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Deoria News: एक साल बाद भी नहीं सुलझ सकी अशोक गावंडे की मौत की गुत्थी
Tue, 06 Oct 2026 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:15 AM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल स्थित पानी की टंकी में महाराष्ट्र निवासी अशोक गावंडे का शव मिले करीब एक साल होने को है मगर पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी कि उनकी हत्या किसने और क्यों की और शव को टंकी तक कैसे पहुंचाया गया।
आठ जांच टीमों ने पड़ताल की, करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली गई। सुरक्षाकर्मियों से लेकर मरीजों और तीमारदारों तक से पूछताछ के बावजूद मामला अभी रहस्य बना हुआ है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ वार्ड में भर्ती मरीजों और तीमारदारों के बयान लिए। इसके बाद एक सुरक्षाकर्मी समेत कुछ लोग संदेह के घेरे में आए।
20 से अधिक सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ हुई। एसओजी और सर्विलांस समेत आठ टीमें जांच में लगीं और महाराष्ट्र तक पड़ताल की गई।
पत्नी, साले, डॉक्टरों, नर्सों, कर्मचारियों और अन्य लोगों समेत करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई। 20 से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। गोरखपुर से देवरिया तक उनके पहुंचने और मेडिकल कॉलेज आने की कड़ियां जोड़ने का प्रयास हुआ, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
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जांच में मेडिकल कॉलेज के ऊपरी हिस्सों में सीसीटीवी कवरेज की कमी भी बड़ी बाधा बनी। वार्ड से निकलने के बाद अशोक की गतिविधियों की पूरी तस्वीर कैमरों में दर्ज नहीं हो सकी।
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आठ जांच टीमों ने पड़ताल की, करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली गई। सुरक्षाकर्मियों से लेकर मरीजों और तीमारदारों तक से पूछताछ के बावजूद मामला अभी रहस्य बना हुआ है।
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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ वार्ड में भर्ती मरीजों और तीमारदारों के बयान लिए। इसके बाद एक सुरक्षाकर्मी समेत कुछ लोग संदेह के घेरे में आए।
20 से अधिक सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ हुई। एसओजी और सर्विलांस समेत आठ टीमें जांच में लगीं और महाराष्ट्र तक पड़ताल की गई।
पत्नी, साले, डॉक्टरों, नर्सों, कर्मचारियों और अन्य लोगों समेत करीब 250 लोगों से पूछताछ हुई। 20 से अधिक मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। गोरखपुर से देवरिया तक उनके पहुंचने और मेडिकल कॉलेज आने की कड़ियां जोड़ने का प्रयास हुआ, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
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जांच में मेडिकल कॉलेज के ऊपरी हिस्सों में सीसीटीवी कवरेज की कमी भी बड़ी बाधा बनी। वार्ड से निकलने के बाद अशोक की गतिविधियों की पूरी तस्वीर कैमरों में दर्ज नहीं हो सकी।