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देवरिया बाइपास : बजट नहीं है तैयार... किसान मुआवजे के लिए कर रहे रार
Tue, 05 Dec 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:43 AM IST
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सीमांकन के बाद एनएचआई ने खेतों में लगाया था पिलर
जाम से निजात के लिए 22 किमी बनना है बाइपास
32 गांव के किसान कर रहे विरोध-,मुआवजा कम बताकर शुरू हुआ विरोध
देवरिया। देवरिया शहर को जाम से निजात के लिए मुंडेरा बुजुर्ग से सीरजम खास तक बनने वाले 22 किमी देवरिया बाईपास में आने वाली जमीन के मुआवजे को लेकर किसान आंदोलित हैं। जबकि अब तक परियोजना के लिए बजट ही जारी नहीं किया गया है। योजना फिलहाल समाचार पत्रों में गजट जारी होने और खेतों में सीमांकन तक सिमटी हुई है।
देवरिया बाईपास का निर्माण करीब 1700 करोड़ की लागत से किया जाना है। करीब आठ माह पूर्व एनएचआई ने इसका गजट समाचार पत्रों में कराया सीमांकन के बाद किसानों के खेतों में पिलर लगा दिए गए। लेकिन उसके बाद से परियोजना ठंडे बस्ते में हैं। उधर, खेतों में पिलर लगा तो किसान मुआवजा की मांग को लेकर हंगामा खड़ा करने लगे। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन के एवज में बाजार रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। जबकि बजट पास न होने की वजह से प्रशासन फिलहाल इस मुद्दे पर खामोश है। एनएचआई की ओर से भी जिला प्रशासन को निर्माण कार्य के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
बाइपास सड़क में 32 गांव के किसानों की जमीन निकल रही है। एनएचआई ने सीमांकन के बाद किसानों के खेतों में मई माह में पिलर लगाना शुरू किया। इसके बाद किसानों में विरोध की सुगबुगाहट शुरू हो गई। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसान बिना पूछे खेतों में पिलर लगाने का विरोध और बाजार रेट के हिसाब से जमीन का चार गुना मुआवजा की मांग करने लगे। किसानों के विरोध के बीच एनएचआई ने खेतों में पिलर लगा दिया और किसानों को पिलर हटाने पर केस दर्ज होने की चेतावनी दी।
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एक तरफ जहां मुआवजे को लेकर किसान लगातार विरोध कर रहे हैं, वहीं परियोजना के लिए अभी तक शासन से कोई रकम ही नहीं मिली है। जिला प्रशासन का कहना है कि परियोजना एनएचआई का है। अगर वहां से बजट मिलता है तो जिन किसानों की परियोजना में जमीन निकल रही है। उन्हें शर्तों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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इन गांवों से होकर गुजरेगा देवरिया बाइपास
बाइपास सिरजम खास, इटवा, गुड़री, बैतालपुर, बलुआ, सझवा, बरारी तप्पा चतुरा, बासपार बुजुर्ग, जैतपुरा, मुड़रा, परसा, बरवा, गौरा, भीमपुर,बरारी तप्पा गोबराई, भगौतीपुर, पोखरभिंडा तप्पा गोबराई, मुंडेरा तप्पा गोबराई, धनौती खुर्द, गोबाराइ खास, कुसम्हा बेलवा, रामपुर खुर्द, पगरा उर्फ परसिया, पकड़ी खुर्द, बड़हरा, पकड़ी बुजुर्ग, लाहिपार उर्फ रतनपुरा, घटेलावेती उर्फ चकबंदी, घटेलागाजी, चकरवा धूस, देवरिया मीर, सरैया तप्पा कचुआर, दुबौली तप्पा कचुुआर, अहिलवार खुर्द, धनौती, अहिलवार बुजुर्ग, सुकरौली और सोनूघाट के आगे मुंडेरा बुजुर्ग से होकर गुजरेगा।
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सरकार को बाजार रेट के हिसाब से मुआवजा किसानों को देना चाहिए। प्रशासन सर्किल से रेट मुआवजा देने की बात कह रहा है जो कम है। हम इसी का विरोध कर रहे हैं। कृष्णकांत किसान
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किसानों को बिना किसी सूचना दिए खेतों में पिलर लगा दिया गया। विरोध करने पर किसानों पर केस दर्ज कराने की धमकी दी गई। सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलने पर किसानों का नुकसान होगा।, अजय सिंह, किसान
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प्रशासन किसानों की जमीन दबाव बनाकर लेना चाहता है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के शर्तों के अनुसार प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। गुपचुप तरीके से प्रशासन जमीन लेना चाहता है।-सुग्रीव किसान
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-किसानों की बात प्रशासन नहीं सुन रहा है। एनएचआई के अफसर भी किसानों से संपर्क नहीं कर रहे हैं। खेतों में अचानक पिलर लगने से किसान परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इसके लिए पहल करना चाहिए। अजीत तिवारी, किसान
कोट
देवरिया बाइपास परियोजना के लिए अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन बजट आने के बाद ही इनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। नियमानुसार जो मुआवजा होगा, वह मिलेगा। अभी तक परियोजना से जुड़ी कोई नई जानकारी है।-विपिन कुमार द्विवेदी एसडीएम सदर
