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ऑनलाइन दर्ज आंकड़े तथा स्टॉक में उपलब्ध धान में अंतर

Wed, 16 Nov 2022 11:53 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:53 PM IST
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dm inspected paddy buying center in gader
बरहज के गड़ेर स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र का जांच करते डीएम संवाद - फोटो : DEORIA
ऑनलाइन दर्ज आंकड़े तथा स्टॉक में उपलब्ध धान में अंतर
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डीएम ने किया धान क्रय केंद्र गड़ेर का निरीक्षण, डीएम ने जताई नाराजगी, किया स्पष्टीकरण तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद प्रताप सिंह ने बुुधवार को भलुअनी ब्लॉक के गड़ेर में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। धान क्रय से संबंधित ऑनलाइन क्रय प्रणाली में दर्ज आंकड़े तथा स्टॉक में उपलब्ध धान की मात्रा में अंतर मिला। डीएम ने नाराजगी जताते हुए केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया।
डीएम खाद्य विभाग द्वारा संचालित राजकीय धान क्रय केंद्र गडे़र पहुंचे। यहां धान खरीद से संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन कर केंद्र पर अब तक हुई खरीदारी का ब्योरा देखा। इसमें तीन किसानों से 54 क्विंटल धान का क्रय दर्ज मिला। उन्होंने क्रय केंद्र के स्टॉक में मौजूद धान की मात्रा की जांच कराई, जिसमें 36 क्विंटल धान ही मौके पर उपलब्ध मिला।
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इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और क्रय केंद्र प्रभारी विपणन निरीक्षक जगदीश को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि सरकारी अभिलेख में दर्ज और स्टॉक में मौजूद मात्रा में अंतर मिलना लापरवाही को दर्शाता है। इसकी जवाबदेही तय करके सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम ने स्टॉक में रखे धान के बोरों पर क्रय तिथि का उल्लेख करने के निर्देश दिए। क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों का धान प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए। किसी भी दशा में किसानों को वापस न किया जाए। किसानों से अनुरोध किया कि यदि उन्हें निर्धारित मानकों के तहत क्रय केंद्र पर धान बेचने में किसी भी तरह की समस्या हो रही हो तो उनके सीयूजी नंबर 9454417543 पर अवगत कराएं। समुचित कार्रवाई की जाएगी।
छह विपणन निरीक्षक एवं 14 केंद्र प्रभारियों का वेतन बाधित
धीमी गति से धान क्रय पर किया स्पष्टीकरण तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश के क्रम में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में संतोषजनक गति से धान क्रय नहीं करने पर धान क्रय केंद्र प्रभारी देसही देवरिया, पकड़ी बुजुर्ग, बैतालपुर बी, भटनी, भागलपुर तथा रुद्रपुर/गडेर के क्रय केंद्र प्रभारियों का वेतन बाधित कर दिया गया है। इन केंद्रों पर प्रभारी के तौर पर मार्केटिंग इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। सभी केंद्रों द्वारा सम्मिलित रूप से 15 दिनों में महज 40 क्विंटल धान का क्रय किया गया है। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
धीमी गति से धान क्रय करने पर केंद्रों पर तैनात कोआपरेटिव के 14 प्रभारी सचिवों का नवंबर माह का वेतन बाधित किया गया है। जिन प्रभारी सचिवों का वेतन बाधित किया गया है, उनमें साधन सहकारी समिति बैकुंठपुर, साधन सहकारी समिति खोराराम, साधन सहकारी समिति श्रीनगर बरडीहा, साधन सहकारी समिति रावतपार,साधन सहकारी समिति छपैली, साधन सहकारी समिति लक्ष्मीपुर, साधन सहकारी समिति रामनगर, साधन सहकारी समिति विशुनपुरा, साधन सहकारी समिति शिवपुर, साधन सहकारी समिति खोरीबारी, साधन सहकारी समिति भिंगारी, साधन सहकारी समिति कोडरा, साधन सहकारी समिति परसिया छितनी सिंह, साधन सहकारी समिति अनंतपुर शामिल हैं।
धान के दाम का 48 घंटे में भुगतान का दावा, किसान महसूस करे रहे ठगा
अभी तक 582 एमटी हो चुकी है खरीदारी, 187 किसानों ने बेचा धान 100 के भुगतान का किया जा रहा है दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। धान खरीदने के बाद 24 घंटे के भीतर भुगतान का दावा झूठा साबित हो रहा है। किसानों को भुगतान पाने के लिए एक सप्ताह से ऊपर के समय का इंतजार करना पड़ रहा है। हकीकत यह है कि किसान अपने आप को धान बेचने के बाद ठगा महसूस करने लगे हैं।
जिले के धान क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से खरीदारी तो हो रही है लेकिन समय से किसानों के रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। अभी तक 187 किसानों ने धन क्रय केंद्रों पर बेचा है। इसके कारण विभाग के आकंड़ों में 582 एमटी की खरीदारी दर्ज की गई है।
किसान राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि धान बेचने के करीब एक सप्ताह बाद भुगतान हुआ है। बीर बहादुर कुशवाहा ने बताया कि कई बार जाकर पूछने के बाद भुगतान नहीं हुआ है। समय रुपये न मिलने से किसानों के सामने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रमेश सिंह और अवनीश सिंह ने बताया कि धान तो बेच दिया गया लेकिन अभी रुपये नहीं मिले है। समझ में नहीं आ रहा है कि किसके पास शिकायत की जाए। केवल आश्वासन ही मिल रहा है। 24 घंटे के भीतर भुगतान का आदेश झूठा साबित हो रहा है।

कोट
किसानों का समय से भुगतान हो जा रहा है। अगर किसी को दिक्कत है तो वह शिकायत कर सकता है। जितने किसानों का धान खरीदा गया है। इसमें से पचास प्रतिशत से अधिक का भुगतान हो चुका है।
-भीमचंद्र, डिप्टी आरएमओ
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