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क्राइम छुपाने से कंट्रोल नहीं होगा : एसपी
देवरिया
Updated Wed, 17 May 2017 10:58 PM IST
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राजीव मल्होत्रा।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया (ब्यूरो)। बुधवार को नवागत एसपी राजीव मल्होत्रा सुबह दस बजे कार्यालय पहुंचकर जनता की शिकायतें सुनीं। फरियादियों की संख्या और हर छोटे-छोटे मामले में एसपी तक शिकायत उन्हें अखर गई। पुलिस लाइंस में पहली प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि थाने में पीड़ितों की सुनवाई नहीं हो रही है। यहीं वजह है कि दूरदराज से जनता को एसपी कार्यालय तक पहुंच रही है। कुछ ऐसी शिकायतें आई, जिनका निपटारा थाने स्तर तक हो जाना चाहिए। लेकिन एसओ ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे थानेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
बतौर पीपीएस अधिकारी राजीव मल्होत्रा मूलरुप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। जेएनयू में उन्होंने पढ़ाई की। वर्ष 2007 में प्रमोशन के बाद आईपीएस हुए। एसपी सिटी, बरेली, मुजफ्फरपुर और लखनऊ में अपने सेवाएं दीं। हरदोई, बलरामपुर में एसपी रहे चुके हैं। देवरिया से पहले एसपी यातायात लखनऊ के पद पर थे। बतौर एसपी यूपी 100 की जिम्मेदारी संभाली। राजीव मल्होत्रा ने कहा कि देवरिया महत्वपूर्ण जिला है। बिहार बॉर्डर से सटा है। जनता की अपेक्षा पुलिस से ज्यादा है। एसओ के काम में क्वालिटी होनी चाहिए।
लोकतंत्र में पुलिस पर दबाव रहेगा। लेकिन ईमानदारी से काम करेंगे तो कोई प्रेशर काम नहीं करेगा। मीडिया का इस्तेमाल पुलिस करें, क्योंकि सूचना उनके पास पुलिस से पहले पहुंचती है। क्राइम छुपाने से कंट्रोल नहीं होगा उसे शेयर करें। थानेदार का सीयूजी नंबर नहीं उठना लापरवाही की श्रेणी में है। शिकायत मिली तो पहले कार्रवाई की जाएगी।
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बतौर पीपीएस अधिकारी राजीव मल्होत्रा मूलरुप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं। जेएनयू में उन्होंने पढ़ाई की। वर्ष 2007 में प्रमोशन के बाद आईपीएस हुए। एसपी सिटी, बरेली, मुजफ्फरपुर और लखनऊ में अपने सेवाएं दीं। हरदोई, बलरामपुर में एसपी रहे चुके हैं। देवरिया से पहले एसपी यातायात लखनऊ के पद पर थे। बतौर एसपी यूपी 100 की जिम्मेदारी संभाली। राजीव मल्होत्रा ने कहा कि देवरिया महत्वपूर्ण जिला है। बिहार बॉर्डर से सटा है। जनता की अपेक्षा पुलिस से ज्यादा है। एसओ के काम में क्वालिटी होनी चाहिए।
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लोकतंत्र में पुलिस पर दबाव रहेगा। लेकिन ईमानदारी से काम करेंगे तो कोई प्रेशर काम नहीं करेगा। मीडिया का इस्तेमाल पुलिस करें, क्योंकि सूचना उनके पास पुलिस से पहले पहुंचती है। क्राइम छुपाने से कंट्रोल नहीं होगा उसे शेयर करें। थानेदार का सीयूजी नंबर नहीं उठना लापरवाही की श्रेणी में है। शिकायत मिली तो पहले कार्रवाई की जाएगी।
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