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Deoria News: खिलाड़ी ढूंढ रहे फुटबॉल में प्रशिक्षक, तैनाती के दो माह बाद भी नहीं किया ज्वाइन
Wed, 31 May 2023 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 31 May 2023 12:19 AM IST
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युवा पेज के लिए प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय खेलों में शुमार माने जाने वाले फुटबॉल में प्रशिक्षक नहीं होने का दर्द स्पोर्ट्स स्टेडियम के खिलाड़ी झेल रहे हैं। कोरोना काल के बाद दो माह पहले जब नए प्रशिक्षक के तैनाती की खबर आई तो खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इधर दो माह बाद भी उनके ज्वाइन नहीं करने से अब वह खुशी काफूर हो गई है। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों को अब इस खेल में अपना भविष्य अंधकारमय ही दिख रहा है।
सत्र 2023-24 की शुरूआत में रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही खिलाड़ी अन्य खेलों की तरह फुटबॉल में भी प्रशिक्षक के रुप में अंबेडकरनगर निवासी संदीप कुमार सिंह की तैनाती की गई। हालांकि दो माह बीतने के बाद भी अभी तक उन्होंने यहां ज्वाइन ही नहीं किया है। तीन साल बाद यहां फुटबाॅल का प्रशिक्षण शिविर संचालित करने की इजाजत मिली थी, लेकिन प्रशिक्षक के नहीं आने से खिलाड़ियों का भविष्य अब अंधेरे में हैं। ऐसे में वह सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में किसी अन्य ग्राउंड या क्लब की ओर से खेल रहे हैं। प्रशिक्षक की कमी इन सभी को खल रही है।
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....स्पीकअप
स्टेडियम में कोरोना काल के बाद से ही फुटबाॅल में प्रशिक्षण बंद चल रहा है। ऐसे में अन्य जगहों पर सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में अभ्यास करना मजबूरी है।
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....पंकज, फुटबाल खिलाड़ी
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प्रशिक्षक नहीं रहने से गोरखपुर स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। अपने जिले में यह खेल सिखाने वाला कोई नहीं है। यहां के जिम्मेदार भी कोई पहल नहीं कर रहे हैं।
...अजय, फुटबाॅल खिलाड़ी
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जब प्रशिक्षक ही नहीं होगा तो जनपद में फुटबाॅल व इससे जुड़े खिलाड़ियों का भविष्य कैैसे बेहतर होगा। उच्चाधिकारियों को इसके बारे में सोचना चाहिए।
...शिवम, फुटबाल खिलाड़ी
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प्रशिक्षक खेल की तकनीक व खिलाड़ी के प्रदर्शन के दौरान बारीक नजर रखता है। उसकी कमी व मजबूत पक्ष को वही बताता है। जिले में फुटबाल की नर्सरी ही बंद हो चली है।
राकेश...फुटबाल खिलाड़ी
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जनपद से फुटबाल की नर्सरी को जिम्मेदारों ने खत्म कर दिया
देवरिया फुटबाल संघ के संयुक्त सचिव एवं बैतालपुर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय औरा चौरी में व्यायाम शिक्षक श्रीराम यादव कहते हैं कि जिले में खेल के विकास के लाख दावें किए जाएं, यहां के जिम्मेदारों ने फुटबाॅल की नर्सरी को खत्म कर दिया है। आलम यह है कि अब स्टेडियम में कोई खिलाड़ी नहीं दिख रहा है। यह स्थिति तब है, जब इस खेल को विश्व में सर्वाधिक पसंद किए जाने वाला खेल माना जाता है और खेलो इंडिया योजना के तहत देश से लेकर प्रदेश स्तर पर फुटबाॅल की स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हमारी टीम की रैंकिंग बेहतर हो। स्टेडियम में पूर्व में प्रशिक्षण दे चुके क्रांतिदेव यादव ने मंगलवार को बताया कि जब प्रशिक्षक ही नहीं होगा तो खेल कैसे आगे बढ़ेगा।
.......
