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Deoria News: पुलिया के पास नहीं लग पाया ह्यूम पाइप, तीसरे दिन भी बंद रहा आवागमन

Thu, 16 Jul 2026 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Thu, 16 Jul 2026 12:19 AM IST
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Hume pipe not found near bridge, traffic still closed for third day
बांकी के पास बारिश से बहे वैक​ल्पिक मार्ग पर ह्यूम पाइप लगाते मजदूर
पैकौली। देवरिया-रामलक्षन मार्ग पर बांकी गांव के पास निर्माणाधीन पुल के बगल से बनाया गया वैकल्पिक मार्ग जलमग्न होने की वजह से इस रोड पर तीसरे दिन बुधवार को भी आवागमन बंद रहा।
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पीडब्ल्यूडी के अभियंता और कर्मचारी वैकल्पिक रास्ते पर ह्यूम पाइप डालकर पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं, मगर बहाव तेज होने से यह प्रयास सफल नहीं हो पा रहा है।
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रविवार से बंद पड़े इस मार्ग के कारण कई दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क प्रभावित है। सोमवार को नाराज ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा कर आवागमन बहाल करने की मांग की थी।
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बुधवार को भी विभाग वैकल्पिक रास्ते को चालू करने के लिए मशक्कत करता रहा। आवागमन प्रभावित होने के कारण लोग रास्ता बदलकर बांकी चौराहे से जा रहे हैं। देवरिया से रामलक्षन जाने वाले छोटे-बड़े वाहनों को बांकी चौराहे से बढ़ेया की ओर मोड़ा जा रहा है।
वहां से जंगल ठकुरही होते हुए वाहन जोड़ौरा, सुदामा चौराहा होते हुए रामलक्षन पहुंच रहे हैं। रामलक्षन से देवरिया आने वाले वाहन भी इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं।
लंबा चक्कर लगाने से यात्रियों को अतिरिक्त समय और किराया दोनों खर्च करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ा है। रोजाना इस सड़क से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीडब्ल्यूडी की ओर से बुधवार को भी जलमग्न वैकल्पिक मार्ग को चालू कराने के लिए काम जारी रहा। जेसीबी की मदद से ह्यूम पाइप डाले जा रहे हैं, ताकि बारिश का पानी तेजी से निकल सके और मार्ग को दोबारा यातायात के लिए खोला जा सकें।
पुल निर्माण के चलते जलनिकासी बाधित होने से आसपास के किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाकी गांव के किसान रामनगीना, सुरेंद्र, आशीष और राजाराम ने बताया कि पानी की निकासी नहीं होने से धान की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
उनका कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की गई होती तो फसल को नुकसान नहीं होता। ग्रामीणों ने पुल निर्माण की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए और पुलि निर्माण की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो गया होता तो वैकल्पिक मार्ग बनाने की नौबत ही नहीं आती। किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थाई जलनिकासी की व्यवस्था कराने तथा पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
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