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Deoria News: पथरदेवा टेंडर मामले की सीआरओ व वरिष्ठ कोषाधिकारी करेंगे जांच
Wed, 14 Oct 2026 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। नगर पंचायत पथरदेवा के जिस टेंडर को लेकर बवाल मचा है, उसकी जांच के लिए डीएम ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) और वरिष्ठ कोषाधिकारी को शामिल किया गया है। ये दोनों अफसर टेंडर से संबंधित कागजों की जांच करेंगे।
मुख्यमंत्री नगर सृजन कार्यक्रम समेत कई योजनाओं से करीब सात करोड़ रुपये के विकास कार्य पथरदेवा नगर पंचायत में होना है। इसके लिए नौ अक्तूबर को करीब चार करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्य का टेंडर खुलना था।
इससे एक दिन पहले आठ अक्तूबर की रात में पथरदेवा के ईओ व चेयरमैन और ठेकेदाररें के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में दोनों पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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ईओ हिमांशु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि टेंडर एक दिन पहले खोलने के लिए ठेकेदार उन पर दबाव बना रहे थे। वहीं ठेकेदारों ने अपनी तहरीर में यह आरोप लगाया था कि ईओ ने टेंडर खुलने से पहले पथरदेवा चेयरमैन क्रांति सिंह से मिलकर आने को कहा। इस विवाद के चलते टेंडर अभी तक नहीं खुला है।
अब डीएम ने टेंडर से जुड़े अभिलेखों की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी को नामित किया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ हत्या की कोशिश और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है, उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध करा दिया है। इसे लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस की विवेचना और कार्रवाई के अलग-अलग मानकों को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी और पुलिस पूरे प्रकरण में उठ रहे इन सवालों का क्या जवाब देती है।
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देवरिया। नगर पंचायत पथरदेवा के जिस टेंडर को लेकर बवाल मचा है, उसकी जांच के लिए डीएम ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) और वरिष्ठ कोषाधिकारी को शामिल किया गया है। ये दोनों अफसर टेंडर से संबंधित कागजों की जांच करेंगे।
मुख्यमंत्री नगर सृजन कार्यक्रम समेत कई योजनाओं से करीब सात करोड़ रुपये के विकास कार्य पथरदेवा नगर पंचायत में होना है। इसके लिए नौ अक्तूबर को करीब चार करोड़ रुपये के प्रस्तावित कार्य का टेंडर खुलना था।
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इससे एक दिन पहले आठ अक्तूबर की रात में पथरदेवा के ईओ व चेयरमैन और ठेकेदाररें के बीच मारपीट हुई थी। इस मामले में दोनों पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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ईओ हिमांशु प्रताप सिंह ने आरोप लगाया था कि टेंडर एक दिन पहले खोलने के लिए ठेकेदार उन पर दबाव बना रहे थे। वहीं ठेकेदारों ने अपनी तहरीर में यह आरोप लगाया था कि ईओ ने टेंडर खुलने से पहले पथरदेवा चेयरमैन क्रांति सिंह से मिलकर आने को कहा। इस विवाद के चलते टेंडर अभी तक नहीं खुला है।
अब डीएम ने टेंडर से जुड़े अभिलेखों की जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी को नामित किया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ हत्या की कोशिश और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है, उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस ने सुरक्षा के लिए गनर उपलब्ध करा दिया है। इसे लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस की विवेचना और कार्रवाई के अलग-अलग मानकों को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी और पुलिस पूरे प्रकरण में उठ रहे इन सवालों का क्या जवाब देती है।