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Deoria News: वातावरण में नमी से सांस के मरीजों की बढ़ी दिक्कतें

Wed, 16 Oct 2024 03:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 16 Oct 2024 03:28 AM IST
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Increased problems of respiratory patients due to moisture in the environment
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। वातावरण में नमी के कारण एलर्जी और सांस के मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 70 से 80 मरीज पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर बताते हैं कि वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ने से एलर्जी से पीड़ितों को परेशानी हो रही है, जिससे नाक, आंखा से पानी के साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
बारिश के बाद धूप, बदली हो रही है। शाम को ठंड का अहसास भी हो रहा है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही एलर्जी के मरीजों की दिक्कत बढ़ा दे रही है। वायुमंडल में नमी के कारण वायरस का संक्रमण बढ़ गया है, जिससे एलर्जी के साथ सांस के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। इन्हें सर्दी, जुकाम, नाक से पानी, आंख में खुजली होने लगती है। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग की ओपीडी में इन मरीजों में इजाफा हुआ है। मंगलवार को इस तरह के लक्षण लेकर आने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। सुबह से मरीज पहुंचने लगे। दोपहर तक मरीजों की संख्या बढ़ गई। डॉ. अनुराग शुक्ला, डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. सुमित ने करीब 165 मरीजों का इलाज किया। इसमें 85 एलर्जी व सांस से पीड़ित मरीज रहे। उन्हें दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
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चेस्ट व टीबी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनुराग शुक्ला ने बताया कि मौसम बदला है। ठंड भी शुरू हो रही है। ऐसे में एलर्जी और सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। वातावरण में नमी की वजह से वायरस भी ग्रोथ करते हैं। उन्हें जिस चीज से दिक्कत है उसका संक्रमण होता है। इस मौसम में सांस की नली सिकुड़ जाती है।
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जिनकी रोग प्रतिरोध क्षमता कम होती है उन्हें परेशानी होती है। शुगर के मरीज को भी दिक्कत होती है। लापरवाही से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। इस मौसम में सावधानी बरतनी चाहिए। लक्षण मिलने व परेशानी होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए। बताया कि एलर्जी की जांच होती है। इसमें सीरम टोटल आईजीई जांच होती है। एलर्जी है कि नहीं की जानकारी होती है, जबकि स्किन प्रिक टेस्ट से किसी चीज से एलर्जी है उसके बारे में पता चलता है।
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