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Deoria News: बैंड-बाजा, बरात तैयार...पेट्रोल पंपों पर छूट रहा पसीना
Tue, 28 Apr 2026 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 28 Apr 2026 11:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत ने इस बार शादी वाले घरों में एक नई टेंशन दे दी है। जिन्हें बेटे की बरात लेकर जानी है, उनकी सबसे बड़ी चिंता गाड़ियों में डीजल-पेट्रोल भरवाने की है तो वहीं जिनके घर बरात आनी है, वे जनरेटर के डीजल को लेकर परेशान हैं। खाना पकाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर की चिंता दोनों पक्ष में समान रूप से है।
सहालग शुरू होते ही रसोई गैस सिलिंडर के लिए जिला पूर्ति कार्यालय पर भीड़ जुटने लगी। अब तक करीब तीन हजार घरों से सिलिंडर के लिए आवेदन आ चुके हैं। करीब एक हजार लोगों को अस्थायी कामर्शियल सिलिंडर का कनेक्शन दिया गया है। लेकिन, भीड़ कम नहीं हो रही है।
जिनके घर शादी है वे तो परेशान हैं ही, कैटरिंग का काम करने वाले भी सिलिंडर के लिए परेशान हैं। क्योंकि जिनकी शादियां होटलों में है, वहां कैटरर को ही सारे इंतजाम करने हैं। हलवाई लकड़ी या कोयले का चूल्हा जलाने को तैयार नहीं हैं और सिलिंडर मिल नहीं रहा है।
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जैसे-तैसे गैस सिलिंडर का इंतजाम चल रहा था, तब तक डीजल-पेट्रोल के बाद सीएनजी की भी किल्लत होने लगी। देवरिया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर भी सीएनजी के लिए लंबी-लंबी कतार लग रही है।
बरात जाने के लिए जिन गाड़ियों की बुकिंग है, वे पेट्रोल-डीजल या सीएनजी भराने को कह रहे हैं और पंप ड्राई हैं। शहर के एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार की दोपहर में आधा किलोमीटर लंबी कतार थी। सभी गाड़ियां शादियों में बुक थीं। दोपहर में ही उनमें सीएनजी भरवाने के लिए लाइन लगवाई गई थी।
ईंधन की किल्लत से मेहमान भी परेशान : जिनके घर शादी है, वे तो डीजल-पेट्रोल के लिए परेशान हैं हीं, जिन्हें निमंत्रण में जाना है, उनकी मुश्किलें भी कम नहीं हैं।
कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें एक ही दिन कई घरों में शादी के निमंत्रण में शामिल होना है, लेकिन डीजल-पेट्रोल की किल्लत के चलते कई जगह पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। ऐसे में संबंध खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जो लोग समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे भी इसके लिए डीजल-पेट्रोल को ही दोषी ठहरा रहे हैं।
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देवरिया। डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत ने इस बार शादी वाले घरों में एक नई टेंशन दे दी है। जिन्हें बेटे की बरात लेकर जानी है, उनकी सबसे बड़ी चिंता गाड़ियों में डीजल-पेट्रोल भरवाने की है तो वहीं जिनके घर बरात आनी है, वे जनरेटर के डीजल को लेकर परेशान हैं। खाना पकाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर की चिंता दोनों पक्ष में समान रूप से है।
सहालग शुरू होते ही रसोई गैस सिलिंडर के लिए जिला पूर्ति कार्यालय पर भीड़ जुटने लगी। अब तक करीब तीन हजार घरों से सिलिंडर के लिए आवेदन आ चुके हैं। करीब एक हजार लोगों को अस्थायी कामर्शियल सिलिंडर का कनेक्शन दिया गया है। लेकिन, भीड़ कम नहीं हो रही है।
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जिनके घर शादी है वे तो परेशान हैं ही, कैटरिंग का काम करने वाले भी सिलिंडर के लिए परेशान हैं। क्योंकि जिनकी शादियां होटलों में है, वहां कैटरर को ही सारे इंतजाम करने हैं। हलवाई लकड़ी या कोयले का चूल्हा जलाने को तैयार नहीं हैं और सिलिंडर मिल नहीं रहा है।
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जैसे-तैसे गैस सिलिंडर का इंतजाम चल रहा था, तब तक डीजल-पेट्रोल के बाद सीएनजी की भी किल्लत होने लगी। देवरिया शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर भी सीएनजी के लिए लंबी-लंबी कतार लग रही है।
बरात जाने के लिए जिन गाड़ियों की बुकिंग है, वे पेट्रोल-डीजल या सीएनजी भराने को कह रहे हैं और पंप ड्राई हैं। शहर के एक पेट्रोल पंप पर मंगलवार की दोपहर में आधा किलोमीटर लंबी कतार थी। सभी गाड़ियां शादियों में बुक थीं। दोपहर में ही उनमें सीएनजी भरवाने के लिए लाइन लगवाई गई थी।
ईंधन की किल्लत से मेहमान भी परेशान : जिनके घर शादी है, वे तो डीजल-पेट्रोल के लिए परेशान हैं हीं, जिन्हें निमंत्रण में जाना है, उनकी मुश्किलें भी कम नहीं हैं।
कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें एक ही दिन कई घरों में शादी के निमंत्रण में शामिल होना है, लेकिन डीजल-पेट्रोल की किल्लत के चलते कई जगह पहुंच ही नहीं पा रहे हैं। ऐसे में संबंध खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जो लोग समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे भी इसके लिए डीजल-पेट्रोल को ही दोषी ठहरा रहे हैं।