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सभी संक्रमितों को सेंट्रल एकेडमी भेजा गया, राजकीय निर्माण निगम ने कराया है निर्माण
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17 करोड़ के भवन में पानी नहीं, शौचालय भी जाम
कोरोना मरीज पहुंचे तो खुली पोल
देवरिया। करोड़ों की लागत से बना 100 बेड वाला मैटरनिटी विंग भवन सिर्फ दिखावा है। खराब कंट्रक्शन के कारण भवन की खामियां उजागर हुई हैं। शौचालय और पेयजल की सप्लाई प्रभावित होने से कोरोना मरीजों को सेंट्रल एकेडमी में भेजना पड़ा।
जिला महिला अस्पताल कैंपस में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राजकीय निर्माण निगम ने 17 करोड़ की लागत से 100 बेड का मैटरनिटी विंग भवन का निर्माण कराया गया। कागज में सब कुछ ठीक कर आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग को भवन कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर कर दिया, जिसमें जिला महिला अस्पताल की ओपीडी शुरू हो गई। डीएम के निर्देश पर इसे कोविड-19 अस्पताल बनाया गया। कोरोना के 100 मरीजों को इसमें रखा गया। भवन में पानी की सप्लाई नहीं होने और शौचालय जाम होने से नाराज मरीजों ने कई बार हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार को संक्रमितों को आनन फानन में सेंट्रल एकेडमी भेजा गया। सेंट्रल एकेडमी में 250 से अधिक संक्रमितों को रखा गया है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि मैटरनिटी विंग का शौचालय जाम हो गए हैं और जलापूर्ति की व्यवस्था भी बेहतर नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को सेंट्रल एकेडमी स्थित कोविड - 19 अस्पताल भेजा गया है।
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कोरोना मरीज पहुंचे तो खुली पोल
देवरिया। करोड़ों की लागत से बना 100 बेड वाला मैटरनिटी विंग भवन सिर्फ दिखावा है। खराब कंट्रक्शन के कारण भवन की खामियां उजागर हुई हैं। शौचालय और पेयजल की सप्लाई प्रभावित होने से कोरोना मरीजों को सेंट्रल एकेडमी में भेजना पड़ा।
जिला महिला अस्पताल कैंपस में करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राजकीय निर्माण निगम ने 17 करोड़ की लागत से 100 बेड का मैटरनिटी विंग भवन का निर्माण कराया गया। कागज में सब कुछ ठीक कर आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग को भवन कार्यदायी संस्था ने हैंडओवर कर दिया, जिसमें जिला महिला अस्पताल की ओपीडी शुरू हो गई। डीएम के निर्देश पर इसे कोविड-19 अस्पताल बनाया गया। कोरोना के 100 मरीजों को इसमें रखा गया। भवन में पानी की सप्लाई नहीं होने और शौचालय जाम होने से नाराज मरीजों ने कई बार हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसे ठीक करने का प्रयास किया गया, लेेकिन सफलता नहीं मिली। मंगलवार को संक्रमितों को आनन फानन में सेंट्रल एकेडमी भेजा गया। सेंट्रल एकेडमी में 250 से अधिक संक्रमितों को रखा गया है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि मैटरनिटी विंग का शौचालय जाम हो गए हैं और जलापूर्ति की व्यवस्था भी बेहतर नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को सेंट्रल एकेडमी स्थित कोविड - 19 अस्पताल भेजा गया है।
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