{"_id":"651b903b24042adf590f524c","slug":"deoria-murder-news-never-seen-or-heard-of-such-a-big-massacre-in-land-dispute-biggest-incident-so-far-2023-10-03","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"देवरिया नरसंहार: जमीन विवाद में अभी तक न देखा और न कभी सुना था इतना बड़ा हत्याकांड, अब तक की सबसे बड़ी वारदात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवरिया नरसंहार: जमीन विवाद में अभी तक न देखा और न कभी सुना था इतना बड़ा हत्याकांड, अब तक की सबसे बड़ी वारदात
Tue, 03 Oct 2023 11:45 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 03 Oct 2023 11:45 AM IST
सार
देवरिया में जमीन विवाद में पहले पूर्व जिला पंचायत सदस्य की हत्या की गई, फिर प्रतिशोध में दंपती और तीन बच्चों को मौत के घाट उतार दिया गया। एक बेटा गंभीर रूप से घायल है। फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोला में सोमवार की सुबह दिल दहलाने वाली वारदात हुई।
विज्ञापन
देवरिया में हत्या: मौके पर पुलिस फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली इलाके के लेहड़ा टोला की घटना जिले की अब तक की सबसे बड़ी वारदात है। अभी तक जिलेवासियों ने दोहरा, तिहरा और चार लोगों की हत्या भूमि के विवाद में सुनी थी, लेकिन एक की हत्या के बाद प्रतिशोध में पांच लोगों की हत्या कभी नहीं हुई थी।
लेहड़ा टोला में प्रेम यादव की हत्या के बाद प्रतिशोध वश सत्यप्रकाश दुबे सहित परिवार के पांच लोगों की हत्या से पूरा जिला सहम गया है। अफसर और पुलिस कर्मी सभी सकते में आ गए। जो जहां सुना वह सन्न रह गया, क्योंकि इस तरह के नरसंहार की घटना जिले में नहीं हुई थी।
केवल लोगों के जुबां पर हादसा होने पर सुनने को मिलता था कि इतनी संख्या में लोग मर गए। इससे पहले 1998 में नागपंचमी के दिन बरहज थाना क्षेत्र के पैना गांव में भूमि के विवाद में राधेश्याम तिवारी और उनके तीन पुत्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
यह घटना जिले की सबसे बड़ी घटना मानी जाती है। 2017 में रुद्रपुर कोतवाली के सरौरा के पास भूमि के विवाद में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक गोली बगल में खेत की सिंचाई कर रहे शुकुल चौहान के पुत्र रामप्रवेश उर्फ कोहली (25 वर्ष) के सीने में जा धंसी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
लेहड़ा टोला में प्रेम यादव की हत्या के बाद प्रतिशोध वश सत्यप्रकाश दुबे सहित परिवार के पांच लोगों की हत्या से पूरा जिला सहम गया है। अफसर और पुलिस कर्मी सभी सकते में आ गए। जो जहां सुना वह सन्न रह गया, क्योंकि इस तरह के नरसंहार की घटना जिले में नहीं हुई थी।
विज्ञापन
केवल लोगों के जुबां पर हादसा होने पर सुनने को मिलता था कि इतनी संख्या में लोग मर गए। इससे पहले 1998 में नागपंचमी के दिन बरहज थाना क्षेत्र के पैना गांव में भूमि के विवाद में राधेश्याम तिवारी और उनके तीन पुत्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
विज्ञापन
यह घटना जिले की सबसे बड़ी घटना मानी जाती है। 2017 में रुद्रपुर कोतवाली के सरौरा के पास भूमि के विवाद में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें अंधाधुंध फायरिंग के बीच एक गोली बगल में खेत की सिंचाई कर रहे शुकुल चौहान के पुत्र रामप्रवेश उर्फ कोहली (25 वर्ष) के सीने में जा धंसी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इलाज के दौरान इंद्रजीत को जिला अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सत्यप्रकाश ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। इसी तरह नवंबर 2023 में बरहज थाना क्षेत्र के चकरा नोनार गांव में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में दो सगे भाइयों की हत्या हो गई थी। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र की घटना के बाद एक बार फिर से भूमि विवाद के चक्कर में हुईं बड़ी घटनाएं सोमवार को लोगों के जेहन में कौंधने लगी थीं।
जमीन विवाद में एक परिवार की पांच लोगों समेत छह की हत्या
आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी।
सबसे छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है। मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों त्वरित सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके बाद दोपहर होते-होते प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार हेलीकॉप्टर से देवरिया पुलिस लाइंस पहुंच गए।
दल-बल के साथ दोनों उच्चाधिकारियों ने लेहड़ा टोला में घटनास्थल का निरीक्षण किया। यहां पीड़ित दोनों परिवारों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
देवरिया के फतेहपुर के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव (45) का उसी गांव के लेड़हा टोला निवासी सत्यप्रकाश दूबे से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश ने अपने हिस्से की दस बीघा जमीन प्रेमचंद यादव को बैनामा कर दी है। विवाद की जड़ यह जमीन ही है जिसपर एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में चल रहा है।
सोमवार की सुबह प्रेमचंद यादव बाइक से अपने खेतों का मुआयना करने गए थे। इसके बाद वह लेड़हा टोले पर सत्यप्रकाश दूबे के घर मुकदमे में सुलह-समझौते की बात करने चले गए। बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि सत्यप्रकाश और उनके घर के लोगों ने प्रेमचंद यादव पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या की सूचना मिलने पर प्रेमचंद के घर और टोले के लोगों ने लाठी-डंडे और असलहे लेकर सत्यप्रकाश के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने सत्यप्रकाश (50), उनकी पत्नी किरन (48), बेटी सलोनी (18), नंदनी (8) और पुत्र गांधी (15) को लाठी-डंडे से पीटकर कर और गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी।
वहीं, दस साल का पुत्र अनमोल बुरी तरह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया। पुलिस ने सत्यप्रकाश दूबे के घर में से एक-एक कर पांच शवों को बाहर निकाला और पूर्व जिला पंचायत सदस्य के शव को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गांव में तनाव को देखते हुए थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। मंडलायुक्त अनिल डिंगरा, आईजी गोरखपुर परिक्षेत्र जे रविंद्र गौड़, जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी घटनास्थल पर कैंप किए हुए हैं।