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Deoria News: प्रारंभिक जांच में बीएसए दोषी, डीएम ने की निलंबन की संस्तुति
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देवरिया। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह खुदकुशी मामले में जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव दोषी पाई गई हैं। डीएम दिव्या मित्तल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए के निलंबन व विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में एसडीएम सदर और जिला विद्यालय निरीक्षक को सदस्य बनाया गया था। जांच समिति ने पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सोमवार देर शाम डीएम को सौंप दी।
जांच आख्या में सामने आया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद करीब एक वर्ष तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आदेश के अनुपालन में देरी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण परिस्थितियां प्रतिकूल बनीं, जिससे यह दुखद घटना घटित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने बीएसए के निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति प्रेषित कर दी है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरोपी पटल सहायक संजीव सिंह को पहले ही तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा चुका है। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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डीएम दिव्या मित्तल ने कहा है कि प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले में पारदर्शी व निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम के निर्देश पर सीडीओ राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में एसडीएम सदर और जिला विद्यालय निरीक्षक को सदस्य बनाया गया था। जांच समिति ने पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सोमवार देर शाम डीएम को सौंप दी।
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जांच आख्या में सामने आया कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद करीब एक वर्ष तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि आदेश के अनुपालन में देरी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण परिस्थितियां प्रतिकूल बनीं, जिससे यह दुखद घटना घटित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने बीएसए के निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति प्रेषित कर दी है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरोपी पटल सहायक संजीव सिंह को पहले ही तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा चुका है। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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डीएम दिव्या मित्तल ने कहा है कि प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले में पारदर्शी व निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।