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आठ प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस दिया
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Thu, 16 Jun 2016 10:56 PM IST
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वर्ष 2015-16 में जननी सुरक्षा योजना में भुगतान में लापरवाही करने वाले आठ प्रभारी चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सीएमओ ने अगले आदेश तक इन सभी का वेतन बाधित कर दिया है। चालू वित्तीय वर्ष में भी इनमें चार पीएचसी पर इस योजना में 80 प्रतिशत से कम भुगतान हुआ है।
जननी सुरक्षा योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझागांवा में 68, भागलपुर में 36, महेन में 46, भाटपाररानी में 71, भलुअनी में 49, गौरीबाजार में 57, रामपुर कारखाना में 36 और पथरदेवा में 51 प्रतिशत लाभार्थियों को ही भुगतान किया गया है। रामपुर कारखाना और भागलपुर की स्थिति तो बेहद शर्मनाक है। इन दोनों जगहों पर इस योजना में भुगतान का प्रतिशत मात्र 36 रहा है।
चालू वित्तीय वर्ष में भी भागलपुर, महेन, मझगांवा और रामपुर कारखाना भुगतान के मामले में पीछे चल रहे हैं। पिछले दिनों सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने भुगतान के स्थिति की समीक्षा की तो मामला सामने आया। इस अपर उन्होंने इन सभी पीएचसी के प्रभारी क्रमश: डॉ. मारकंडेय प्रसाद, डॉ. आरके कुशवाहा, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. केके गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. इंद्रदेव गौरव, डॉ. डीवी शाही और डॉ. एके सिंह का मई महीने का वेतन बाधित कर दिया है।
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सीएमओ ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ का कहना है कि इनकी लापरवाही के चलते विभाग की छवि धूमिल हो रही है। चेतावनी दी गई है कि कार्य में गुणात्मक सुधार नहीं किया गया तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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जननी सुरक्षा योजना में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझागांवा में 68, भागलपुर में 36, महेन में 46, भाटपाररानी में 71, भलुअनी में 49, गौरीबाजार में 57, रामपुर कारखाना में 36 और पथरदेवा में 51 प्रतिशत लाभार्थियों को ही भुगतान किया गया है। रामपुर कारखाना और भागलपुर की स्थिति तो बेहद शर्मनाक है। इन दोनों जगहों पर इस योजना में भुगतान का प्रतिशत मात्र 36 रहा है।
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चालू वित्तीय वर्ष में भी भागलपुर, महेन, मझगांवा और रामपुर कारखाना भुगतान के मामले में पीछे चल रहे हैं। पिछले दिनों सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने भुगतान के स्थिति की समीक्षा की तो मामला सामने आया। इस अपर उन्होंने इन सभी पीएचसी के प्रभारी क्रमश: डॉ. मारकंडेय प्रसाद, डॉ. आरके कुशवाहा, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. केके गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. इंद्रदेव गौरव, डॉ. डीवी शाही और डॉ. एके सिंह का मई महीने का वेतन बाधित कर दिया है।
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सीएमओ ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सीएमओ का कहना है कि इनकी लापरवाही के चलते विभाग की छवि धूमिल हो रही है। चेतावनी दी गई है कि कार्य में गुणात्मक सुधार नहीं किया गया तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।