दो माह पहले खेल निदेशालय ने फुटबाल में नए प्रशिक्षक की तैनाती की थी, हालांकि उनके अब तक ज्वाइन नहीं करने से यह प्रशिक्षण शिविर प्रभावित हो रहा है। इस खेल में जो भी सीखने के लिए आता है, उसे प्रशिक्षक नहीं होने के बारे में पहले ही बता दिया जाता है।
... राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। विश्व में सर्वाधिक लोकप्रिय खेलों में शुमार माने जाने वाले फुटबॉल में प्रशिक्षक नहीं होने का दर्द स्पोर्ट्स स्टेडियम के खिलाड़ी झेल रहे हैं। कोरोना काल के बाद दो माह पहले जब नए प्रशिक्षक के तैनाती की खबर आई तो खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। इधर दो माह बाद भी उनके ज्वाइन नहीं करने से अब वह खुशी काफूर हो गई है। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों को अब इस खेल में अपना भविष्य अंधकारमय ही दिख रहा है।
सत्र 2023-24 की शुरूआत में रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही खिलाड़ी अन्य खेलों की तरह फुटबॉल में भी प्रशिक्षक के रुप में अंबेडकरनगर निवासी संदीप कुमार सिंह की तैनाती की गई। हालांकि दो माह बीतने के बाद भी अभी तक उन्होंने यहां ज्वाइन ही नहीं किया है। तीन साल बाद यहां फुटबाॅल का प्रशिक्षण शिविर संचालित करने की इजाजत मिली थी, लेकिन प्रशिक्षक के नहीं आने से खिलाड़ियों का भविष्य अब अंधेरे में हैं। ऐसे में वह सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में किसी अन्य ग्राउंड या क्लब की ओर से खेल रहे हैं। प्रशिक्षक की कमी इन सभी को खल रही है।
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स्टेडियम में कोरोना काल के बाद से ही फुटबाॅल में प्रशिक्षण बंद चल रहा है। ऐसे में अन्य जगहों पर सीनियर खिलाड़ियों की देखरेख में अभ्यास करना मजबूरी है।
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....पंकज, फुटबाल खिलाड़ी
प्रशिक्षक नहीं रहने से गोरखपुर स्टेडियम में अभ्यास करते हैं। अपने जिले में यह खेल सिखाने वाला कोई नहीं है। यहां के जिम्मेदार भी कोई पहल नहीं कर रहे हैं।
...अजय, फुटबाॅल खिलाड़ी
जब प्रशिक्षक ही नहीं होगा तो जनपद में फुटबाॅल व इससे जुड़े खिलाड़ियों का भविष्य कैैसे बेहतर होगा। उच्चाधिकारियों को इसके बारे में सोचना चाहिए।
...शिवम, फुटबाल खिलाड़ी
प्रशिक्षक खेल की तकनीक व खिलाड़ी के प्रदर्शन के दौरान बारीक नजर रखता है। उसकी कमी व मजबूत पक्ष को वही बताता है। जिले में फुटबाल की नर्सरी ही बंद हो चली है।
राकेश...फुटबाल खिलाड़ी
जनपद से फुटबाल की नर्सरी को जिम्मेदारों ने खत्म कर दिया
देवरिया फुटबाल संघ के संयुक्त सचिव एवं बैतालपुर ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय औरा चौरी में व्यायाम शिक्षक श्रीराम यादव कहते हैं कि जिले में खेल के विकास के लाख दावें किए जाएं, यहां के जिम्मेदारों ने फुटबाॅल की नर्सरी को खत्म कर दिया है। आलम यह है कि अब स्टेडियम में कोई खिलाड़ी नहीं दिख रहा है। यह स्थिति तब है, जब इस खेल को विश्व में सर्वाधिक पसंद किए जाने वाला खेल माना जाता है और खेलो इंडिया योजना के तहत देश से लेकर प्रदेश स्तर पर फुटबाॅल की स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि हमारी टीम की रैंकिंग बेहतर हो। स्टेडियम में पूर्व में प्रशिक्षण दे चुके क्रांतिदेव यादव ने मंगलवार को बताया कि जब प्रशिक्षक ही नहीं होगा तो खेल कैसे आगे बढ़ेगा।
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दो माह पहले खेल निदेशालय ने फुटबाल में नए प्रशिक्षक की तैनाती की थी, हालांकि उनके अब तक ज्वाइन नहीं करने से यह प्रशिक्षण शिविर प्रभावित हो रहा है। इस खेल में जो भी सीखने के लिए आता है, उसे प्रशिक्षक नहीं होने के बारे में पहले ही बता दिया जाता है।
... राज नारायण प्रसाद, क्रीड़ाधिकारी