम करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें रुपये भी खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलवा दो पाॅजिटिव और दो निगेटिव ग्रुप के ब्लड काफी कम हैं। डिमांड अधिक होने पर इसके लिए दिक्कत खड़ी हो जाएगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक स्थापित किया गया है, यहां कंपोनेंट ब्लड सेपरेशन यूनिट है। इसकी वजह से पीआरबीसी, होल ब्लड, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा की सुविधा है। अस्पताल के विभिन्न विभागों से मरीजों वार्डों में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
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डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड चढ़ाने की सलाह देते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को डोनर देने पर मुफ्त में ब्लड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जबकि दूसरे अस्पताल में मरीज को चढ़ाने के लिए ब्लड लेने पर शुल्क लिया जाता है।
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इन दिनाें ब्लड बैंक में दो ग्रुप का निगेटिव ब्लड समाप्त हो गया है। इसमें ए और एबी निगेटिव ग्रुप शामिल है। इसके लिए तीमारदारों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्हें निजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें करीब पंद्रह सौ रुपये खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।