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Deoria News: ताली मठिया में रास्ता निकलने की उम्मीद
Thu, 20 Aug 2026 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:47 AM IST
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रामपुर बुजुर्ग। भाटपार रानी तहसील के ताली मठिया गांव में रास्ता निकलने की उम्मीद जग गई है। रास्ते का मामला मुख्यमंत्री के जनता दरबार में उठाया गया था।
मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने लेखपाल, कानूनगो एवं तहसीलदार को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद से तहसील के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
तहसील के अधिकारी लगातार गांव का चक्कर लगा रहे हैं और बातचीत के माध्यम से इसका हल तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
ताली मठिया गांव निवासी सुनीता ने मुख्यमंत्री से जनता दरबार में गांव में रास्ता निकालने की गुहार लगाई थी। सुनीता कुमारी ने कहाकि उनके घर के पास आठ डिसमिल आबादी की जमीन खाली है जिसमें से वह रास्ते की मांग कर रही है।
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इसके लिए वह कई महीनों से थाना, तहसील सहित विभिन्न अधिकारियों का चक्कर लगा रही हैं। महिला के मुताबिक विपक्षियों द्वारा इसके विरोध में उससे मारपीट की गई, उसके दरवाजे पर पथराव किया गया। इसकी शिकायत भी कहीं नहीं सुनी गई।
सुनीता थक हार कर मुख्यमंत्री दरबार में जाकर सीएम से गुहार लगाई। महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले लेखपाल, कानूनगो एवं तहसीलदार को निलंबित करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दे दिए थे।
इसके बाद स्थिति पलटी नजर आ रही है और जिस महिला की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी उसी की शिकायत के निस्तारण के लिए तहसील प्रशासन गांव का चक्कर लगाने लगा है।
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मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने लेखपाल, कानूनगो एवं तहसीलदार को सस्पेंड करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के बाद से तहसील के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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तहसील के अधिकारी लगातार गांव का चक्कर लगा रहे हैं और बातचीत के माध्यम से इसका हल तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
ताली मठिया गांव निवासी सुनीता ने मुख्यमंत्री से जनता दरबार में गांव में रास्ता निकालने की गुहार लगाई थी। सुनीता कुमारी ने कहाकि उनके घर के पास आठ डिसमिल आबादी की जमीन खाली है जिसमें से वह रास्ते की मांग कर रही है।
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इसके लिए वह कई महीनों से थाना, तहसील सहित विभिन्न अधिकारियों का चक्कर लगा रही हैं। महिला के मुताबिक विपक्षियों द्वारा इसके विरोध में उससे मारपीट की गई, उसके दरवाजे पर पथराव किया गया। इसकी शिकायत भी कहीं नहीं सुनी गई।
सुनीता थक हार कर मुख्यमंत्री दरबार में जाकर सीएम से गुहार लगाई। महिला की शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने वाले लेखपाल, कानूनगो एवं तहसीलदार को निलंबित करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दे दिए थे।
इसके बाद स्थिति पलटी नजर आ रही है और जिस महिला की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी उसी की शिकायत के निस्तारण के लिए तहसील प्रशासन गांव का चक्कर लगाने लगा है।