अभी बजट नहीं मिला है। सीमांकन कराने के बाद पिलर लगवा दिया गया है। बजट आने के बाद सर्किल रेट के चार गुना किसानों को मुआवजा मिलेगा। किसान बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं, ऐसा कोई नियम नहीं है। बजट मिलने का इंतजार किया जा रहा है।-दीपक सिंह एनएचआई जेई
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जाम से निजात के लिए 22 किमी बनना है बाइपास
32 गांव के किसान कर रहे विरोध-,मुआवजा कम बताकर शुरू हुआ विरोध
देवरिया। देवरिया शहर को जाम से निजात के लिए मुंडेरा बुजुर्ग से सीरजम खास तक बनने वाले 22 किमी देवरिया बाईपास में आने वाली जमीन के मुआवजे को लेकर किसान आंदोलित हैं। जबकि अब तक परियोजना के लिए बजट ही जारी नहीं किया गया है। योजना फिलहाल समाचार पत्रों में गजट जारी होने और खेतों में सीमांकन तक सिमटी हुई है।
देवरिया बाईपास का निर्माण करीब 1700 करोड़ की लागत से किया जाना है। करीब आठ माह पूर्व एनएचआई ने इसका गजट समाचार पत्रों में कराया सीमांकन के बाद किसानों के खेतों में पिलर लगा दिए गए। लेकिन उसके बाद से परियोजना ठंडे बस्ते में हैं। उधर, खेतों में पिलर लगा तो किसान मुआवजा की मांग को लेकर हंगामा खड़ा करने लगे। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन के एवज में बाजार रेट के हिसाब से चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए। जबकि बजट पास न होने की वजह से प्रशासन फिलहाल इस मुद्दे पर खामोश है। एनएचआई की ओर से भी जिला प्रशासन को निर्माण कार्य के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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बाइपास सड़क में 32 गांव के किसानों की जमीन निकल रही है। एनएचआई ने सीमांकन के बाद किसानों के खेतों में मई माह में पिलर लगाना शुरू किया। इसके बाद किसानों में विरोध की सुगबुगाहट शुरू हो गई। भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले किसान बिना पूछे खेतों में पिलर लगाने का विरोध और बाजार रेट के हिसाब से जमीन का चार गुना मुआवजा की मांग करने लगे। किसानों के विरोध के बीच एनएचआई ने खेतों में पिलर लगा दिया और किसानों को पिलर हटाने पर केस दर्ज होने की चेतावनी दी।
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एक तरफ जहां मुआवजे को लेकर किसान लगातार विरोध कर रहे हैं, वहीं परियोजना के लिए अभी तक शासन से कोई रकम ही नहीं मिली है। जिला प्रशासन का कहना है कि परियोजना एनएचआई का है। अगर वहां से बजट मिलता है तो जिन किसानों की परियोजना में जमीन निकल रही है। उन्हें शर्तों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
इन गांवों से होकर गुजरेगा देवरिया बाइपास
बाइपास सिरजम खास, इटवा, गुड़री, बैतालपुर, बलुआ, सझवा, बरारी तप्पा चतुरा, बासपार बुजुर्ग, जैतपुरा, मुड़रा, परसा, बरवा, गौरा, भीमपुर,बरारी तप्पा गोबराई, भगौतीपुर, पोखरभिंडा तप्पा गोबराई, मुंडेरा तप्पा गोबराई, धनौती खुर्द, गोबाराइ खास, कुसम्हा बेलवा, रामपुर खुर्द, पगरा उर्फ परसिया, पकड़ी खुर्द, बड़हरा, पकड़ी बुजुर्ग, लाहिपार उर्फ रतनपुरा, घटेलावेती उर्फ चकबंदी, घटेलागाजी, चकरवा धूस, देवरिया मीर, सरैया तप्पा कचुआर, दुबौली तप्पा कचुुआर, अहिलवार खुर्द, धनौती, अहिलवार बुजुर्ग, सुकरौली और सोनूघाट के आगे मुंडेरा बुजुर्ग से होकर गुजरेगा।
सरकार को बाजार रेट के हिसाब से मुआवजा किसानों को देना चाहिए। प्रशासन सर्किल से रेट मुआवजा देने की बात कह रहा है जो कम है। हम इसी का विरोध कर रहे हैं। कृष्णकांत किसान
किसानों को बिना किसी सूचना दिए खेतों में पिलर लगा दिया गया। विरोध करने पर किसानों पर केस दर्ज कराने की धमकी दी गई। सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मिलने पर किसानों का नुकसान होगा।, अजय सिंह, किसान
प्रशासन किसानों की जमीन दबाव बनाकर लेना चाहता है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। किसानों के शर्तों के अनुसार प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए। गुपचुप तरीके से प्रशासन जमीन लेना चाहता है।-सुग्रीव किसान
-किसानों की बात प्रशासन नहीं सुन रहा है। एनएचआई के अफसर भी किसानों से संपर्क नहीं कर रहे हैं। खेतों में अचानक पिलर लगने से किसान परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इसके लिए पहल करना चाहिए। अजीत तिवारी, किसान
कोट
देवरिया बाइपास परियोजना के लिए अभी तक कोई बजट नहीं मिला है। किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन बजट आने के बाद ही इनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। नियमानुसार जो मुआवजा होगा, वह मिलेगा। अभी तक परियोजना से जुड़ी कोई नई जानकारी है।-विपिन कुमार द्विवेदी एसडीएम सदर
अभी बजट नहीं मिला है। सीमांकन कराने के बाद पिलर लगवा दिया गया है। बजट आने के बाद सर्किल रेट के चार गुना किसानों को मुआवजा मिलेगा। किसान बाजार मूल्य के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं, ऐसा कोई नियम नहीं है। बजट मिलने का इंतजार किया जा रहा है।-दीपक सिंह एनएचआई जेई